Surya Grahan 2018: 16 फरवरी को सूर्यग्रहण, इन राशियों की पलटेगी किस्मत जबकि 5 का हो सकता है नुकसान,बचने के लिए करें ये उपाय

16 फरवरी को साल का दूसरा ग्रहण और पहला सूर्यग्रहण लगने वाला है।

By: दीपेश तिवारी

Published: 10 Feb 2018, 02:21 PM IST

भोपाल। ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में हमेशा रहता है। हर दिन बदलते हुए ग्रहों की चाल से कभी दिन अच्छा रहता है तो कभी खराब। वहीं ग्रहण के दौरान या उसके बाद होने वाले बदलाव हमें काफी ज्यादा प्रभावित करने वाले माने जाते हैं।
इसी के तहत 16 फरवरी को साल का दूसरा ग्रहण और पहला सूर्यग्रहण Surya Grahan 2018लगने वाला है। इस संबंध में ज्योतिषों का मानना है कि ये ग्रहण इन नौ राशियों के जातकों के लिए परेशानी खड़ी करेगा।

ग्रहण समय:
यह ग्रहण 15 फरवरी (गुरुवार)की रात 12.25 मिनट से लगेगा जो कि सुबह प्रात: 4.18 तक रहेगा। ऐसे में यह 16 फरवरी को लगेगा, पर भारत में रात होने के कारण यह यहां दिखाई नहीं देगा। ज्योतिषों के मुताबिक भले ही यह बाहर के देशों में दिखेगा लेकिन इसका असर भारत surya grahan 2018 me kab hai में भी सभी राशियों पर पड़ेगा।

इन बातों पर खासतौर से करें अमल...
इस वक़्त यह समझना बहुत ज़रूरी है कि मानसिक दुश्मन आपके शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता को बहुत कम कर देते हैं। इसलिए नकारात्मक विचारों को अपने दिमाग़ में जगह न बनाने दें। मनोरंजन और सौन्दर्य में इज़ाफ़े पर ज़रुरत से ज़्यादा वक़्त न ख़र्च करें। बेकार का वाद-विवाद परिवार में तनाव का माहौल पैदा कर सकता है। याद रखें कि वाद-विवाद से हासिल जीत दरअसल जीत नहीं होती और उससे किसी के दिल को क़तई नहीं जीता जा सकता है। जहां तक हो सके, अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर इससे बचें। अपने से बड़ों की बातें ग़ौर से सुनें और समस्याओं को हल करने के लिए ठण्डे दिमाग़ से सोचें।

15 दिनों के अंतराल दूसरा ग्रहण...
लगभग 15 दिनों के अंतराल पर साल 2018 का दूसरा ग्रहण देखने को मिलेगा। 16 फरवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण surya grahan 2018 पड़ने जा रहा है। इससे पहले पिछले महीने की 31 जनवरी को चंद्रग्रहण हुआ था। जो पूरे भारत में दिखाई दिया था। इस साल पूरे 3 सूर्यग्रहण पडे़गा। साल का पहला सूर्य ग्रहण 15 फरवरी को पड़ेगा।

भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण 12 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा लेकिन भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा। ग्रहण का मोक्ष सुबह 4 बजे होगा। सूर्य ग्रहण दक्षिण जार्जिया, प्रशांत महासागर, चिली, ब्राजील और अंटार्कटिका आदि देशों में दिखाई देगा।

ये सूर्यग्रहण तोड़ देगा राहु केतु का चक्र...
वहीं पंडित सुनील शर्मा का यह भी कहना है कि इससे पूर्व आकाश मंडल में सभी ग्रहों के राहू-केतु के बंदी होने के चक्र को भी सूर्य ही तोड़ेगा, जिसके चलते करीब एक सप्ताह यानि 16 फरवरी तक पैदा होने वाले जातकों पर कालसर्प के प्रभाव बना रहा। वहीं अब इसके बाद पैदा होने वाले जातकों पर ऐसा कोई प्रभाव सामने नहीं आएगा।

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वहीं पंडित सुनील शर्मा का यह भी कहना है कि इस सूर्य ग्रहण के कारण 16 फरवरी के बाद कुछ राशियों पर इसका नकारात्मक असर सामने आएगा, जबकि कुछ राशियों की किस्मत के दरवाजे पूरी तरह से खुल जाएंगे...
1. मेष-सूर्य ग्रहण के कारण मेष राशि वालों का कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। इनकम बढ़ेगी। व्यवसाय में उत्तम लाभ होगा।

2. वृष-कार्य क्षेत्र में व्यस्त रहेंगे। जिसकी वजह से नौकरी में सम्मान बना रहेगा। व्यवसाय में विस्तार होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। 16 फरवरी के बाद वृष राशि वालों के लिए धन कमाने के कई मौके मिलेंगे।

3. मिथुन-पारिवारिक विवाद से बचें। विरोधी शांत रहेंगे। व्यावसायिक लाभ सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य नरम रहेगा। हालांकि आने वाले समय में कुछ परेशानियां बढ़ सकती है।
4. कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह ग्रहण 16 फरवरी के बाद शुभ समाचार मिलेगा। करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। व्यवसाय में धन लाभ बढ़ेगा। मित्र से भेंट होगी जिसकी वजह से किसी नए प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने की संभावना रहेगी।

5. सिंह-भू संपत्ति का अटका कार्य बनेगा। व्यय पर नियंत्रण रखें। व्यवसाय में लाभ कम होगा। स्वास्थ्य नरम रहेगा। कानूनी विवाद में उलझ सकते हैं। 16 फरवरी के बाद किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं इसलिए सावधानी बरतें।

6. कन्या- कन्या राशि वालों के लिए यह ग्रहण आने वाला समय अनुकूल रहेगा। कार्य क्षेत्र में विस्तार संभव है। अटके धन की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में लाभ बढ़ेगा। घर में खुशी होगी। विदेशी की यात्रा कर सकते हैं।
7. तुला- ग्रहण के बाद आपका मन विचलित हो सकता है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। पैसों के मामले में नुकसान उठाना पड़ सकता है। सावधानी बरतें।

8. वृश्चिक- मन अशांत रहेगा। कानूनी परेशानी से मुक्ति मिलेगी। व्यवसाय में सुधार आएगा। धर्म में श्रद्धा बढ़ेगी।

9. धनु- दिनमान प्रतिकूल रहेगा। अजनबी से सचेत रहें। व्यावसायिक निर्णय सोच समझकर लें। घर में शांति रहेगी।
10. मकर-कार्यक्षेत्र में नया पदभार मिल सकता है। भू संपत्ति से लाभ के अवसर मिलेंगे। व्यावसायिक लाभ बढ़ेगा।

11. कुंभ-भोग विलास के साधनों पर व्यय होगा। नौकरी में मन लगेगा। व्यवसाय में धन लाभ होगा। धैर्य बनाए रखें।

12. मीन-उत्साह में वृद्धि होगी। नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे।व्यवसाय में लाभ होगा।संतान पक्ष से चिंता रहेगी।

2018 में कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
ग्रहण एक ऐसा शब्द है जिसके नाम से ही नकारात्मकता झलकती है। एक प्रकार के संकट का आभास होता है, लगता है जैसे कुछ अनिष्ट होगा। ग्रहण एक खगोलीय घटना मात्र नहीं हैं एक और जहां इसका वैज्ञानिक महत्व है तो दूसरी और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह एक आध्यात्मिक घटना होती है जिसका जगत के समस्त प्राणियों पर काफी प्रभाव पड़ता है। विशेषकर सूर्य ग्रहण एवं चंद्र ग्रहण का।

साल 2018 में तीन सूर्य ग्रहण लगेंगें। हालांकि यह आंशिक ग्रहण होंगे। आइये जानते हैं कब कब यह सूर्य ग्रहण लगेंगे और कहां कहां इन्हें देखा जा सकेगा। साथ ही इस लेख में आप जानेंगें कि सूर्य ग्रहण के दौरान क्या-क्या सावधानियां आपको रखनी चाहिये। ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने व अपने जीवन को समृद्ध बनाने के लिये सूर्य ग्रहण के समय अपनी कुंडली के अनुसार ज्योतिषीय उपाय भी किये जाते हैं।

कब लगता है सूर्यग्रहण...
वैज्ञानिकों के अनुसार जब पृथ्वी चंद्रमा व सूर्य एक सीधी रेखा में हों तो उस अवस्था में सूर्य को चांद ढक लेता है जिस सूर्य का प्रकाश या तो मध्यम पड़ जाता है या फिर अंधेरा छाने लगता है इसी को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

कितने प्रकार का होता है सूर्य ग्रहण
1. पूर्ण सूर्य ग्रहण - जब पूर्णत: अंधेरा छाये तो इसका तात्पर्य है कि चंद्रमा ने सूर्य को पूर्ण रूप से ढ़क लिया है इस अवस्था को पूर्ण सूर्यग्रहण कहा जायेगा।

2. खंड या आंशिक सूर्य ग्रहण - जब चंद्रमा सूर्य को पूर्ण रूप से न ढ़क पाये तो तो इस अवस्था को खंड ग्रहण कहा जाता है। पृथ्वी के अधिकांश हिस्सों में अक्सर खंड सूर्यग्रहण ही देखने को मिलता है।

3. वलयाकार सूर्य ग्रहण - वहीं यदि चांद सूरज को इस प्रकार ढके की सूर्य वलयाकार दिखाई दे यानि बीच में से ढका हुआ और उसके किनारों से रोशनी का छल्ला बनता हुआ दिखाई दे तो इस प्रकार के ग्रहण को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्यग्रहण की अवधि भी कुछ ही मिनटों के लिये होती है। सूर्य ग्रहण का योग हमेशा अमावस्या के दिन ही बनता है।

2018 में कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
वर्ष 2018 में पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा पहली बार 16 फरवरी को आयेगा इस बार सूर्य ग्रहण का योग इसी दिन बनेगा। 2018 का दूसरा सूर्यग्रहण 13 जुलाई को तो तीसरा 11 अगस्त को लगेगा। हालांकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा।

कहां कहां दिखाई देगा सूर्यग्रहण
2018 में वैसे तो तीन सूर्य ग्रहण हैं जिनमें से पहला 16 फरवरी को दूसरा और तीसरा सूर्यग्रहण तो लगातार हैं। आंशिक तौर पर लगने वाले ये तीनों सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखे जा सकेंगें हालांकि दुनिया अन्य कई हिस्सों में इन्हें देखा जा सकेगा।

सूर्य ग्रहण पर ये रखें सावधानियां...
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण काल के समय खाना न खांए न ही कुछ पीयें, प्रभु का स्मरण करते हुए पूजा, जप, दान आदि धार्मिक कार्य करें। इस समय नवग्रहों का दान करना भी लाभकारी रहेगा। जो विद्यार्थी अच्छा परिणाम चाहते हैं वे ग्रहण काल में पढाई शुरु न करें बल्कि ग्रहण के समय से पहले से शुरु कर ग्रहण के दौरान करते रहें तो अच्छा रहेगा।

घर में बने पूजास्थल को भी ग्रहण के दौरान ढक कर रखें। ग्रहण से पहले रात्रि भोज में से खाना न ही बचायें तो अच्छा रहेगा। यदि दुध, दही या अन्य तरल पदार्थ बच जांयें तो उनमें तुलसी अथवा कुशा डालकर रखें इससे ग्रहण का प्रभाव उन पर नहीं पड़ेगा। ग्रहण समाप्ति पर पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल का छिड़काव करें, देव मूर्ति को भी गंगाजल से स्नान करवायें व तदुपरांत भोग लगायें।


वर्ष 2018 में कुल पांच ग्रहण लग रहे है : 3 सूर्य ग्रहण और 2 चन्द्र ग्रहण...
Chandra Grahan – चन्द्र ग्रहण 2018

पहला चन्द्र ग्रहण: 31 जनवरी , 2018

दूसरा चन्द्र ग्रहण: 27-28 जुलाई , 2018

Surya Grahan – सूर्य ग्रहण 2018 :—

पहला सूर्य ग्रहण: 15-16 फरवरी , 2018

दूसरा सूर्य ग्रहण: 13 जुलाई , 2018

तीसरा सूर्य ग्रहण: 11 अगस्त , 2018

दीपेश तिवारी
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