50 रुपए में तैयार हो रहा था 300 रुपए वाला मावा, 15 जिलों में चल रही नकली दूध की फैक्ट्रियां

50 रुपए में तैयार हो रहा था 300 रुपए वाला मावा, 15 जिलों में चल रही नकली दूध की फैक्ट्रियां

KRISHNAKANT SHUKLA | Updated: 22 Jul 2019, 08:59:43 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

दूध और मावे में मिलावट करने वालों का हर जिले में नेटवर्क, दलालों के जरिए बड़े शहरों की शादी-पार्टियों में खपाया जा रहा था ‘जहर’

भोपाल. भिंड-मुरैना में नकली दूध ( Synthetic milk ) और मावा बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के बाद एसटीएफ ने रविवार को प्रदेशभर में छापेमारी कर 20 और लोगों को हिरासत में लिया। इनसे खुलासा हुआ कि 15 जिलों में भी नकली दूध, मावा, पनीर की फैक्ट्रियां चल रही हैं।

गिरफ्तार एजेंटों ने बताया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना और उज्जैन के बड़ी होटलों में शादी, पार्टी में नकली माल खपाने की तैयारी थी। एसटीएफ ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। गिरफ्तार लोगों के नाम जाहिर नहीं किए हैं। एजेंसी ने संदेह जताया कि भोपाल में नकली दूध का धंधा चल रहा है। एसटीएफ सोमवार को इस मामले में खुलासे कर सकती है।

प्रदेशभर में 50 से ज्यादा प्रतिष्ठान सीज

एसटीएफ ने रविवार को भिंड और मुरैना की तीनों फैक्ट्रियों को सील कर कब्जे में लिया है। इन्हें कच्चा मटेरियल सप्लाई करने वाले 50 अन्य आरोपियों की दुकानों को भी कब्जे में लिया है। सभी जगह ताले लगाकर जांच की जा रही है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

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एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान फैक्ट्रियों में काम करने वाले कुछ लोग फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। एसटीएफ के मुताबिक फैक्ट्रियों के कर्मचारियों का रेकॉर्ड तलब किया गया है। इस रेकॉर्ड के अनुसार कौन, कब से क्या काम कर रहा था, इसकी छानबीन की जाएगी।

टारगेट: शादियों के सीजन में 28 टैंकर नकली दूध-मावा खपाने की थी तैयारी
शिकंजा: प्रदेशभर से हुई भिंड-मुरैना के सप्लायर्स गिरफ्तार, 50 से ज्यादा प्रतिष्ठान सीज
आशंका: भोपाल में भी प्रतिष्ठित कंपनियों के सप्लायर्स पर संदेह, एसटीएफ करेगी खुलासा

50 रुपए में तैयार हो रहा था 300 रुपए वाला मावा
300 रुपए किलो बिकने वाले नकली पनीर की लागत 30 से 35 रुपए आती है

राजधानी में अमला मनाता रहा छुट्टी

खाद्य एवं औषधि प्रशासन का विभागीय अमला राजधानी में रविवार की छुट्टी मनाता रहा। केवल एक दिन की कार्रवाई कर के चुप बैठ गया। उधर, संयुक्त नियंत्रक डीके नागेंद्र नेतृत्व में टीम ने रविवार को मुरैना के हरिशंकर शर्मा डेयरी संचालक के यहां छापा मारा।

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यहां 500 किलो पनीर मिला,जिसके सैंपल लिए गए। वहीं शिव सिंह गुर्जर के चिलिंग सेंटर पर भी टीम ने कार्रवाई की। यहां से दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल लैब भेजा है। यह टीम भिंड-मुरैना के अलावा हर दिन अलग-अलग जिलों में भी कार्रवाई करेगी।

पहले जागे होते तो नहीं करनी पड़ती मशक्कत
टीमों का गठन, जिलों में अफसर रवाना

खाद्य विभाग भिंड-मुरैना की टीम ने अन्य जगह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल फैक्ट्रियों, छोटी दुकानों पर रविवार को जांच की। मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि नियंत्रक ने भिंड-मुरैना और ग्वालियर में दूध, मावा-पनीर एवं अन्य उत्पादों की जांच के लिए आठ सदस्यीय टीम का गठन कर तीनों जिलों के अंदरूनी क्षेत्रों में भेजा है।

टीम में फूड सिक्योरिटी ऑफिसर अवनीश गुप्ता (मुरैना), राकेश अहीरवाल (दमोह), राजेश राय (सागर), जितेंद्र सिंह राणा (शिवपुरी), रवि शिवहरे (ग्वालियर), लोकेंद्र सिंह (ग्वालियर) सूंम धर्मेंद्र जैन (मुरैना) की टीम को तीनों जिलों में तैनात किया है। यहां अलग-अलग जगह छापे मार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्पेशल डीजी ने सभी एसपी को लिखा पत्र

स्पेशल डीजी एसटीएफ पुरुषोत्तम शर्मा ने प्रदेश के सभी एसपी को सिंथेटिक दूध व मावा पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। इसमें निर्देशित किया गया है कि नकली दूध व मावे की फैक्ट्री पर खाद्य विभाग के अमले के साथ कार्रवाई की जाए।

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आय से अधिक संपत्ति होगी राजसात

सिंथेटिक दूध, मावा व पनीर की कार्रवाई के दरमियान पकड़े गए आरोपियों की संपत्ति की जांच की जाएगी। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर राजसात की कार्रवाई होगी। यह जांच भी होगी कि इन पर किन रसूखदारों का हाथ था। अन्य कौन से लोग जुड़े हैं।

सैंपल की दो स्तर पर फॉरेंसिक जांच होगी

आरोपी बच नहीं सकें, इसके लिए पुलिस जब्त सैंपल की दो स्तर पर फॉरेंसिक जांच कराएगी। एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि सीज फैक्ट्री से जो सैंपल लिए हैं, उनकी जांच में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई है।

नेटवर्क: 20% कमीशन पर हर जिले में दलाल

प्रदेश में इस गोरखधंधे से जुड़े लोगों का नेटवर्क है, जो हर जिले में मांग के अनुसार सिंथेटिक दूध-मावा-पनीर उपलब्ध करा रहा है। इसके लिए जिला स्तर पर दलालों को नियुक्त किया गया है, जो स्थानीय कैटरर्स से मिलकर शादी-जलसे, पार्टियों में दूध, मावा सप्लाई का आर्डर लेते हंै। दलाल को 20 फीसदी कमीशन दिया जाता है।

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