भोपाल. शिक्षक दिवस पर पत्रिका हमारे पाठकों को रूबरू करा रहा हंै ऐसे दो शिक्षकों से जो रोजाना बच्चों में शिक्षा की अलख जगाने के अपने धर्म को निभाने के लिए परेशानियों से दो-दो हाथ करते हैं पर हार नहीं मानते। विपरीत हालातों का डटकर सामना करते हैं और ग्रामीण अंचल में बच्चों को पढ़ाने जाते हैं। ऐसे शिक्षकों की तपस्या की बदौलत ही स्कूलों को ‘विद्या का मंदिर’ का कहा जाता है।

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