MP Politics latest news 15jan: जानिये कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्यों करवाया मुंडन- देखें वीडियो और कांग्रेस नेताओं के बयान

शिक्षकों वाला मुद्दा सामने आते ही कांग्रेस से उसे छपटते हुए भाजपा पर अपने प्रहार तेज कर दिए हैं।

By: दीपेश तिवारी

Published: 15 Jan 2018, 01:40 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के चुनाव की तिथि नजदीक आते ही दोनों बड़ी राजनैतिक पार्टियों में आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। इसी बीच शिक्षकों के मांगों को लेकर बीच में कूद आने से कांग्रेस भी उनके साथ आकर भाजपा के विरोध में शामिल हो गई है।

जानकारों का मानना है चुनाव नजदीक होने से कोई भी पार्टी मौका छोड़ना नहीं चाहती, इसी के चलते शिक्षकों वाला मुद्दा सामने आते ही कांग्रेस से उसे छपटते हुए भाजपा पर अपने प्रहार तेज कर दिए हैं। वहीं इसी बीच नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह शिक्षकों के मुंडन को लेकर सरकार पर प्रहार करते हुए कहा है कि भाजपा के 14 साल की हकीकत अब उजागर होने लगी है।
इसके बाद सोमवार को कांग्रेस सीधे तौर पर शिक्षकों के समर्थन मे उतर आई है, इसके तहत सोमवार को रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिक्षकों की देखा देखी उनके समर्थन में अपना मुंडन तक करवा लिया है।

दरअसल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले दिनों अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर भोपाल में मुंडन कराकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जंबूरी मैदान में अध्यापक संगठन के सैकड़ों महिला और पुरूषों ने मुंडन कराकर शिक्षा विभाग में संविलयन की मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे दिए।
इधर, महिलाओं के मुंडन को लेकर बीजेपी प्रवक्ता राजो मालवीय ने अपने बयान में कहा कि महिलाओं को मुंडन कराना मर्यादा के खिलाफ है। महिलाओं को अपनी मांगे मर्यादा में रखनी चाहिए। अध्यापकों का कहना है कि सरकार उनके साथ दोहरा व्यवहार कर रही है।

शिक्षकों की ये हैं मांगे...
ये हैं प्रमुख मांगे : शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए , विसंगत रहित छठवां वेतनमान समान एक सितंगर 2013 से प्रदान किया जाए , सातवां वेतनमान दिया जाए , 2005 के पूर्व नियुक्त अध्यापक संवर्ग को पुरानी पेंशन प्रणाली का लाभ प्रदान किया जाए। क्रमोन्नति में पदोन्नति का वेतन प्रदान किया जाए। अनुकम्पा नियुक्ति के नियमों को शिथिल कर, चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति की पात्रता प्रदान की जाए।

अध्यापक संवर्ग को बंधन रहित स्थानांतरण नीति प्रदान किया जाए। नवीन पेंशन प्रणाली अन्तर्गत 18 माह का अंशदान अभी तक जमा नहीं किया गया है तत्काल जमा किया जाए एवं अंशदान हर माह जमा करने की व्यवस्था की जाए। महिला अध्यापक को संतान पालन अवकाश प्रदान किया जाए। गुरुजी को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान किया जाए। राज्य शिक्षा सेवा का गठन किया जाए।

दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन और छठे वेतनमान की राशि एक मुश्त देने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के अध्यापकों ने पूर्व में शाहजहानी पार्क में प्रदर्शन किया था। इसके पहले 40 अध्यापक एक साथ आमरण अनशन कर चुके हैं। भरत पटेल ने बताया कि को सरकार को एक दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो स्कूलों की तालाबंदी से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन होगा। इसके चलते डीईओ कार्यालय से लेकर वल्लभ भवन तक तालाबंदी की तैयारी है।

कांग्रेस नेता अजय सिंह बोले 13 जनवरी को हुए 3 अपशकुन:
पिछले दिनों सरकार की वादाखिलाफी को लेकर महिला अध्यापकों ने मुंडन करवाकर विरोध जताया। जिसके बाद से अध्यापकों का इस तरह विरोध प्रदर्शन करने का मामला गरमाया हुआ। वहीं कांग्रेस भी कोई मौका छोड़े बिना लगातार सरकार पर हमला बोल रही है। इसी के चलते नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने शिक्षकों के मुंडन को लेकर सरकार पर प्रहार करते हुए कहा है कि भाजपा के 14 साल की हकीकत अब उजागर होने लगी है।

उन्होंने कहा कि 13 जनवरी की तीन घटनाएं मकर संक्रांति के पूर्व संध्या पर घटित होना वह शिवराज सरकार के लिए अशुभ एवं शर्मनाक होने का संकेत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का भविष्य गढ़ने वाले अध्यापकों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में सिर मुंडवाने विशेषकर महिलाओं द्वारा करवाना और नौकरी से निकाले जाने के बाद एक मलेरिया कार्यकर्ता द्वारा अपनी शादी के कार्ड में यह लिखा जाना की "हमारी भूल कमल का फूल।" दूसरी ओर एकात्म यात्रा का जो कार्यक्रम मुख्यमंत्री निवास पर हुआ, उसमें पूरे शहर में जितने होर्डिंग्स लगे थे उससे कम लोग का मौजूद होना शिवराज सरकार के लिए अशुभ है, जो बताता है कि लोग भाजपा के शासन से तंग हो चुके हैं| मुख्यमंत्री के प्रति आम जनता में खत्म होते विश्वास के बाद जनता उन्हें बाहर करे, उन्हें स्वयं पद छोड़ देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीएम को क्या अपनी बहनों द्वारा सिर मुंडवाने की घटना से अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि एक नारी का सबसे बड़ा श्रंगार उसके बाल होते हैं। अगर एक नारी उसे कटवाने का निर्णय ले तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिवराज सरकार के प्रति लोगों में कितना गुस्सा है।

 

कांग्रेस नेता कमलनाथ का हमला:
मध्य प्रदेश में अध्यापकों का आंदोलन और दिव्यांगों का धरना प्रदर्शन जहां एक ओर सरकार के लिए मुश्किल बन गया है। वहीं कांग्रेस की ओर से लगातार सरकार पर हो रहे हमले भी भाजपा को परेशान किए हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस सांसद कमलनाथ ने एक बार फिर शिवराज सरकार को निशाने पर लिया है|
कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है| उन्होंने लिखा है "आनंद उत्सव सप्ताह, महिलाओं को लेकर " मन की बात ", छात्रों से प्रेरणा संवाद करने वाली सरकार के मुंह पर महिला अध्यापकों सहित अन्य अध्यापकों का अपनी वाजिब मांगो को लेकर सामूहिक मुंडन कराना ,दिव्यांगो का आमरण अनशन ,करारा तमाचा व इन अभियानो की वास्तविकता उजागर"...

इधर, दिव्यांगों ने फिर दिया अल्टीमेटम : वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार के आश्वासन से खफा दिव्यांगों का धरना 29 वे दिन भी जारी है| दिव्यांगों ने सरकार को एक बार फिर 22 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है| 23 जनवरी से फिर आमरण अनशन की तैयारी की जायेगी| भोपाल के नीलम पार्क में धरने पर बैठे दिव्यांगों को पुलिस-प्रशासन ने शनिवार रात धरनास्थल से जबरन उठा दिया था। अधिकारी यहां तीन दिन से अनशन कर रहे तीन दिव्यांगों को उपचार के लिए ले जाने पहुंचे थे। लेकिन सुबह फिर दिव्यांग वापस लौट आये और धरना जारी रखा |

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