तकनीकी पेंच ने रोकी मुफ्त राशन की राह

-----------------------
- सितंबर के 7 दिन में 39 शिकायतें दर्ज, 5 में सुधार भी हुआ, कहीं डिस्प्ले खराब तो कही स्कैनर
-----------------------

[email protected]भोपाल। प्रदेश में तकनीकी पेचीदगियों और लापरवाही ने अनेक जगह मुफ्त राशन की राह फिलहाल रोक दी है। दरअसल, सितंबर के महीने में अनेक राशन की दुकानों पर पीओएस मशीन खराब हो गई है। कहीं पर पीओएस मशीन की बैटरी खराब हुई है, तो कहीं पर डिस्प्ले खराब हो गया है। जबकि कही पर बायोमैट्रिक स्कैनर खराब हो गया है। इससे राशन बांटने में दिक्कत होने लगी है। खास ये कि सितंबर के केवल सात दिन में ही प्रदेश में 39 जगह से यह शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें केवल पांच का निपटारा अभी तक हो पाया है। बाकी 24 जगह सुधार नहीं हुआ है। सिर्फ 7 दिन में 39 शिकायतों के कारण इन जगहों पर स्थितियां गड़बड़ाई हैं। हालांकि इन्हें सुधारने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं।
------------------------
क्या है दिक्कत-
दरअसल, प्रदेश में सरकारी राशन की दुकान पर मुफ्त व सस्ता राशन पात्र हितग्राहियों को दिया जाता है। इस दायरे में फिलहाल सूबे के करीब 5.55 करोड़ लोग आते हैं। इन्हें राशन देने के लिए पीओएस मशीन पर थंब इम्प्रेशन लिया जाता है। इस वेरीफिकेशन के बाद ही राशन दिया जाता है, लेकिन पीओएस मशीनों में तकनीकी खराबी की शिकायतें अचानक बढ़ गई है। विभाग के आनलाइन मॉड्यूल पर सात दिन में 39 शिकायतेे हैं। जिनमें से महज 5 का निपटारा मंगलवार शाम 6 बजे तक हो पाया है। यदि पीओएस मशीन चालू नहीं होती है, तो राशन वितरण प्रभावित रहेगा।
-------------------------
इस तरह की दिक्कतें दर्ज-
- पीओएस मशीन की बैटरी खराब, चार्ज नहीं हो रही।
- मशीन का डिस्प्ले बोर्ड व प्लेट खराब हुए।
- मशीन का बायोमैट्रिक स्कैनर खराब हो गया।
- कीबोर्ड-मोबाइलाइजेशन काम नहीं कर रहे।
- लॉगिन काम नहीं कर रहा। तकनीकी एरर आया।
---------------------
कहां से कितनी शिकायतें दर्ज-
जिला- शिकायत
छतरपुर- 07
राजगढ़- 04
मंदसौर- 04
श्योपुर- 03
देवास- 03
होशंगाबाद- 03
छिंदवाड़ा- 03
खरगौन - 02
बालाघाट- 02
नीमच- 02
हरदा- 02
भोपाल- 01
शहडोल- 01
विदिशा- 01
जबलपुर- 01
-------------------------

जीतेन्द्र चौरसिया Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned