टेक्नो फ्रेंडली तूर्यनाद 10 सितंबर से 

टेक्नो फ्रेंडली तूर्यनाद 10 सितंबर से 

मैनिट में यूथ के लिए हिन्दी का बड़ा कार्यक्रम, शिरकत करेंगे देशभर के 7 हजार स्टूडेंट्स...

भोपाल। यह धारणा आम हो गई है कि देश में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है। आज का युवा युवा अपनी संस्कृति और साहित्य से सरोकार नहीं रखता। लेकिन इस दौर में भी यह साबित करने वाले कई उदाहरण सामने आ जाते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है। मैनिट के स्टूडेंट्स की ओर से आयोजित होने जा रहा हिंदी का बड़ा कार्यक्रम तूर्यनाद-16 इसकी बानगी है। यह आयोजन बताता है कि युवा अपने देश की संस्कृति और साहित्य का न केवल सम्मान करता है, बल्कि पूरे विश्व में उसे बढ़ाने में अपनी ओर से हर संभव कोशिश भी कर रहा है। इस पहल को देशभर में सराहा जा रहा है। 

bhopal

तूर्यनाद-16 का आयोजन 10 से 12 सितंबर तक होगा। इसमें देशभर के टेक्नीकल और नॉन टेक्नीकल स्टूडेंट्स शिरकत कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस इवेंट में न केवल हिंदीभाषी बल्कि कन्नड़, मलयालम, तमिल जैसी भाषाओं को    बोलने वाले भी योगदान दे रहे हैं। आईआईटी, एनएलआईयू, जेएलयू, एनआईटी, एम्स जैसे टॉप कॉलेज के स्टूडेंट्स इसमें पार्टिसिपेट करने वालेे हैं। इस  बार तूर्यनाद को हिंदी से टेक्नोलॉजी को जोड़ा गया है। 

बाहुबली में भी किया है काम

मैं आंध्रप्रदेश से हूं। फिल्म बाहुबली में वीडियो एडिटिंग की है। इस हिन्दी फेस्टिवल के लिए हिन्दी सीखी। हिंदी टाइपिंग सीखी। तूर्यनाद का कोई भी वीडियो पहली बार रिलीज किया गया है।
-शीतल चंद्रा, वीडियो एडिटर और मैनिट स्टूडेंट

4 स्टूडेंट्स से हुए 4000

करीब 10 साल से हिंदी पखवाड़ा नाम से एक कार्यक्रम हो रहा था। इसमें 4-5 प्रतिभागी आते थे। फस्र्ट, सैकेंड, थर्ड के अलावा दो को सांत्वना पुरस्कार दे दिया जाता था। हिंदी की टीम में होना उस समय शर्म का विषय था। इसलिए मैंने सविता मैम के साथ मिलकर दूसरे कॉलेज को भी जोड़कर एक ऐसा इवेंट करने की सोची ताकि हिंदी स्टूडेंट्स को शर्म का विषय न लगे। अगले साल मेरे जूनियर श्रद्धा मंडलोई और रिचा संदर्भ ने इस इवेंट को आगे ले जाने में बहुत मेहनत की। 4-5 स्टूडेंट्स से अब यह संख्या बढ़कर 4-5 हजार हो गई है।
रितेश गोयल 'आर्य',  तूर्यनाद के संस्थापक (2012 पासआउट स्टूडेंट)

परीक्षा के आधार पर किया जाता है

तीन दिन के इस कार्यक्रम के लिए पूरे साल भर तैयार होती है। कमेटी के सदस्यों के लिए पहले रिटन टेस्ट के जरिए बच्चों का सलेक्शन किया जाता है। फिर उनका ग्रुप डिसकसन और पर्सनल इंटरव्यूय राउंड होता है। जहां उन्हें उनकी साहित्यिक समझ, शुद्ध हिंदी आदि के आधार पर जज किया जाता है। हिंदी की प्रतियोगिताएं तो पहले भी होती थीं, लेकिन टेक्नीकल स्टूडेंट्स का पार्टिसिपेशन तूर्यनाद के शुरू होने के बाद ही बढ़ा है।

सविता दीक्षित, राजभाषा समिति की प्रभारी


होंगे ये इवेंट्स

अखिल भारतीय नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता, अखिल भारतीय समूह नृत्य प्रतियोगिता, अखिल भारतीय समूह गायन प्रतियोगिता, अखिल भारतीय युवा कवि सम्मलेन, भारतीय परिधानिका, अखिल भारतीय संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता, छात्र संसद, रचनात्मक लेखन, भारत मंथन पर, प्रश्नमंच, खिचड़ी, आशु भाषण, सृजन, चक्रव्यूह ।

टेक्नोलॉजी का हिस्सा बन गई हिंदी 

ऑडिशन ऑनलाइन रखे गए हैं। वॉट्सएप, गूगल ड्राइव और यूट्यूब से वीडियो भेजे जा सकते हैं। हर इवेंट के लिए एक अलग पोस्टर डिजाइन किया गया है और उस पर एक बार कोड दिया गया है। इसे मोबाइल से स्कैन करने पर डायरेक्ट उस इवेंट की लिंक ओपन हो जाएगी।

* फेसबुक पर तूर्यनाद के  पेज पर करीब 11 हजार लाइक्स हैं और अफगानिस्तान, पाकिस्तान जैसे दूसरे देशों के लोग भी इससे जुड़े़ हैं।
* हर रात 9 बजे फेसबुक पर करीब 300-400 स्टूडेंट्स एक साथ एक जैसा कवर पेज चेंज करते हैं। उस समय सबसे ज्यादा लोग ऑनलाइन रहते हैं।
* फेसबुक ने कुछ समय पहले ही फोटो कॉलोजल का फीचर लॉन्च किया है। इसमें एक साथ सारे इवेंट्स को रखकर स्क्रॉल किया जा सकता है। इसका भी इस्तेमाल किया है। एंड्रॉयड फोन के लिए पोटो कैनवास के जरिए तूर्यनाद का पूरा प्रजेंटेशन अपलोड किया जा सकता है। 

आचार्य विद्यासागर होंगे आइकॉन

bhopal

इस बार तूर्यनाद में एक व्याख्यान आचार्य विद्यासागर का भी रखा गया है। वे हिंदी के बारे में स्टूडेंट्स से चर्चा करेंगे। तूर्यनाद का पूरा कार्यक्रम मैनिट परिसर में होगा। सिर्फ यह व्याख्यान विद्यासागर जी महाराज के आवास स्थान पर होगा। 

शंख की ध्वनि

तूर्यनाद का अर्थ होता है 'शंख की ध्वनि'। भारतीय संस्कृति में हर शुभ काम की शुरुआत शंख बजाकर की जाती है और यह युवाओं को हिंदी से जोडऩे की पहल है। इसलिए इसे 'तूर्यनाद' नाम दिया गया।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned