telemedicine : इस नई तकनीक से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे डॉक्टर करेंगे इलाज, कागजों से भी मिलेगा छुटकारा

शहर के पहले संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ, टेलिमेडिसिन से जयपुर से जुड़ेंगे सभी क्लीनिक

By: praveen shrivastava

Published: 08 Dec 2019, 02:07 AM IST

भोपाल. शहर के पहले संजीवनी क्लीनिक का शनिवार को शुभारंभ किया गया। वार्ड 46 के प्रियदर्शिनी नगर में शुरू हुए क्लीनिक का उद्देश्य लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों में जेपी अस्पताल या हमीदिया अस्पताल जाने से बचाना है। क्लीनिक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां सामान्य उपचार के साथ गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों का इलाज जयपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक करेंगे। दरअसल इन क्लीनिक को टेलीमेडिसिन के माध्यम से जयपुर मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जा रहा है। क्लीनिक का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति, जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने किया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर डहेरिया ने बताया कि क्लीनिक में सामान्य मरीजों के साथ गंभीर बीमारी का उपचार भी संभव होगा। टेलीमेडिसिन के माध्यम से जयपुर मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक क्लीनिक मेें मौजूद चिकित्सक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा कर मरीजों का उपचार करेंगे। मंत्री शर्मा ने बताया कि जल्द ही शहर में 28 और संजीवनी क्लीनिक की शुरुआत की जाएगी।

कागज का नहीं इस्तेमाल
क्लीनिक में कहीं भी कागज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होगा। मरीजों के पर्चे से लेकर जांच रिपोर्ट सब ऑनलाइन की जाएंगी। पूरा काम टैबलेट से होगा। सभी संजीवनी क्लीनिक को जेपी और हमीदिया अस्पताल से जोड़ा जाएगा। अगर कोई मरीज संजीवनी क्लीनिक से दूसरे अस्पताल रेफर होता है तो उसे अपने साथ कागजात ले जाने की जरूरत नहीं होगी। उसके सारे दस्तावेज ऑनलाइन दूसरे अस्पताल में दिख जाएंगे।

व्यवस्थाएं ऐसी हों कि वीआईपी भी आएं
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पास में ही चार इमली क्षेत्र है। क्लीनिक में व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए जिससे चार इमली में रहने वाले अधिकारी भी यहां इलाज कराने आएं।

ऐसी होगी क्लीनिक
यहां सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक इलाज मिलेगा। क्लीनिक में मेडिकल ऑफिसर के साथ फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम, लैब टेक्निशियन और मल्टी टास्क वर्कर की टीम उपलब्ध रहेगी। यहां हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, प्लेटलेट काउंट, सीबीसी, ईएसआर, ब्लड ग्रुप, पेरीफेरल ब्लड फि ल्म, यूरिन, डेंगू, मलेरिया, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, थायराइड, शुगर, एसजीपीटी, एसजीओटी, ब्लीडिंग टाइम और क्लॉटिंग टाइम और यूरिक एसिड समेत 68 प्रकार की जांचें की जाएंगी और 120 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहेंगी ।

praveen shrivastava Reporting
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