कोरोना काल से रखी दिवंगतों की अस्थियां, समितियों ने गंगा, नर्मदा में कराया विसर्जन

पितृपक्ष में दिवंगतों को मोक्ष दिलाने के लिए विश्राम घाट समितियों की पहल

By: Rohit verma

Published: 27 Sep 2021, 01:05 AM IST

भोपाल. कोरोना काल में कई लोग असमय ही इस दुनिया को छोड़कर चले गए। शहर के विश्राम घाटों में कोरोना काल के कई दिवंगतों की अस्थि कलश रखे हुए थे, जिन्हें मोक्ष का इंतजार था। परिजन किसी कारणवश अस्थि कलश लेकर नहीं जा पाए। ऐसे अस्थि कलशों को मोक्ष दिलाने के लिए विश्राम घाट समितियां आगे आई है। सुभाष नगर विश्राम घाट से 57 अस्थि कलश होशंगाबाद भेजे गए जहां विधिविधान के साथ कलशों का विसर्जन कराया गया, वहीं दूसरी ओर भदभदा से 115 कलश गंगा में प्रवाहित करने के लिए इलाहबाद भेजे हैं।

अस्थि कलश लेकर रथ होशंगाबाद रवाना
सुभाष नगर विश्राम घाट और संस्कार सेवा समिति की ओर से 57 अस्थि कलश विसर्जन के लिए होशंगाबाद रवाना हुए। एक रथ में अस्थि कलश रखे हुए थे और कई चार पहिया वाहन यात्रा में शामिल थे। शहर के विभिन्न मार्गों से होतेे हुए यह यात्रा होशंगाबाद के लिए रवाना हुई, जहां विधिवत मंत्रोच्चार के साथ अस्थि कलशों का विसर्जन किया गया। सुभाष नगर विश्राम घाट के शोभराज सुखवानी ने बताया कि कोरोना काल में कई परिजन किसी कारणवश या जानकारी के अभाव में अपने पूर्वजों की अस्थियां नहीं ले जा पाए थे। ऐसे कलशों का विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया।

इलाहाबाद के लिए भेजे अस्थि कलश
भ दभदा विश्राम घाट में भी आर्थिक रूप से कमजोर परिवार और वैश्विक महामारी कोरोना के समय में मृतक देहों की अस्थियां जिन्हें उनके परिजन लंबे समय से विश्राम घाट से नहीं ले गए थे। उन अस्थियों को पूर्ण विधि विधान से पंडितों द्वारा पूजा कराकर भदभदा से समाजसेवी आरके पासी, रविंद्र कृष्णन और जीवनलाल साहू के माध्यम से इलाहाबाद गंगा नदी में प्रवाहित करने के लिए भेजा गया। विश्राम घाट के सचिव ममतेश शर्मा ने बताया कि विश्राम घाट से कुल 115 अस्थि कलश भेजे गए। इसमें 35 भदभदा विश्राम घाट और शेष कोलार व खंडवा के विश्राम घाट से संग्रहित किए गए हैं।

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Rohit verma Desk
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