ये हैं कांग्रेस की नई रणनीति, ऐसे पाएंगे मिशन 2018 का लक्ष्य

जान फूंकने की मशक्कत के तहत इन पूरानी स्थितियों को लाएगें वापस करेंगे हर स्तर पर दौरे।

By: दीपेश तिवारी

Published: 11 Dec 2017, 10:33 AM IST

भोपाल. मध्यप्रदेश में सुस्त कांग्रेस में नई जान फूंकने की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी ने नाराज और असंतुष्टों को साधने के साथ ही घर बैठ चुके कांग्रेसियों पर फोकस किया है। प्रयास है कि बूथ तक पार्टी कार्यकर्ता एक्टिव नजर आएं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर सोमवार से दौरा शुरू कर रहे हैं। प्रभारी सचिव जुबेर खान भी जल्द ही मध्यप्रदेश आएंगे।
राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए एआईसीसी ने काम शुरू किया है। प्रदेश प्रभारी और प्रभारी सचिवों से भी प्रदेश पर अधिक से अधिक फोकस करने को कहा गया है। नई व्यवस्था के तहत उन्हें माह में कम से कम एक हफ्ते तो प्रभार के प्रदेश में देना होगा।

 

इसी को ध्यान में रखकर ये अपने कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी संजय कपूर सोमवार से जिलों का दौरा शुरू कर रहे हैं। वे 11 दिसम्बर को सुबह नौ बजे होशंगाबाद, दोपहर तीन बजे बैतूल और अगले दिन 12 दिसम्बर को हरदा पहुंचकर जिला कांग्रेस पदाधिकारियों, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक लेंगे।

भोपाल एजेंडा पर भी होगी चर्चा
पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया और प्रभारी सचिवों संजय कपूर, जुबेर खान ने पीसीसी पदाधिकारियों, जिला, ब्लॉक वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों, विधायकों की बैठक में तैयार एजेंडा के क्रियान्वयन की रिपोर्ट भी ली जाएगी। बूथ व मंडल कमेटियों की स्थिति उनकी सक्रियता को भी देखा जाएगा। दौरे में वर्तमान पदाधिकारियों के साथ पूर्व विधायकों, पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं से चर्चा होगी।

 

इधर, भाजपाई कम ही पहुंचा पा रहे 'दिल से' 'मन की बात'
भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर महीने रेडियो पर होने वाली 'मन की बात' को भाजपा केंद्रीय संगठन ने प्रदेश के हर मंडल पर सुनाने का फरमान जारी किया था, लेकिन प्रदेश में अब 'मन की बात' इक्का-दुक्का जगह ही नजर आ रही है।
भाजपा ने यह निर्देश जारी किए थे कि हर मंडल में रेडियो लगाकर कार्यकर्ताओं और आम जनता को 'मन की बात' सुनाएं। इसके लिए हर मंडल अध्यक्ष को नियुक्त किया गया था। शुरुआत में तो खासा उत्साह रहा और जगह-जगह 'मन की बात' रेडियो से सुनाई गई, लेकिन अब कुछ स्थानों को छोड़ कर पीएम की 'मन की बात' को नहीं सुनाया जा रहा है।
उधर, सीएम शिवराज सिंह चौहान की शुरू हुई रेडियो वार्ता 'दिल से' भी जनता तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। शुरुआत में भाजपा के कई बड़े नेताओं ने इस रेडियो कार्यक्रम को लोगों के बीच बैठकर सुना था और इसके प्रचार का काम किया था, लेकिन रविवार को हुए मुख्यमंत्री के रेडियो कार्यक्रम को लेकर भोपाल में भाजपा के किसी भी बड़े नेता ने सार्वजनिक चौपाल नहीं लगाई।

दीपेश तिवारी
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