script युवतियां बोली जो नशा और दहेज से दूर रहते हो ऐसे परिवारों से ही जोड़ेंगे रिश्ते, समाज के लोगों ने भी लिया कुरीतियों को दूर करने का संकल्प | The girls said that they will establish relations only with such famil | Patrika News

युवतियां बोली जो नशा और दहेज से दूर रहते हो ऐसे परिवारों से ही जोड़ेंगे रिश्ते, समाज के लोगों ने भी लिया कुरीतियों को दूर करने का संकल्प

locationभोपालPublished: Feb 05, 2024 09:54:32 pm

- नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ का परिचय सम्मेलन, 400 से अधिक ने दिया परिचय

- पहले 290 ने कराया था पंजीयन, मौके पर 100 से अधिक पंजीयन

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अहिरवार समाज की ओर से आयोजित परिचय सम्मेलन में कई परिवारों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ

भोपाल. श्यामला हिल्स िस्थत हिंदी भवन में नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ की ओर से युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न स्थानों से समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों और परिजनों ने भाग लिया। इस मौके पर युवक-युवतियों के साथ-साथ कई अभिभावकों ने भी मंच पर आकर परिचय दिया और अपनी पसंद नापसंद बताई।
समझदार, शिक्षित हो जीवनसाथी

सम्मेलन के दौरान समाज की युवतियों ने भी बेबाकी से अपना परिचय दिया। अधिकांश युवतियों का कहना था कि जो नशे से दूर रहता हो, पढ़ा लिखा, समझदार हो ऐसा जीवनसाथी उनकी पहली पसंद है। इसके साथ ही ऐसे परिवार से रिश्ता जोड़ना चाहते हैं, जो दहेज का लोभी न हो। इसी प्रकार युवकों ने भी अपनी पसंद बताई। युवकों ने भी अपनी भावी जीवनसंगिनी को लेकर अपनी पसंद नापसंद बताई। इस सम्मेलन में अनेक उच्च शिक्षित युवक-युवतियों ने परिचय दिया। सम्मेलन के लिए 290 पंजीयन हुए थे, जबकि रविवार को मौके पर 100 से अधिक पंजीयन हुए। इस मौके पर महापौर मालती राय, किशन सूर्यवंशी, पीसी शर्मा, उमाशंकर गुप्ता आदि भी प्रमुख रूप से शामिल हुए थे।
पूरी तरह से मृत्यु भोज करेंगे बंद, सिर्फ श्रद्धांजलि सभा करेंगे
इस मौके पर नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ के अध्यक्ष गोविंद कहारे ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर अधिक से अधिक मदद करने का संकल्प लिया। गोविंद कहारे ने बताया कि इस दौरान निर्णय लिया गया कि समाज से मृत्युभोज जैसी कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त करेंगे। इसके लिए बड़े स्तर पर मृत्यु भोज का आयोजन नहीं करेंगे। सिर्फ छह दिनों के भीतर समाज की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार दहेज जैसी प्रथा को भी समाज से समाप्त करेंगे।
20 से अधिक परिवारों के बीच बातचीत

परिचय का दौर दिन भर जारी रहा। इस दौरान समाज के लोग एक दूसरे से मेल मुकाकात और बातचीत करते नजर आए। आयोजन स्थल पर काउंसलिंग कक्ष भी बनाया गया था, जहां कई लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। आयोजकों के अनुसार परिचय सम्मेलन के दौरान 20 से अधिक परिवारों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है। कार्यक्रम के दौरान मेधावी विद्यार्थियों और वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया।

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