चेन और अंगूठी न मिलने पर मंगेतर दे रहा था शादी तोडऩे की धमकी, किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान

चेन और अंगूठी न मिलने पर मंगेतर दे रहा था शादी तोडऩे की धमकी, किशोरी ने फंदा लगाकर दी जान

Yogendra Sen | Publish: Mar, 14 2018 10:01:11 AM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

मिसरोद में 17 वर्षीय किशोरी ने की आत्महत्या

भोपाल. दो साल पहले शादी तय हुई, एक महीने पहले मंगनी होने के बाद से मंगेतर दहेज में सोने की चेन अंगूठी मांग रहा था। शादी टूटने के डर से घबराई किशोरी ने सोमवार शाम फंदा लगाकर जान दे दी। मिसरोद पुलिस ने बताया कि कविता राजपूत (१७ ) पिता सुखराम राजपूत पांचवीं तक पढ़ी थी। उसके बाद से वह घर पर ही रह रही थी।

कविता की मंगनी एक महीेने पहले ही श्योपुर निवासी रमेश से हुई थी। शादी के बाद से वह मंगेतर से मोबाइल पर बात करती थी। कविता सोमवार शाम भी रमेश से बात कर रही थी। बात करते हुए वह कमरे के अंदर चली गई। कुछ देर बाद परिजनों ने देखा तो कविता ने फंदा लगा लिया था। घबराए परिजनों ने उसे उतारकर पानी पिलाने की कोशिश की लेकिन तब तक उसका दम टूट चुका था।

दहेज की मांग से परेशान होकर उठाया कदम
युवती के मामा दीवान सिंह ने आरोप लगाया कि रमेश हाल ही मैं सोसाइटी में हुए घोटाले के मामले में नौ महीने जेल में रहकर लौटा है परिवार वाले उससे रिश्ता तोडऩा चाहते थे, लेकिन कविता ने रमेश से ही शादी की इच्छा जाहिर की थी। ससुराल वाले भी जानते थे कि फैक्ट्री में काम करने वाले उसके पिता सुखराम की स्थिति अच्छी नहीं है, उनसे सब बातें पहले ही हो चुकी थीं, लेकिन इसके बाद भी लड़का दहेज की मांग करते हुए मांग पूरी न होने पर मंगनी तोडऩे की धमकी दे रहा था। जिसके चलते कविता ने फंदा लगा लिया।

 

पत्नी ने कहा- पति ऑफिस जाते समय मुझे ताले में कर देता है कैद

- परिवार परामर्श पहुंची करीब ३० शिकायतें

मैडम, पति जब भी ऑफिस जाते हैं तो रोज मुझे घर के एक कमरे में ताला लगाकर कैद कर देता है। जिसके बाद मैं कमरे में तब तक कैद रहती हूं जब तक वह रात में वापस घर लौटकर नहीं आ जाते और ताला खोलकर मुझे बाहर आने को नहीं कहते हैं। कुछ दिन तक तो मैंने पति का एेसा व्यवहार भी सहा लेकिन जब सहना कठिन हो गया तो मैंने इसकी शिकायत करना उचित समझा। ये कहना था रोशनपुरा निवासी महिला का जिसने महिला थाना स्थिति परिवार परामर्श केंद्र में पति के व्यवहार को लेकर शिकायत की।

केस-१

पीडि़ता ने बताया कि उसने अपने माता-पिता द्वारा पसंद किए लड़के से २०१६ में शादी की थी। शादी के करीब दो महीने तक पति ने किसी तरह की रोक-टोक नहीं की इसके बाद पति ने उसका फोन पर बात व घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी। एक दिन कपड़े सुखाते हुए उसने पड़ोसन से बातचीत किया तो पति ने उसे देख लिया। तब से पति जब भी ऑफिस जाते तो उसको ताले में कैद करके जाते है। अपना पक्ष रखते हुए पीडि़ता के पति ने कहा कि कॉलोनी असुरक्षित है इसलिए वह पत्नी की सुरक्षा के कारण वह एेसा करता है।

केस-२
कोलार निवासी महिला ने बताया कि उसकी शादी २०१५ में तब हुई जब दोनों की उम्र करीब ३० से अधिक थी। पीडि़ता ने बताया कि उससे पति बार-बार अपने सावले कलर के कारण उससे सवाल करते ओर यह कहते कि तुमको मुझसे भी ज्यादा काबिल लड़के मिल जाते। पति को जवाब नहीं मिलने के कारण उनका शक बढ़ता गया। किसी दूसरे से पत्नी बातचीत नहीं कर सकें इस कारण पति, पत्नी को ताले में कैद करके जाने लगा। पति ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उसकी पत्नी उससे सुंदर है वह किसी अन्य के संपर्क में नहीं आए इसलिए वह ताला लगाकर कहीं भी जाता है।

केस-३

बागसेवनियां निवासी महिला ने बताया कि उसकी शादी २०१६ में हुई थी। पति ने प्रारंभ से उसे मोबाइल पर बात करने और पड़ोसियों से बात करने को मना कर दिया था। पति द्वारा दिए गए आदेश का पालन वह करीब तीन महीने तक करती रही। पीडि़ता ने बताया कि सुबह से लेकर रात तक एक ही कमरे में करीब ११ घंटे बिताना उसके लिए मुश्किल होने लगा जिसके बाद उसने पति की शिकायत की। पति ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैं जिसके कारण वह घर के बाहर ताला लगाकर जाता है।

बीते दिनों करीब ३० केस परामर्श में पहुंचे हैं। जिसमें से सर्वाधिक केस शक संबंधी रहे। इन केसों में पति को समझाना काफी मुश्किल होता है क्योंकि शक के कारण पति-पत्नी पर गंभीर आरोप भी लगा देते हैं।

- मोहिब अहमद, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र

 

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