प्रधानमंत्री की घोषणा के हवाले से आशाओं को दिया लाभ, एक ही दिन में करना पड़ा आदेश निरस्त

प्रधानमंत्री की घोषणा के हवाले से आशाओं को दिया लाभ, एक ही दिन में करना पड़ा आदेश निरस्त

Radhyshyam dangi | Publish: Oct, 14 2018 12:17:47 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

आचार संहिता के बीच 61 हजार आशाओं को प्रोत्साहन स्वरुप 2 हजार रुपए देने का मामला

 

भोपाल। आचार संहिता में लोक स्वास्थ्य विभाग (नेशनल हेल्थ मिशन) ने 11 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का हवाला देकर मप्र की 61 हजार 688 आशाओं को 2 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का आदेश जारी कर दिया। 11 अक्टूबर को दिए गए आदेश में सभी आशाओं को यह राशि देने का हवाला देते हुए उनके काम का दायरा भी बांट दिया।

अचानक आदेश को किया निरस्त....

यह राशि उन्हें रुटिन प्रोत्साहन राशि के रूप में दी गई है। सभी को पहले यह पैसा मात्र 1 हजार रुपए दिया जाता था, लेकिन 11 सितंबर, 2018 को पीएम की घोषणा के अनुसार विभाग ने आचार संहिता के दौरान इसे बढ़ाकर अक्टूबर से लाभ देना शुरु करने संबंधी आदेश दे दिया। बाद में अचानक विभाग ने उसी दिन इस आदेश को निरस्त करते हुए पहले की ही व्यवस्था लागू कर दी।

 

एक ही दिन के घटनाक्रम से प्रदेशभर की आशाओं में जमकर आक्रोश फैल गया। आशाओं का आरोप है कि प्रधानमंत्री की 11 सितंबर 2018 की घोषणा का समय पर पालन नहीं किया गया और आचार संहिता के बीच एक ही दिन में पहले आदेश दिया फिर इसे निरस्त कर दिया। जबकि घोषणा को समय पर लागू किया जा सकता था।

परेशान होकर निरस्त किया....

अफसरों ने आचार संहिता में प्रधानमंत्री की घोषणा के हवाले से आदेश जारी किया है। इसे आला अफसरों ने गंभीरता से लिया। कुछ अफसरों को जमकर फटकार भी लगाई गई कि आचार संहिता के बाद एेसा निर्णय क्यों लिया गया। इसके चलते तीन घंटे बाद ही आदेश निरस्त कर दिया।

 

प्रधानमंत्री की घोषणा और उस पर भारत सरकार का निर्णय आचार संहिता के पहले का है, इसलिए आदेश जारी किया गया था। बाद में विचार किया गया कि चुनाव के बाद ही इसे लागू किया जाए, इसलिए इसे निरस्त कर दिया गया है।
- धनराजू एस, मिशन संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन

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