बड़े तालाब से नहीं हटे कब्जे, जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान, विधायक के कॉलेज की दीवार, अस्पताल तक खड़ा है तालाब में

- ऐसे तो दम घुट जाएगा तालाब का, हर बार कब्जे चिन्हित कर भूले अफसर

 

भोपाल. शहर की शान बड़ा तालाब रसूखदारों के अवैध कब्जों का अड्डा बना जा रहा है। बैरागढ़, खानूगांव, गोरागांव, बेहटा, भैंसाखेड़ी की तरफ कच्ची बाउंड्री परमिशन की आड़ में यहां बड़े-बड़े निर्माण कर दिए गए। खानूगांव में एक विधायक के कॉलेज की दीवार, बैरागढ़ के भैंसाखेड़ी में एक निजी अस्पताल का आधा भाग बड़ा तालाब में खड़ा है। यहां की एक से लेकर 16 तक की मुनारें भी गायब हो चुकी हैं। इसी तरफ एफटीएल के नजदीक बड़ी संख्या में आमोद प्रमोद के नाम पर मैरिज गार्डन बनाए गए। जहां शादी समारोह और अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। यहां आने वाले लोग आस-पास गंदगी भी कर जाते हैं। हालांकि इस वर्ष कोरोना के चलते ये स्थिति नहीं है, लेकिन कब्जे यथा स्थिति में खड़े हुए हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बड़ा तालाब की सबसे ज्यादा दुर्दशा खानूगांव, बैरागढ़ क्षेत्र की तरफ ही हुई है। खानूगांव में नगर निगम ने पाथवे बनाकर यहां तालाब के एक बड़े भाग को मुरम से पूर दिया। इसके आगे जाकर कुछ लोगों ने टीन टपरे डालकर और कब्जे कर लिए। बैरागढ़ के कई व्यापारियों ने तो यहां पर अवैध गोदाम बनाकर उनमें आतिशबाजी तक रखना शुरू कर दिया था। वर्ष 2019 में हुई एक कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में यहां से अतिशबाजी भी मिल चुकी है। जुलाई 2019 में ही यहां किए गए सर्वे में बैरागढ़ सर्किल के खानूगांव, बोरवन, बेहटा, वन ट्री हिल्स, टीटी नगर के गोरागांव, बिशनखेड़ी और मुख्य बैरागढ़ में 361 अवैध निर्माण चिन्हित किए थे। जिसमें पानी मुनारों से काफी आगे तक निकल गया था। प्रशासन ने उस समय इन कब्जों में से बैरागढ़ की तरफ से 14 कब्जों पर बुल्डोजर चलाकर जमींदोज किया जिसमें से कुछ मैरिज गार्डन थे। लेकिन उसके आगे कार्रवाई धीमी पड़ गई। क्योंकि तत्कालीन सरकार के एक मंत्री नहीं चाहते थे कि बड़ा तालाब के मैरिज गार्डन तोड़े जाएं।

- एफटीपी भी बना दी तालाब में
बैरागढ़ की तरफ नगर निगम ने तालाब के अंदर ही एफटीपी बना दी है। करीेब दो साल पहले ये मामला सामने आया तो उस समय बैरगढ़ एसडीएम कार्यालय की टीम ने एफटीपी का सीमांकन किया तो वह तालाब के अंदर मिली। उनको जमीन चिन्हित कर आगे दी, लेकिन तब तक काफी निर्माण निगम की तरफ से किया जा चुका था। अब तो निर्माण कार्य के बाद सरिया भी तालाब के पानी में डूबी दिखाई देती हैं।

- विधायक के कॉलेज, फॉर्म हाउस कार्रवाई से दूर

बड़ा तालाब में कब्जा कर बनाई गई कॉलेज की दीवार, बड़े लोगों के फॉर्म हाउस और बैरागढ़ में बने निजी अस्पताल पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है। हर बार प्रशासन और नगर निगम की छोटे-मोटे कब्जे हटाकर चली आती, लेकिन बड़े रसूखदारों पर कार्रवाई नहीं हुई।

सीधी बात---अविनाश लवानिया, कलेक्टर
सवाल: बड़ा तालाब में अवैध कब्जों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई? 361 अवैध निर्माण चिन्हित हैं?

जवाब: अब तो बरसात का समय शुरू हो गया है, इसके बाद ही इस मामले में कुछ किया जाएगा।
सवाल: रसूखदारों के कब्जे कभी नहीं हटते? चिन्हित होकर रह जाते हैं?

जवाब: इस संबंध में रिपोर्ट देखने के बाद की कुछ बता सकता हूं।

प्रवेंद्र तोमर Reporting
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