15 सोसायटी संचालकों ने दी आधी अधूरी जानकारी, 18 के कर्ताधर्ता आए ही नहीं, इनके अध्यक्ष हटेंगे

- पोर्टल पर अब तक अपडेट नहीं करने वाली 33 सोसायटियों का मामला

भोपाल. सोसायटी के रिकॉर्ड, सदस्यता सूची सहित अन्य जानकारी न देने वाली 33 गृह निर्माण सोसायटियों में से सोमवार को 15 सोसायटियों के पदाधिकारियों ने सहकारिता विभाग को जानकारी प्रस्तुत की है। लेकिन ये आधी अधूरी है, किसी में प्लॉट की सूची नहीं है तो किसी में सदस्यों की सूची गायब है।

ऐसे में सहकारिता विभाग ने इन 15 सोसायटियों के पदाधिकारियों को जल्द पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। 18 सोसायटी की तरफ से जानकारी नहीं दी गई। इनके अध्यक्षों को तीन साल के लिए हटाया जाएगा।

दरअसल सहकारिता उपायुक्त विनोद सिंह ने पिछले बुधवार को पोर्टल पर जानकारी अपडेट न करने वाली 33 सोसायटियों को नोटिस जारी कर सदस्यता सूची, जन्मतिथि, स्थाई लेखा संख्या सहित अन्य जानकारियां मांगी थी। सोमवार को विशाल, इकबाल,जनकपुरी, अमृतपुरी, राजीव नगर, नागार्जुन,नटराज, बुंदेलखंड, आवास राहत, न्यू वल्लभ नगर, प्रेम नगर, अभिनव, शिल्पी सहित दो अन्य सोसायटी के पदाधिकारी जानकारी लेकर सहकारिता उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत हुए। लेकिन अधूरी जानकारी के चलते इसे पोर्टल पर अपडेट नहीं किया जा सकता। सभी से पूरी जानकारी मांगी है।

इधर,भूमाफिया सोसायटियों पर कागजों तक न सिमटे कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराएं

वहीं दूसरी ओर भूमाफिया बनकर काम कर रही गृह निर्माण सोसायटियों के खिलाफ कार्रवाई कागजों तक न सिमटे, इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई करें। जिन समितियों में फर्जी तरीके से प्लॉट बेचकर लोगों के हक पर डाका डाला है, ऐसी सोसायटियों के पदाधिकारियों को छोड़ें नहीं। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने ये निर्देश सहकारिता विभाग के अफसरों को दिए।

गौरतलब है कि सहकारिता विभाग में सोयायटियों की शिकायतों का अंबार लगा है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वाली सोसायटी के पदाधिकारी कहीं बच न जाएं। इसको लेकर कलेक्टर ने सहकारिता अधिकारियों को बुलाकर निर्देश दिए। उन्होंने कॉलोनियों की अनुमति की जांच और दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को संस्था से पैसे वापस दिलाने पर भी जोर दिया।

सीएम जनअधिकार वीडिया कॉफ्रेंस से मिले निर्देशों के बाद कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कलेक्टोरेट में अधिकारियों के साथ बैठक कर सीएम के निर्देशों को साझा किया। साथ ही राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च 2020 तक शत-प्रतिशत नामांतरण एवं बंटवारा के प्रकरणों का निराकरण हर हाल में किया जाए।

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प्रवेंद्र तोमर Reporting
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