बजट सत्र तीसरा दिन: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष और सरकार आमने-सामने

विधानसभा के तीसरे दिन की कार्यवाही, देखें क्या-क्या हुआ...।

By: Manish Gite

Updated: 24 Feb 2021, 01:31 PM IST

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का बुधवार को तीसरा दिन है। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद शून्यकाल में विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को उठाते हुए हंगामा कर दिया। विपक्ष चर्चा के लिए अड़ गया और विधानसभा से वाकआउट कर दिया। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर बुधवार को हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं, क्योंकि आज ही लव जिहाद पर बने धार्मिक स्वतंत्रता संशोधन विधेयक को पेश होना है। इसस पर डेढ़ घंटे चर्चा होगी। इसके अलावा एक दर्जन विधेयक भी पेश होंगे। इस बीच विधानसभा उपाध्यक्ष पद को लेकर खबर है कि भाजपा यह पद अब कांग्रेस को देने के मूड में नहीं है।

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पेट्रोल-डीजल की कीमत पर विपक्ष का वाकआउट

विधानसभा में शून्यकाल में विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा उठाया। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा सज्जन सिंह वर्मा, प्रियव्रत सिंह सहित कांग्रेसी कई विधायकों ने सदन में उठाया, लेकिन अध्यक्ष गिरीश गौतम ने इस पर चर्चा करने से मना कर दिया। इस पर कांग्रेस विधायक भड़क गए और विरोध वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस के विधायक सदन गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए। गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस के विधायक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का विरोध करते हुए साइकिल से विधानसभा पहुंचे थे।

 

मंदिर के चढ़ावे पर नोंकझोंक

सदन में प्राचीन मंदिरों को लेकर कांग्रेस विधायक रविंद्र सिंह तोमर ने प्रश्न किया। तोमर ने कहा कि बागेश्वरी मंदिर महादेव और ककनमठ सिहोनिया मंदिर निर्माण की ओर सरकार का ध्यान नहीं है। इस पर संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि यह मंदिर संस्कृति विभाग के अधीन नहीं है, इस पर तोमर ने कहा कि यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएं। आपकी सरकार तो मंदिरों की सरकार है। इस बात पर मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कह दिया कि आप तो मंदिर विरोधी हैं? इस पर सदन में हंगामा शुरू हो गया और दोनों तरफ से नोकझोंक शुरू हो गई। मोहन यादव ने कहा कि हां, हमारी सरकार मंदिरों की सरकार है। संस्कृति मंत्री ने यादव का समर्थन किया। ऊषा ठाकुर ने भी जोर देकर कहा कि हां, हमारी सरकार मंदिरों की सरकार है और हम लोग मंदिर बनवाते हैं। मंदिरों में चढ़ावे का मुद्दा उठा। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हुई। संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर ने कहा कि मंदिरों के चढ़ावा कौन खाता है।

क्या खास है आज के दिन

विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही हंगामे के भी आसार व्यक्त किए गए हैं। इस दिन सागर की कड़ान सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र की जमीन का मुआवजा न देने, चित्रकूट की मंदाकिनी नदी से प्रदूषित पानी छोड़े जाने का मामला सदन में उठ सकता है। इन्हीं मुद्दों पर सागर से भाजपा विधायक प्रदीप लारिया और चित्रकूट के कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला रहे हैं।
-इसके साथ ही आज मध्यप्रदेश में धार्मिक स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा, जिस पर डेढ़ घंटे तक चर्चा प्रस्तावित है।


पुराने प्रश्नों पर भी मिलेंगे उत्तर

गौरतलब है कि कोरोना काल के चलते पिछले साल सितम्बर तथा शीतलाकीन सत्र में विधानसभा स्थगित कर दी गई थी। इसी दौरान विधायकों ने सैकड़ों प्रश्न सरकार से पूछे थे, लेकिन उनके उत्तर नहीं दिए गए थे। बुधवार को उन्हीं प्रश्नों के भी उत्तर सरकार की तरफ से दिए जाएंगे।

सारंग बोले- कांग्रेस को क्यों दे उपाध्यक्ष पद

इस सत्र के पहले दिन नए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कार्यभार संभाल लिया। जबकि जल्द ही उपाध्यक्ष का भी चयन हो जाएगा। इस बार भाजपा की सरकार कांग्रेस को उपाध्यक्ष का पद देने के पक्ष में नहीं है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं भोपाल के नरेला सीट से विधायक विश्वास सारंग ने स्पष्ट कह दिया है कि अभी तक विधानसभा उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिया जाता था, लेकिन पूर्व की कमलनाथ सरकार ने भाजपा को यह पद नहीं दिया था। कमलनाथ ने इस नई परंपरा को शुरू किया था, जिसका हम भी पालन करेंगे। हम उपाध्यक्ष का पद कांग्रेस को नहीं देंगे।

यह हैं आज के विधेयक

  1. सहकारी सोसाइटी संशोधन विधेयक
  2. लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी संशोधन विधेयक
  3. वैट संशोधन विधेयक
  4. पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन विधेयक
  5. निजी विश्वविद्यालय द्वितीय संशोधन विधेयक
  6. भोज मुक्त विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
  7. डॉ. आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
  8. पंडित एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक
  9. मध्य प्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर संशोधन विधेयक
  10. हाई स्पीड डीजल उपकर संशोधन विधेयक
  11. मध्य प्रदेश विनियोग संशोधन विधेयक
  12. धार्मिक स्वतंत्रता संशोधन विधेयक
  13. मप्र कराधान अधिनियमों की पुरानी बकाया राशि का समाधान अध्यादेश
  14. मप्र नगरपालिक विधि (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश
  15. मप्र नगरपालिक विधि (तृतीय संशोधन) अध्यादेश

2 मार्च को पेश होगा बजट

33 दिन चलने वाले बजट सत्र में कुल 23 बैठकें होंगी। 2 मार्च को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया जाएगा। इस बजट में खास बात यह है कि कोरोना महामारी के कारण राज्य सरकार इस बार खर्चों में कटौती पर फोकस कर रही है। माना जा रहा है कि इस बार राज्य सरकार खर्चों में कटौती कर करीब तीन हजार करोड़ रुपए बचाने का जतन कर रही है।

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