इस बार कई समितियां भंडारे में खर्च होने वाली राशि से कर रही सेवा कार्य और बेटियों की शिक्षा में मदद

- महानवमी पर हवन, महाआरती, कन्यापूजन के आयोजन
- कोविड गाइड लाइन के कारण कई समितियों ने नहीं किए भंडारे
- जवारों के साथ माताजी की विदाई का सिलसिला शुरू

भोपाल
शारदीय नवरात्र का समापन गुरुवार को महानवमी के साथ हो गया। इस मौके पर हवन, पूजन, महाआरती, कन्यापूजन, कन्या भोज के आयोजन किए गए। मंदिर, घरों और झांकी स्थलों पर मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना, महाआरती और हवन हुए। नवमी पर हर साल शहर में जगह-जगह भंडारे होते थे, लेकिन इस बार काफी कम संख्या में भंडारों का आयोजन किया गया। शहर की कॉलोनियों सहित कुछ दुर्गा पंडालों में भंडारे हुए लेकिन पिछले सालों की तुलना में संख्या कम रही। अनेक समितियों ने भंडारों के आयोजन न कर जरूरतमंदों के लिए सेवा कार्य, बेटियों के लिए शिक्षण सामग्री आदि करने का बीड़ा उठााया।

महानवमी के साथ ही माता रानी की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है। नवमी पर व्रत के पारायण के साथ जवारों का विसर्जन किया गया। शहर में अनेक स्थानों से महिलाओं ने सिर पर जवारे रखकर शोभायात्राएं निकाली और मंगल गीत गाते हुए घाटों पर पहुंचे ओर जवारों का विसर्जन किया। इसी के साथ शहर में स्थापित छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला भी शुरू हो गया है। दशहरे पर भी अनेक प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

 
भंडारे के बजाय शिक्षण सामग्री का वितरण
बिट्टन मार्केट में जय मां दुर्गा उत्सव समिति की ओर से खाटू श्याम मंदिर की आकर्षक झांकी सजाई गई है। हर साल यहां भंडारे का आयोजन किया जाता था। समिति के हरिओम खटिक ने बताया कि इस साल भंडारे का आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय कन्याओं का पूजन झांकी स्थल पर शनिवार को किया जाएगा और उन्हें शिक्षण सामग्री सहित अन्य सामग्री भेट की जाएगी। झांकी का विसर्जन रविवार 17 अक्टूबर को किया जाएगा।

गोविंद गार्डन में समिति की ओर से बच्चों को सामग्री वितरण
दुर्गा उत्सव समिति व्यापारी संघ गोविंद गार्डन रायसेन रोड की ओर आकर्षक झांकी की स्थापना की गई है। समिति के रिंकू भटेजा ने बताया कि इस बार समिति की ओर से सामूहिक रूप से भंडारे का आयोजन नहीं किया जाएगा, बल्कि इस बार समिति कन्याओं को शिक्षण सामग्री, कपड़े आदि का वितरण करेगी साथ ही बुजुर्गों के लिए सेवा कार्य करेगी। दशहरे के बाद यह आयोजन समिति की ओर से किया जाएगा।
मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु
महानवमी के मौके पर शहर के मंदिरों में बड़ी संख्या में दर्शनार्थी दर्शन करने पहुंचे। दिन भर मंदिरों में दर्शन का सिलसिला चला। मंदिरों में रात्रि में महाआरती भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शहर के काली मंदिर, भवानी मंदिर सोमवारा, दुर्गाधाम मंदिर, माता की मढिय़ा, पहाड़ावाली मंदिर, माता मंदिर, दुर्गा मंदिर शाहपुरा, काली मंदिर चूनाभट्टी सहित अन्य मंदिरों में दर्शनार्थी पहुंचे।

प्रवीण सावरकर Reporting
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