MP में फिर मंडराया नक्सलियों का खतरा! हिना कावरे को मिली नक्सल धमकी

MP में फिर मंडराया नक्सलियों का खतरा! हिना कावरे को मिली नक्सल धमकी

Deepesh Tiwari | Publish: Jan, 14 2019 09:11:45 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

20 लाख रुपए की मांग...

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर नक्सलियों की आहट सुनाई देने लगी है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि मध्य प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष विधायक हिना कावरे को नक्सलियों की ओर से एक पत्र मिला है।

जिसमें वे उनसे अपने खर्चें के नाम पर 20 लाख रुपए की मांग करते दिख रहे हैं। पत्र में नक्सलियों ने उन्हें पैसा देेने के लिए 14 जनवरी तक का समय दिया है। साथ ही लिखा है कि पैसा बालाघाट के बैहर रोड़ पर गांगुलपारा रोड के किनारे काले झंड़े के पास रखा जाए।

इसके साथ ही नक्सलियों की ओर से जारी इस पत्र में चेतावनी के तौर पर यह भी कहा गया है कि यदि समय पर पैसा नहीं पहुंचा तो 16 जनवरी तुम्हारी आखिरी तारीख होगी।

इस पत्र को मिलने के बाद अब तक इसके किसी नक्सली द्वारा ही लिखे जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं नक्सल धमकी की चिठ्ठी को पुलिस ने की जांच में ले लिया।

पुलिस अधीक्षक ए जयदेवन ने बताया- हिना कावरे को धमकी भरी पहली चिट्ठी 31 दिसंबर को और दूसरी चिट्ठी 10 जनवरी को मिली थी।

कावरे ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी की थी। उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। लेकिन, पहली नजर में ऐसा नहीं लग रहा है कि नक्सलियों ने यह चिट्ठी भेजी है। यह खत किसी असामाजिक तत्व के द्वारा बालाघाट से पोस्ट किया गया है।

 

 

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यह पूरा मामला तब सामने आया जब मध्यप्रदेश की विधानसभा उपाध्यक्ष और लांजी विधायक हिना कांवरे रविवार देर रात सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं।

उनकी कार के आगे चल रहे पुलिस वाहन को सामने से आ रहे ट्राले ने जोरदार टक्कर मारी। हादसे में कार ड्राइवर और तीन पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से जख्मी एक पुलिसकर्मी को नागपुर रेफर किया गया है। कावरे ने कहा कि उन्हें 2 बार नक्सलियों ने धमकाया था।

 

 

पिता लिखीराम कावरे की भी की थी हत्या...
वहीं इससे पहले 15 सितम्बर 1999 को किरनापुर स्थित निवासगृह में मंत्री लिखीराम कावरे की नक्सलवादियों ने हत्या कर दी थी। उस समय वह मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार के तत्कालीन परिवहन मंत्री थे। वहीं हिना कावरे उस समय 13 वर्ष की थीं।

लिखीराम कावरे की हत्या मलाजखंड दलम व स्पेशल गुरिल्ला स्क्वॉड (एसजीएस) ने की थी। मंत्री कावरे की हत्या में 27 नक्सली शामिल थे। ये सनसनीखेज खुलासा पुलिस गिरफ्त में आए 35 लाख के इनामी नक्सली दिलीप गुहा ने 2015 में किया था।

इस हत्याकांड में उसने खुद के शामिल होने की बात से इंकार किया है। गुहा ने पुलिस को बताया कि हत्या की आंध्र में हुई प्लानिंग व आदेश के बारे में उसे जानकारी थी।

कुल्हाड़ी से की थी हत्या...

15 दिसंबर1999 में तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखीराम कावरे की बालाघाट स्थित घर से नक्सलियों ने बाहर निकालकर कुल्हाड़ी से काट डाला था। कई वर्षों तक इस हत्याकांड के बारे में पुलिस और सीबीआई यह पता नहीं कर सकी थी कि मंत्री की हत्या किसने की थी।

ये बताई थी वजह
दिलीप के मुताबिक सेंट्रल कमेटी लीडर महेश मुरली की आंध्रा में पुलिस ने जहर देकर हत्या कर दी थी । इसका बदला चुकाने के लिए देश बड़े राजनेताओं को टारगेट किया गया था। लिखीराम कावरे की हत्या भी इसी का परिणाम थी।

27 नक्सलियों ने हत्या को अंजाम दिया था
मंत्री कावरे की हत्या 27 नक्सलियों ने मिलकर की थी। इसमें प्रमुख नाम सूरज तेकाम, संतोष ,मदन और सुनीता आदि शामिल थे। हत्याकांड में एसजीएस के 15 सदस्य और मलाखंड दलम के 12 सदस्य शामिल थे।

वहीं हिना कावरे को मिले पत्र के संबंध में जानकारों का कहना है, इसे देखकर साफ लगता है कि नक्सली मध्यप्रदेश में अपनी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिशों में लगे हुए हैं।

वहीं जानकारों का यह भी कहना है कि यदि यह पत्र नक्सलियों की ओर से ही है, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि वे जानबुझकर हिना कावरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे इस दौर से पूर्व में भी गुजर चुकी हैं। ऐसे में नकसली उन्हें डराने के मामले में सॉफ्ट टार्गेट मान सकते हैं।

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