कोरोना के बाद 'स्क्रब टाइफस' का खतरा, रेंगने वाला ये कीड़ा फैला रहा शरीर में 'जहर', जानिए क्या हैं लक्षण और बचाव का तरीका

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट प्रदेश में स्क्रब टाइफस का खतरा, पांच जिलों में मरीज

By: Ashtha Awasthi

Published: 07 Sep 2021, 12:48 PM IST

भोपाल। कोरोना, डेंगू के बाद प्रदेश में खतरनाक स्क्रब टाइफस बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। पांच जिलों रायसेन, नरसिंहपुर, सतना, दमोह और कटनी में स्क्रब टाइफस के पांच मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इलाज की गाइडलाइन भी जारी की गई है। डॉक्टरों के अनुसार, यह बीमारी चूहे, छछुन्दर, गिलहरी आदि से फैलती है, इसलिए इनके द्वारा कुतरे गए फल या खाए गए खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। सामान्य तौर पर चूहों में पाए जाने वाले जीवाणु ओरिएटिया सुसुगैमुशी के कारण यह बीमारी होती है।

क्या है स्क्रब टाइफस?

सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, स्क्रब टाइफस एक बीमारी है जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी (Orientia tsutsugamushi) नाम के बैक्टीरिया से होती है। इसे बुश टाइफस के नाम से भी जाना जाता है। यह संक्रमित चिगर्स (लार्वा माइट्स) के काटने से लोगों में फैलता है।

Woman dies after injecting before operation

ये हैं लक्षण

बुखार के साथ शरीर में दाने
सूखे चकत्ते
सिर दर्द
मांसपेशियों में दर्द
सांस फूलना
खांसी
जी मितलाना
उल्टी होना

जानिए क्या हैं बचाव के तरीके

- संक्रमित लोगों से संपर्क न रखें और दूरियां बनाए रखें।
- जहां स्क्रब टाइफस आम है, उन क्षेत्रों में जाने से बचें। साथ ही वहां भी न जाएं जहां बहुत सारी वनस्पतियां और झाड़ियां हैं, क्योंकि वहां भी चिगर पाए जा सकते हैं।
-पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) -पंजीकृत कीट विकर्षक बाहरी आइकन का उपयोग करें जिसमें डीईईटी या अन्य सक्रिय तत्व शामिल हों, जो उजागर त्वचा और कपड़ों पर चिगर्स के खिलाफ उपयोग के लिए रिस्टर्ड हों।
-कपड़ों को पहनने की साइड से विकर्षक (repellent) का छिड़काव न करें।
-अगर आप भी सनस्क्रीन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो repellent लगाने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।
-यदि आपका कोई बच्चा या बच्चा है, तो उसे ऐसे कपड़े पहनाएं जिसमें हाथ और पैर ढंके हों। शिशुओं को पालना, घुमक्कड़, और शिशु वाहक को मच्छरदानी से ढंकें।
-बच्चे के हाथों, आंखों या मुंह पर या कट या चिड़चिड़ी त्वचा पर कीट विकर्षक न लगाएं।
-अपने हाथों पर कीट विकर्षक का छिड़काव करें और फिर बच्चे के चेहरे पर लगाएं।

इलाज की गाइडलाइन

व्यस्क: डॉक्सीसिलीन 200 एमजी प्रतिदिन के साथ •एजिथ्रोमाइसिन 500 एमजी कम से कम पांच दिन ।

बच्चे: डॉक्सीसिलीन 4.5 एमजी प्रति किलो रोज के हिसाब से, एजिथ्रोमाइसिन 10 एमजी प्रति किलो 5 दिन गर्भवती: एजिथ्रोमाइसिन 500 एमजी 5 पांच दिन।

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