Teachers Day: शिक्षकों ने बच्चों को दिया ये उपहार, बदल कर रख दी स्कूल की तस्वीर

शिक्षक दिवस विशेष : विभाग से नहीं मिली मदद तो खुद की पहल, अध्यापन के साथ जुटाईं व्यवस्थाएं

By: Pushpam Kumar

Published: 05 Sep 2018, 02:17 PM IST

भोपाल. अध्यापन के साथ स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं जुटाकर कुछ शिक्षकों ने नई मिसाल पेश की है। शिक्षकों ने अपने वेतन से रुपए एकत्र कर स्कूल में तीन नए कमरे बनवा दिए। एक अन्य स्कूल में प्राचार्य ने समाज के सहयोग से स्कूल की दशा बदलने का बीड़ा उठा लिया है।
सरोजिनी नायडू कन्या विद्यालय में 1450 छात्राओं के लिए 18 कमरे। इनमें भी कुछ की टपकती छतें। छात्राओं के अनुपात में कमरे काफी कम थे। नए कमरों के साथ कुछ में मरम्मत की जरूरत थी। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल शिक्षा विभाग से लेकर पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा। कई बार जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। कोई हल नहीं निकला तो शिक्षकों ने खुद पहल शुरू की।

प्राचार्य ने शुरू किया अभियान
स्कूल प्राचार्य हरिभवन सिंह तोमर बताते हैं कि कमरे बनवाने के लिए सबसे पहले अपनी ओर से 25 हजार रुपए दिए। इसके बाद शिक्षक उमेश बावल, सुधीर कलतेसर, एनके श्रीवास्तव, अमित सिंह, विनीता चौहान और पूनम श्रीवास्तव ने पांच-पांच हजार रुपए दिए। इसके अतिरिक्त स्टाफ के 60 सदस्यों ने एक-एक हजार का योगदान दिया। कुल जमा राशि एक लाख 15 हजार तक पहुंच गई। हमने स्कूल की छत पर अपने स्तर पर तीन कमरे बनवाने शुरू किए। एक महीने में 30 गुणा 40 के तीन कमरे बनकर तैयार हो गए।

रेत, गिट्टी से लेकर पंखों तक की व्यवस्था की
कमरे बनने में यह फंड भी कम पड़ा तो कई शिक्षकों ने टीन की शीट से लेकर घरों के पंखे तक लाकर दिए। कुछ ने कम पड़ रही रेत और सीमेंट की कुछ बोरियों और गिट्टी की व्यवस्था की। अब इनमें अंगे्रजी मीडियम की कक्षाएं लगाने का प्रस्ताव बनाया है।

अब बदल रही कालापीपल के स्कूल की तस्वीर
कोलार में कालापीपल हाई स्कूल के प्राचार्य श्रीप्रकाश विजयवर्गीय ने जर्जर भवन, बिना छत और दरवाजों के सुविधाघर और लाइट के लिए विभाग को पत्र लिखा। उच्च स्तर तक कई शिकायतों के बाद एक पखवाड़े पहले स्कूल में बिजली आ सका। अब वे निजी मदद से सुविधाघर ठीक करवाएंगे। लायंस क्लब प्रताप के आशीष जैन ने इसके लिए सहमति दी है।

 

 

 

Pushpam Kumar Desk
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