बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांगों को फिर से मिलेगी टिकट में रियायत

फरवरी से मिल सकती हैं सुविधाएं: भोपाल डिवीजन ने मुख्यालय को भेजा प्रस्ताव, रेलवे बोर्ड से सहमति का इंतजार

By: Pushpam Kumar

Published: 25 Jan 2021, 01:41 PM IST

भोपाल. लाखों यात्रियों को सफर कराने के लिए रेलवे ने तैयारी कर ली है। ट्रेनों में फिर से बेडरोल और रियायत भी मिलेगी। रेलवे ने तय किया है कि फरवरी से व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा। जिससे बुजुर्ग, महिला और हर वर्ग के यात्रियों के लिए पहले की तरह छूट भी दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार भोपाल डिवीजन ने मुख्यालय को ट्रेनों को फिर से पटरी पर लाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। फरवरी से कई रूटों के लिए फिर से ट्रेनें चलाई जाएंगी। जिससे आसानी से यात्री अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा बेडरोल ( चादर, तकिया और कंबल) भी फिर से दिया जाएगा। क्योंकि अब कोरोना की वैक्सीन भी आ गई है। ऐसे में रेलवे ने भी अब यात्रियों के हित में सामान्य कामकाज शुरू करना तय किया है।
इन्हें फिर मिलेगा कंसेशन
दिव्यांग, महिला, बुजुर्ग, बीमार, व्यक्ति और
कैंसर के मरीज, थैलेसीमिया, हार्ट और किडनी के मरीज, टीबी
और कुछ कुष्ठ रोग के मरीज, एड्स, आस्टोमी के मरीज, सीनियर सिटीजन, और छात्र ।
नोट - सभी रियायतें बेसिक मेल/एक्सप्रेस किरायों पर लागू होने वाली हंै।
10-10 रुपए की वसूली हुई लेकिन नहीं मिला बेडरोल
कोरोना के समय एसी के रिजर्वेशन में रेलवे ने शुल्क पूरा लिया है मगर 40 लाख से ज्यादा यात्रियों को बेडरोल नहीं दिया गया है। यात्रियों को खुद कंबल लेकर सफर करना पड़ा है। इसके लिए 10 रुपए हर यात्री ने दिया मगर कोरोना के चलते बेडरोल नहीं दिया गया है। डिवीजन में लाखों यात्रियों को कोरोना का डर दिखा कर वसूली की गई है।


कई ट्रेनों को शुरू करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। जल्द ही यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों को शुरू किया जाएगा। रियायत पर रेलवे अभी विचार कर रहा है।
- विजय प्रकाश, सीनियर डीसीएम, भोपाल
भोपाल डिवीजन के ओर से ट्रेनों को शुरू करने के लिए प्रस्ताव मिला है। उच्च अधिकारी परीक्षण कर रहे हैं। मामला रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अनुमति के बाद ट्रेनों को चलाने का आदेश बोर्ड से मिलेगा।
प्रियंका दीक्षित, सीपीआरओ, पश्चिम-मध्य रेलवे
रेलवे को यात्रियों की सुविधा के बारे में विचार करना चाहिए। देश और रेलवे की आर्थिक व्यवस्था के लिए यात्रियों का सफर करना जरूरी है। डीआरएम भी मौन हैं, सांसद और समितियों की बैठक नहीं बुलाई गई है।
निरंजन वाधवानी, सदस्य, डीयूआरसीसी

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