पैसा लिया, पर काम नहीं किया, अब होगी रिकवरी

- मनरेगा: चार साल बाद भी शुरू नहीं किए कार्य

भोपाल. प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार के समय मनरेगा के तहत कई अव्यवहारिक कार्य मंजूर कराए गए। इनके लिए पैसा लिया और काम नहीं किया। इसका खुलासा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में हुआ है। विभाग ने इनका काम तत्काल बंद करने और जिम्मेदारों से रिकवरी के आदेश दिए हैं।
समीक्षा में सामने आया कि सैकड़ों कार्य राशि जारी करने के चार साल बाद भी पूरे नहीं हो सके। पांच जिलों में 635 कार्य तो शुरू ही नहीं हो सके। विभाग ने जिलों के अफसरों से कहा है कि जो कार्य शुरू नहीं किए जा सकते, उन्हें तत्काल विलोपित कर दें। विभाग ने अपूर्ण कार्यों के कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी मांग लिए हैं।
केंद्र सरकार मनरेगा के तहत पिछले चार वर्षों से साढ़े तीन से चार हजार करोड़ रुपए जारी कर रही है। प्रदेश सरकार इसमें अपना हिस्सा मिलाकर जिलों को राशि जारी करती है। पिछले कुछ वर्षों में जिला पंचायत और ग्राम पंचायतों ने मनरेगा के तहत कार्यों के मनमाने प्रस्ताव भेजे हैं। इसके चलते पैसा मिलने के बावजूद काम जमीन पर शुरू नहीं हो पाए।

- अनाप-शनाप खर्च कराया
खरगोन, बैतूल, होशंगाबाद, सागर और सतना जिले में 8641 कार्य शुरू किए गए। लेकिन, इनकी प्रगति शून्य से 5 प्रतिशत तक ही है। ऐसे कार्यों में अनाप-शनाप पैसा खर्च करने देने की जानकारी भी सामने आई है। विभाग ने जिला पंचायत सीईओ से कहा है कि अव्यवहारिक कार्यों को तत्काल बंद कर दें। इनकी रिकवरी संबंधित अधिकारियों और पंचायत के जनप्रतिनिधियों से की जाए।
- चार साल पहले के काम शुरू नहीं हुए
रीवा- 150
पन्ना- 130
छतरपुर- 128
सागर- 116
झाबुआ- 111


पिछली सरकार में मनरेगा के तहत भारी गड़बडिय़ां हुई हैं। कई काम जो व्यवहारिक नहीं थे। लेकिन, उनके लिए पैसा जारी किया गया। अब ऐसे कार्यों की समीक्षा करके कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
- कमलेश्वर पटेल, मंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास

anil chaudhary
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