आइपीएस तबादले: पहले भाजपा के चहेते, अब कांग्रेस सरकार की भी पसंद

आइपीएस तबादले: पहले भाजपा के चहेते, अब कांग्रेस सरकार की भी पसंद

Harish Divekar | Publish: Jan, 11 2019 11:28:47 PM (IST) | Updated: Jan, 11 2019 11:28:48 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

आइपीएस मोनिका शुक्ला भाजपा सरकार में भी पावरफुल थी और अब भी उन्हें एसपी बनाया गया

कमलनाथ सरकार ने शुक्रवार को आइपीएस अफसरों के तबादले कर दिए।

इसमें ऐसे अफसरों को भी बेहतर पोस्टिंग दी गई है, जो भाजपा सरकार के समय चहेते थे।

दरअसल, चुनिंदा आइपीएस अफसर भाजपा सरकार के समय हमेशा मलाईदार पदों पर रहे और अब कांग्रेस सरकार की पसंद में भी शामिल हैं।

इनमें आइपीएस मोनिका शुक्ला को २५वीं बटालियन भोपाल से रायसेन एसपी बनाकर भेजा गया है।

वे भाजपा सरकार में भी पावरफुल थी और अब भी उन्हें एसपी बनाया गया है। उनके पति आइपीएस शशिकांत शुक्ल शिवराज के नजदीक में शुमार है।

इसी तरह भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार के करीबी माने जाने वाले आरआरएस परिहार को फिर एसपी बनाया गया है।

 

इसके अलावा नीमच से मंदसौर एसपी टीके विद्यार्थी भी भाजपा के करीबी रहे हैं।

इसके अलावा दो साल पहले बैतूल जिले की कमान संभालने वाले पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार को छिंदवाड़ा एसपी बनाकर नई सरकार ने पुरस्कृत किया है।

इसे उनके द्वारा निष्पक्ष चुनाव कराने का पुरस्कार माना जा रहा है। छिंदवाड़ा मुख्यमंत्री का गृह जिला है।

 

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आबकारी घोटाले के आरोपी सहायक आबकारी आयुक्त को मलाईदार पोस्टिंग

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इंदौर के चर्चित आबकारी घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शुमार सहायक आबकारी अधिकारी संजीव दुबे को कमलनाथ सरकार ने देवास से हटाकर मलाईदार पोस्टिंग वाले जिला धार में पदस्थ कर दिया है। शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए गए। इसमें उनकी जगह पर विक्रमदीप सागर को देवास से धार भेजा गया है। संजीव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चालान भी पेश किया जा चुका था।
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यह घोटाला अगस्त-२०17 में सामने आया था। तब शराब दुकान संचालित करने वाले ठेकेदारों ने मास्टरमाइंड अंश त्रिवेदी व राजू दशवंत के साथ चालान में फर्जीवाड़ा कर दिसंबर 2015 से अगस्त 2017 के बीच विभाग को 41 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया। प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे, वेयर हाउस प्रभारी डीएस सिसोदिया, महू वेयर हाउस प्रभारी एसएन पाठक, एसआई कौशल्या सबनानी सहित 6 को सस्पेंड किया। तत्कालीन उपायुक्त विनोद रघुवंशी का भी ट्रांसफर कर उनके खिलाफ जांच के आदेश हुए। विभाग ने साथ ही राजस्व संग्रह शाखा के सहायक आबकारी अधिकारी रविप्रकाश दुबे, आनंदीलाल भटेवरा लेखापाल व प्रभारी तोजी शाखा को भी आरोप पत्र देकर उनकी जांच की गई थी।

यह घोटाला अगस्त-२०17 में सामने आया था। तब शराब दुकान संचालित करने वाले ठेकेदारों ने मास्टरमाइंड अंश त्रिवेदी व राजू दशवंत के साथ चालान में फर्जीवाड़ा कर दिसंबर 2015 से अगस्त 2017 के बीच विभाग को 41 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया। प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त संजीव दुबे, वेयर हाउस प्रभारी डीएस सिसोदिया, महू वेयर हाउस प्रभारी एसएन पाठक, एसआई कौशल्या सबनानी सहित 6 को सस्पेंड किया। तत्कालीन उपायुक्त विनोद रघुवंशी का भी ट्रांसफर कर उनके खिलाफ जांच के आदेश हुए। विभाग ने साथ ही राजस्व संग्रह शाखा के सहायक आबकारी अधिकारी रविप्रकाश दुबे, आनंदीलाल भटेवरा लेखापाल व प्रभारी तोजी शाखा को भी आरोप पत्र देकर उनकी जांच की गई थी।

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