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UGC की अनुशंसाओं पर MP में अड़ंगे,जबकि सभी राज्यों में शब्दश: पालन

नवनियुक्त फैकल्टी को प्रोत्साहन वेतन वृद्धि का नहीं मिल रहा लाभ

भोपाल

Published: May 23, 2022 02:19:00 pm

भोपाल । Bhopal

एक ओर जहां यूजीसी की ओर से जारी अनुशंसाओं को सभी राज्यों में शब्दश: लागू किया जाता है, वहीं मप्र में कभी उच्च शिक्षा विभाग तो कभी वित्त विभाग अड़ंगे डाल रहा है। इससे फैकल्टी परेशान हैं।

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दरअसल, मप्र लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित परीक्षा में चयनित ग्रंथपाल, खेल अधिकारी और सहायक प्राध्यापक जिनकी संख्या करीब 2600 है, उन्हें 2019 में जब नियुक्ति दी गई तब परिवीक्षा अवधि दो वर्ष कर दी गई। यूजीसी की गाइडलाइन में एक साल का प्रावधान है।

इसी तरह से फैकल्टी को एकेडमिक ग्रेड पे (एजीपी) 10 हजार नहीं दी जा रही है। ग्रेड पे परिवर्तन पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ भी नहीं दिया जा रहा है, जिससे लाखों का नुकसान हो रहा है।

वित्त विभाग के अड़ंगे की वजह से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 18 जनवरी 2019 को जारी सातवें यूजीसी वेतनमान आदेश में 1 जनवरी 2016 और उसके बाद नियुक्त फैकल्टी और पहले से सेवारत को पीएचडी-एमफिल की प्रोत्साहन वेतन वृद्धियां दिए जाने का भी प्रावधान नहीं किया गया।
संघ ने मंत्रियों के सम्मुख अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा है। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों के नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और खेल अधिकारी और पहले से सेवारत फैकल्टी को यूजीसी प्रावधानों के अनुसार पीएचडी-एमफिल की प्रोत्साहन वेतन वृद्धियां स्वीकृत की जाएं, ये नियम सम्मत और उनका अधिकार है।

साथ ही 18 जनवरी 2019 के आदेश में संशोधन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग भी की है।
- डॉ. आनंद शर्मा, सचिव, प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन संघ

इधर, फर्जी अधिमान्यता कार्ड बनाकर बेलदार असलम बना पत्रकार...
नगर निगम के बर्खास्त बेलदार असलम खान के खिलाफ करीब साढ़े तीन साल बाद इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। अगस्त 2018 में लोकायुक्त को छापे में अधिमान्यता कार्ड मिला था। जनसंपर्क ने अधिमान्यता कार्ड को फर्जी बताया था, लेकिन पुलिस व लोकायुक्त के बीच मामला उलझा था।

तुकोगंज पुलिस ने जनसंपर्क विभाग अधिमान्यता शाखा के प्रभारी दिनेश कपूर की शिकायत पर धोखाधडी व फर्जी दस्तावेज बनाने की गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया है।

पत्रिका ने मामला उठाया तो कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने फटकार लगाई और तत्काल आरोपी बेलदार पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए। लोकायुक्त के पत्र के बाद जनसंपर्क विभाग से फिर से आवेदन लेकर तुकोगंज पुलिस ने असलम खान पर केस दर्ज कर लिया। गौरतलब है कि असलम की काफी संपत्ति मिली है लेकिन अभी चालान पेश नहींहुआ है।

ये है मामला
अगस्त 2018 में लोकायुक्त नेे आय से अधिक संपत्ति व भ्रष्टाचार में असलम के घर व अन्य जगह छापा मारा था। इसमें असलम के नाम का जिला स्तरीय अधिमान्यता कार्ड मिला था। जनसंपर्क मुख्यालय ने कहा था, कार्ड किसी और के नाम है। फर्जीवाड़ा कर असलम के नाम पर कार्ड बना है।

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