ग्रीन बेल्ट हुई व्यवसायिक! वनभूमि पर कॉलोनियां ही नहीं पार्क में तक बना दिए सिनेमाघर

ग्रीन बेल्ट हुई व्यवसायिक! वनभूमि पर कॉलोनियां ही नहीं पार्क में तक बना दिए सिनेमाघर

Devendra Sharma | Updated: 11 Feb 2019, 11:39:09 AM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

एमपी नगर में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर व्यवसायिक निर्माण पर कोर्ट ने की थी आपत्ति

भोपाल। राजधानी की जमीन और उस पर निर्माण व उपयोग के नियमों के साथ जमकर खिलवाड़ हुआ। एमपी नगर में ग्रीन लैंड पर व्यवसायिक भवन विकसित करने पर हाइकोर्ट की आपत्ति के बाद पत्रिका ने शहर के अन्य क्षेत्रों में पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पता चला श्यामला हिल्स सरकारी रिकॉर्ड में जो जमीन छोटे झाड के जंगल के तौर पर दर्ज है वहां इस समय वीआइपी कॉलोनी बन गई है। लिंक रोड किनारे विशिष्टजनों के लिए बनाया गया क्लब भी वनभूमि यानि ग्रीन लैंड पर ही है। बोट क्लब पर वाटिका पार्क में निगम ने खुद ने 10 हजार वर्गफीट का सिनेमाघर तैयार कर दिया है।

 

इतना ही नहीं, हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में छोड़े गए अस्पताल की भूमि पर आज एक निजी होटल बन गई है।

ऐसे ही तमाम निर्माण वनभूमि पर हो गए। इतना ही नहीं, शहर आवासीय अनुमतियों से व्यवसायिक भवन बना लिए गए। आवासीय भवनों में बदलाव कर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गई। इसी तरह के तमाम काम हुए, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

ऐसे समझें वन के खसरों पर निर्माण

सूचना के अधिकार के तहत निकाली एक जानकारी में खसरा नंबर 90/1 की 13.019 हेक्टेयर भूमि बताई गई। आज यहां पर कॉलोनी विकसित हो गई है। इसी तरह खसरा नंबर 91/2/9202 पर करीब 20 हेक्टेयर भूमि दर्ज है ये बड़ा झाड़ का जंगल है, लेकिन यहां भी कॉलोनियां विकसित हो गई। खसरा नंबर 92/1/1/ग वन भूमि पर भी अन्य निर्माण व गतिविधियां हो रही है।

 

आवासीय अरेरा:512 व्यवसायिक गतिविधियां सामने आई
अरेरा कॉलोनी को पूरी तरह आवासीय उपयोग के लिए विकसित किया हुआ है। यहां पर लगातार बढ़ती व्यवसायिक गतिविधियों की पड़ताल करने यहां के तत्कालीन जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव ने सर्वे कराया था। इसमें पता चला यहां 512 व्यवसायिक गतिविधियां संचालित है जो कि पूरी तरह अवैध है।

 

कॉलोनियों में विकसित हो गए 200 बाजार, अब ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कत

आवासीय कॉलोनियों में बिना किसी योजना करीब 200 बाजार विकसित हो गए। निगम ने शहर में विकसित बाजारों को लेकर कराए एक सर्वे में ये स्थिति सामने आई थी। अवधपुरी थाने के पास तो मास्टर प्लान की रोड पर एक बिल्डर द्वारा जमीन घेरने के बाद रोड खत्म हो गई और कॉलोनी की अंदरूनी रोड मुख्यमार्ग बन गई।

इसके किनारे के मकान मालिकों ने अपने घरों में दुकान खुलवाकर पूरा बाजार विकसित करवा दिया। अब यहां ट्रैफिक और पार्किंग की दिक्कत हो गई।

यही स्थिति कोलार में ललीता नगर बस स्टॉप से राजहर्ष कॉलोनी की ओर मुडऩे पर है। यहां कटियार मार्केट के नाम से पूरा व्यवसायिक क्षेत्र विकसित हो गया, अब स्थिति ये है कि शाम को इसमें गाड़ी के साथ रहवासियों का घर जाना मुश्किल हो जाता है।

इन्हें करना चाहिए कार्रवाई

- नगर निगम को भवन अनुज्ञा शाखा के चीफ सिटी प्लानर विजय सावलकर को भवन अनुज्ञाओं और लैंडयूज के आधार पर कार्रवाई करना चाहिए।

- जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर सुदाम पी खाड़े को नजूल नियमों के आधार पर बाजार, आवासीय क्षेत्र व ग्रीन लैंड को कसना चाहिए। इसके आधार पर कार्रवाई करना चाहिए।

 

शहर में बेतरतीब विकास काफी हुआ है। स्थिति ये हैं कि अवैध निर्माण पर कंपाउंडिंग नियम तक का पालन यहां नहीं हो पाता क्योंकि लोगों ने तय नियम से दस फीसदी से अधिक अवैध निर्माण कर रखे हैं। इसके लिए समग्र योजना और शहर की सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
- आलोक शर्मा, महापौर

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