यूरिया का संकट होगा खत्म, इसी साल से आधी से भी कम कीमत में मिलेगा नैनो यूरिया

कृषि विकास में सहकारिता का योगदान में दी गई जानकारी

By: Ashok gautam

Published: 03 Jan 2020, 09:46 AM IST

भोपाल। इफको नैनो यूरिया बना रहा है, जो लिक्विड फार्म में होगा। आधे लीटर नैनो यूरिया में एक बोरी यूरिया खाद के बाराबर की उत्पादकता होगी। आधा लीटर की बॉटल किसानों को करीब सौ रूपए के आस-पास के कीमत में मिले सकेगी। वर्तमान में यूरिया की एक बोरी 266 रुपए में किसानों को मिलती है।

ऐसे में आधी से भी कम कीमत पर किसानों को यूरिया मिलेगा, वहीं यूरिया की किल्लत भी खत्म हो जाएगी। सरकार खरीफ के अगले सीजन में नैनो यूरिया वितरित करेगी। मिन्टो हॉल में आयोजित 'कृषि विकास में सहकारिता का योगदान संगोष्ठी में यह जानकारी इफको के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी ने दी। डॉ. अवस्थी ने बताया कि नैनो यूरिया यह इको फ्रेन्डली तो होगा ही इससे जमीन की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इफको जैविक खाद के बाद अब जैविक कीटनाशक भी बना रहा है, जो वातावरण के लिए नुकसानदेह नहीं होगा।

गोदाम से सीधे पहुंचाएं खाद-

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने कहा है कि खाद गोदाम से सीधे सहकारी समितियों को भिजवाई जाए। इससे समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि इफको द्वारा किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विपणन सहकारी समिति में योजनाओं की जानकारी आवश्यक रूप से प्रदर्शित की जाए।

मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने कहा कि किसानों को खेती के साथ पशुपालन तथा सहायक गतिविधियों को भी अपनाना होगा जिससे वे पर्याप्त लाभ कमा सकें। उन्होंने इफको से कहा कि प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज बनवाने तथा खाद प्र-संस्करण उद्योग स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करें।मंत्री डॉ. सिंह ने इफको की जैविक खाद, नैनो यूरिया, पशु-आहार आदि की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।


नरवाई को किया जाएगा डी-कंपोज

कार्यशाला में बताया गया कि नरवाई (पराली) जलाने की समस्या से निजात पाने के लिए अब ऐसा डी-कम्पोजऱ बनाया गया है, जिसका छिडकाव करने से फसलों के ठूठ डी-कंपोज होकर खाद बन जाएंगे और मिट्टी की उर्वरा-शक्ति को बढ़ाएंगे। वर्तमान में किसान नरवाई खेत में जला देते हैं जिससे प्रदूषण फैलता है और इसका वातावरण में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

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