इन विश्वविद्यालयों में खाली हैं सैकड़ों पद, आवेदन के लिए रहें तैयार - देखें कहां क्या स्थिति

शैक्षणिक विभागों के रिक्त पद भरने के लिये अब तक नहीं बना रोस्टर

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Updated: 30 Nov 2019, 07:31 AM IST

भोपाल/ विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक विभागों के रिक्त पद Vacancy in university भरने की कवायद अब तेज हो गई है। इसके लिए अतिथि व्याख्याता और अन्य अभ्यार्थी तैयार रहें। दरअसल, राजभवन द्वारा प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने शैक्षणिक विभागों के रिक्त पद भरने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद से अब रोस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। हालांकि ये रोस्टर लागू करने की प्रक्रिया तीन माह पहले की जानी थी। लेकिन अब तक रोस्टर लागू ना होने से नियुक्ति प्रक्रिया में देरी हो रही।

अतिथि व्याख्याताओं के भरोसे शिक्षण व्यवस्था

विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में एंट्री लेवल का पद असिस्टेंट प्रोफेसर का है। सरकारी कॉलेजों में इनके 4700 पद खाली हैं। वहीं, विश्वविद्यालयों में राज्य शासन से पद स्वीकृत हैं। लेकिन, अधिकतर में गेस्ट फैकेल्टी के भरोसे काम चलाया जा रहा है। तीन माह पहले राजभवन में हुई बैठक के दौरान राज्यपाल ने रिक्त पदों पर नियुक्ति के स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए थे। विश्वविद्यालयों के मामले में आरक्षण के पेच पर स्पष्ट किया गया कि राज्य में लागू 100 बिन्दु रोस्टर लागू किया जाए।

 

नए विश्वविद्यालयों की स्थिति ज्यादा खराब

सागर विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल जाने के कारण छतरपुर और शहडोल विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई। लेकिन, ये विश्वविद्यालय पदों की स्वीकृति के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हाल ही में स्थापित छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय की स्थिति कुछ ठीक है। यहां सरकार ने आनन-फानन में पद स्वीकृत कर दिए हैं।

कहां क्या स्थिति

  • अटल बिहारी बाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय में 27 पद स्वीकृत हैं। इसमें असिस्टेंट प्रोफेसरों के करीब 18 पद हैं। एक भी प्राध्यापक नियमित नहीं है। 33 गेस्ट फैकल्टी हैं।
  • जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर 104 लेक्चरर, रीडर और प्रोफेसर के पद हैं। इसमें से करीब 50 पद खाली हैं। गेस्ट फैकल्टी से काम चलाया जा रहा है।
  • मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में 40 पद हैं। यहां एक भी नियमित प्राध्यापक नहीं है। नियमित प्राध्यापक न होने से यूजीसी के सख्ती के कारण यहां के कुछ पाठ्यक्रमों को बंद करना पड़ा। अब अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की तैयारी है।
  • महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर और शहडोल विश्वविद्यालय में पद तो स्वीकृत हैं। लेकिन, यहां नियमित प्राध्यापक नहीं हैं।

इनका कहना

उच्च शिक्षा जीतू पटवारी ने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में शिक्षण विभाग में पद रिक्त हैं। इनको भरे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। रोस्टर के आधार पर पदों को भरा जाएगा।

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