बिजली विभाग के नियमों का हो रहा जोगदार उलंघन.. अगर नहीं आए बदलाव तो रोज मिलेगी मौत को दावत, देखें

हाईटेंशन से अड़ा ली छत बनी जान का जोखिम

भोपाल।राजधानी की करीब 60 कॉलोनियों में लोगों ने हाईटेंशन लाइन के लगभग करीब तक अपनी छतें बढ़ा ली। स्थिति ये हैं कि यहां हाईटेंशन लाइन और घर के बीच बमुश्किल 15 फीट की दूरी बची है। जबकि बिजली अधिनियम में 33 केवी लाइन से घर की दूरी कम से कम 20 फीट तय कर रखी है।

हाईटेंशन लाइन की जद में आने की वजह से एेशबाग के सुदामा नगर में एक युवक ने तार की चपेट में आकर अपनी जान गंवा दी। बीते एक साल में ये चौथी बड़ी घटना है।

 

लगातार दुर्घटनाओं के बावजूद न तो लोग गंभीरता दिखा रहे हैं, न ही प्रशासन और बिजली कंपनी। लाइन की जद में आने वाले मकानों को बिजली कंपनी बिजली एक्ट 2003 के तहत एक नोटिस जारी कर इतिश्री कर लेती है।

बिजली कंपनी भोपाल सिटी सर्कल की ही बात करें तो जोन स्तर से मासिक तौर पर 20 नोटिस जारी होते हैं। यह मकान मालिकों को थमा दिए जाते हैं। इसके बाद न तो कंपनी इस ओर ध्यान देती है, न ही लोग इसे मानते हैं। कई बार तो बिजली कर्मचारी की ही मदद लेकर बिजली लाइन में पीवीसी की टेपिंग कर खतरे से बचने की कोशिश की जाती है।

 

यहां पर है हाईटेंशन लाइन के नीचे घर
चांदबड़, अशोका गार्डन, सोनागिरी, इंद्रपुरी, निजामुद्दीन कॉलोनी, राजीव नगर, कल्पना नगर, शाहपुरा, कोलार, बैरागढ़, स्टेशन बजरिया, सुदामा नगर, एेशबाग, नवीन नगर, करोद, अंबेडकर नगर समेत अन्य क्षेत्र। यहां तक नंगे पैर से लाइन के करीब पहुंचना या फिर अंजाने में गीले कपड़े लेकर लाइन के करीब पहुंचने की स्थिति में दुर्घटना होती है।

बिना अनुमति निर्माण अधिक

जिन भवनों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, उनमें से ८० फीसदी ने ऊंचाई बढ़ाने अनुमति नहीं ली है। यदि अनुमति ली जाती है तो भवन अनुज्ञा शाखा का इंजीनियर इसका मुआयना करता है और अनुमति से इंकार कर देता है। नरेला विधानसभा में सबसे अधिक बिना अनुमति भवन है और यहीं पर हाईटेंशन लाइन भी गुजर रही है।

मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी का डॉ. संजय गोयल का कहना है कि कंपनी नोटिस देती है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई कराने की कोशिश भी कराती है। लोगों को भी खुद की सुरक्षा के लिए जागरूक होना चाहिए।

 

  • अशोका गार्डन के सम्राट कॉलोनी निवासी मोहम्मद हकीम ने बताया कि हम लोगों को काफी समस्या होती है। कई बार इसकी शिकायत बिजली कंपनी से कर चुके हैं। हम लोग भय के साए में जी रहे हैं।
  • डीआईजी बंगला निवासी मोहम्मद फराज का कहना है कि बिजली कंपनी और प्रशासन को मिलकर एेसे घरों के लिए कोई अलग नियम बनाना चाहिए।
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देवेंद्र शर्मा Reporting
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