इसके दिए नंबर से आते हैं अमित शाह के नाम पर फोन, गर्लफ्रेंड के लिए छोड़ दिया इंजीनियरिंग की पढ़ाई

दक्ष अग्रवाल अब पुलिस के सामने उगल रहा है कई राज


भोपाल/ पिछले दिनों मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन को गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर फोन आया था। कथित अमित शाह ने फोन के जरिए डॉ चंद्रेश शुक्ला को कुलपति बनाने की सिफारिश की थी। राज्यपाल के शिकायत पर एसटीएफ ने विंग कमांडर और चंद्रेश शुक्ला को गिरफ्तार किया था। चंद्रेश शुक्ला ने गवर्नर को फोन वीआईपी नंबर से किया था। अब एसटीएफ ने वीआईपी नंबर उपलब्ध करवाने वाले दक्ष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है।

दक्ष अग्रवाल के बारे में एसटीएफ को कई रोचक जानकारियां मिली हैं। उसे उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, चंद्रेश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान यह बताया था कि उसने वीवीआईपी नंबर एक लाख रुपये में लिया है। यह सिम कार्ड उसे दक्ष अग्रवाल ने उपलब्ध करवाई थी। दक्ष खुद को ट्रैवेल्स एजेंट बताया है। साथ ही वह हरिद्वार में एक ट्रैवेल्स एजेंसी भी चलाता है।

वीआईपी नंबर बेचता है दक्ष
एसटीएफ ने दक्ष अग्रवाल को गिरफ्तार कर जब उससे पूछताछ शुरू की तो उसने कई खुलासे किए हैं। उसने कबूल किया है कि वह वीआईपी सिम कार्ड के रैकेट में शामिल है। इसके जरिए उसने काफी पैसा कमाया है। उन्हीं पैसों से इसने विदेश यात्रा भी की। पिछले दस सालों से वह इस काम में लगा हुआ था। देश के कई लोगों को इसने वीवीआईपी सिम कार्ड सप्लाई किया है। साथ ही उनसे मोटी रकम की वसूली भी की है।

सांसद से भी की है ठगी
दक्ष अग्रवाल ने पूर्व में तेलंगाना के एक सांसद से भी ठगी की है। उस मामले में इसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। जेल से छूटकर आने के बाद फिर से वह इसी काम में लग गया है। पुलिस ने दक्ष अग्रवाल को छह दिनों की रिमांड पर लिया है। इस दौरान उसने कई राज उगले हैं, जिस पर पुलिस जांच कर रही है। आखिर वीआईपी सिम के जरिए इसने और किन-किन लोगों से ठगी की है।


गर्लफ्रेंड के लिए छोड़ दिया इंजीनियरिंग की पढ़ाई
एसटीएफ को पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि उसने गर्लफ्रेंड के लिए 23 साल की उम्र में इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दिया। उसी के साथ दक्ष फिर हरिद्वार में रहने लगा। अब उसकी उम्र 33 साल की है। इन दस सालों में उसने वीआईपी सिम का अवैध कारोबार खूब किया है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि दक्ष के साथ इस रैकेट में टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं।

क्या है मामला
दरअसल, एसटीएफ ने 10 जनवरी को डेंटिस्ट चंद्रेश अग्रवाल और एयरफोर्स मुख्यालय, दिल्ली में पदस्थ विंग कमांडर कुलदीप सिंह वाघेला को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों ने 3 जनवरी की दोपहर करीब 1 बजे राज्यपाल कार्यालय के लैंडलाइन फोन पर कॉल कर राज्यपाल टंडन से करीब 2 मिनट 14 सेकंड बात की थी। बात करने के दौरान चंद्रेश ने खुद को अमित शाह का पीए बताया, जबकि कुलदीप फोन पर अमित शाह बनकर राज्यपाल से चंद्रेश को कुलपति नियुक्त करने की सिफारिश की थी। दोनों आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

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Muneshwar Kumar
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