जब किसी ने नहीं सुनी तो सोशल मीडिया पर बेरोजगारी से जंग

- हजारों अभ्यर्थियों ने ग्रुप बनाकर खोले मोर्चे, भर्ती के लिए सालों से इंतजार

- फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सऐप सहित सहित अन्य माध्यमों से प्रक्रिया पूरी करने की मांग

By: शकील खान

Published: 01 Oct 2020, 12:00 AM IST

भोपाल. प्रदेश में नई नियुक्तियों को लेकर एक ओर जहां सरकार ने हाल में ही घोषणा की है तो वहीं दूसरी और हजारों अभ्यर्थी ऐसे हैं जो भर्ती निकलने के बाद होने वाली परीक्षा को पास कर बेरोजगार बैठे हैं। इनमें पटवारी और शिक्षक शामिल हैं। करीब तीन साल अधिकारियों और नेताओं के चक्कर काटने के बाद सोशल मीडिया पर इन्होंने बेरोजगारी के खिलाफ जंग शुरू की है।
पिछले पांच सालों के भीतर पटवारी, शिक्षक सहित कई पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया तो चल रही है लेकिन ये पूरी नहीं हो पाई। बेरोजगार युवाओं को एक मंच पर लाने के लिए सोशल मीडिया सहारा बन रहा है। इसके सहारे ये अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं। रोजगार की इस जंग में वे लोग भी हैं जो अनुकंपा नियुक्ति के इंतजार में हैं। दरअसल इनके सामने परीक्षा की शर्त लगा दी गई। अब परीक्षा ही नहीं हो रही तो भर्ती कैसे हो।

परीक्षा में पास हो गए नौकरी नहीं लगी

पटवारी भर्ती परीक्षा पास कर चुके संदीप पांडे केे मुताबिक कि तीन साल पहले भर्ती निकली थी। परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति का अब तक इंतजार है। करीब पांच हजार युवा ऐसे हैं जो बेरोजगार बैठे हैं। नेता, मंत्री अफसरों के सामने कई बार गुहार लगा चुके हैं। जब किसी ने नहीं सुनी तो सोशल मीडिया का सहारा लिया। फेसबुक, ट्वीटर, वाट्सऐप सहित सभी तरीकों से मांगों को उठाया जा रहा है।

आवाज पहुंचाने बनाया माध्यम

प्रदेश में शिक्षकों के लिए निकली भर्ती की भी यही स्थिति है। भर्ती तो विभाग ने निकाल दी लेकिन किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई। इसे भी करीब तीन साल हो चुके हैं। करीब दस हजार से ज्यादा अभ्यर्थी नौकरी मिलने के इंतजार में है। भर्ती परीक्षा पास कर चुके जितेन्द्र कुमार ने बताया कि हर बार केवल आश्वासन दे दिया जाता है कि मामला प्रक्रिया में है। सोशल मीडिया को आवाज पहुंचाने का माध्यम बनाया है।

आवाज पहुंचाने बनाया माध्यम चार साल ने नहीं
निकली भर्ती, हो गए ओवरऐज कई युवा
मप्र बेरोजगार युवा संगठन केे नाम से सत्येन्द्र ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ी है। हजारों युवा इसमें शामिल हैं। सत्येन्द्र ने बताया कि पुलिस भर्ती के लिए पिछले चार साल से हजारों बेरोजगार इंतजार कर रहे हैं। पहले ये हर साल निकाली जाती थी। इसकी तैयारी में जुटे कई युवा तो ऐसे हैं जो भर्ती के इंतजार में ओवरऐज हो चुके हैं। सरकार और अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद ये मुहिम छेड़ी है।

कोरोनाकाल में मुसीबत, युवाओं पर ध्यान देने की मांग
कोरोनाकाल के कारण मुसीबतें और बढ़ गई हैं। रोजगार के अवसर और कम हो गए। बेरोजगार संघ से जुड़ रहे कई युवाओं के मुताबिक सरकार युवाओं की बात सुन प्रक्रिया जल्द शुरू करवाए। पुरानी जो भर्तिया निकली थीं उन पर ही भर्ती की प्रक्रिया किसी ने किसी कारण से रोकी दी जाती है।

शकील खान
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned