MP Election: VVpat मशीनें टेस्टिंग के दौरान हुई फेल! ये रहा कारण...

MP Election: VVpat मशीनें टेस्टिंग के दौरान हुई फेल! ये रहा कारण...

Deepesh Tiwari | Publish: Sep, 03 2018 03:07:37 PM (IST) Bhopal, Madhya Pradesh, India

200 से अधिक केंद्रों पर VVpat मशीनों की टेस्टिंग...

भोपाल। मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसी के चलते सोमवार को भोपाल में VVpat मशीनों की टेस्टिंग की गई। इस दौरान कई जगह इन मशीनों के काम नहीं करने से प्रदेश में एक बार फिर राजनीति गर्मा गई है।

जानकारी के अनुसार करीब 200 से अधिक मतदान केंद्रों पर VVpat मशीनों की राजधानी में टेस्टिंग की जा रही थी। इस दौरान कई जगहों पर इस मशीन ने काम ही नहीं किया। इनमें से मुख्य रूप से सुभाष कन्या उत्कृष्ट विद्यालय व सरोजनी नायडू ग्ल्र्स सहित कई स्कूलों में मशीन ने काम ही नहीं किया। जिसकी सूचना सामने आते ही एक बार फिर चुनावों को शहर में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।

सामने आ रही जानकारी के अनुसार कुछ स्कूलों में जब VVpat मशीनों को टेस्ट किया गया तो, उनका बटन ही काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण इनके खराब होने की बात सामने आने लगी।

वहीं जानकारों के अनुसार मौसम में अत्यधिक नमी होने के चलते ये मशीनें प्रभावित हो जाती है, जिस कारण ये काम नहीं कर पाती हैं।

पहले भी सामने आ चुका है मामला...
इससे पहले विदिशा में भी मीडिया कार्यशाला के दौरान काफी देर तक ये मशीने शुरू ही नहीं हो सकीं थी, तब भी इसे लेकर राजनैतिक माहौल गर्म हो गया था।
दरअसल इस दौरान विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान ईवीएम मशीन के साथ वीवीपेट लगे होने के संबंध में जानकारी देने के लिए कलेक्टर अनिल सुचारी और डिप्टी निवार्चन अधिकारी ने पिछले दिनों कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया था।

वहीं कार्यशाला के दौरान जो सबसे खास बात सामने आई वो ये थी कि चुनाव की इस मशीन की जानकारी देते समय भी करीब 10 मिनट तक यह मशीन चालू ही नहीं हो सकी। जिसके बाद कलेक्टर ने कहा कि मॉकपोल के दौरान पहले से मशीन चालू करवाकर रखना होंगी। मशीन चालू नहीं होने पर कार्यशाला में मौजूद लोगों ने तरह-तरह के सवाल पूछे और अधिकारी सफाई देते नजर आए।

शिकायत फर्जी निकली तो होगी FIR...
इस दौरान अधिकारियों ने बताया था कि इस नई मशीन का उपयोग से चुनाव में करने से किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं रह जाएगी।

फिर भी यदि कोई मतदान करने के बाद कहता है या कोई शिकायत करता है कि उसने जो बटन दबाया उस प्रत्याशी को मत नहीं मिला या किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़े का आरोप लगाता है, तो इसके लिए उसे शपथपत्र पीठासीन अधिकारी को देना होगा।

जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर इसकी रिपोर्ट ईसीआई को जाएगी। वहीं जांच में शिकायत के गलत पाए जाने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर की जाएगी।

एफआईआर FIR की बात सुनते ही भड़क गए लोग...
कार्यशाला में मुख्य रूप से इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों से बहस भी हुई थी। नागरिकों का कहना था कि यदि शिकायतकर्ता शिकायत करता है और झूठी शिकायत पाई जाती है, तो एफआईआर करने पर तो कोई शिकायत ही नहीं करेगा। जिस पर फिर अधिकारी बचते नजर दिखे थे यहां उन्होंने कहा था कि अभी यह अमल में नहीं है। इस पर विचार चल रहा है और इसलिए सभी के सुझाव मांगे जा रहे हैं।

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