हमें सरकार गिराने की जरूरत नहीं कांग्रेसी काफी हैं : शिवराज

- पूर्व मुख्यमंत्री की पत्रिका से बातचीत

By: anil chaudhary

Published: 01 Jul 2019, 05:03 AM IST

रामदिनेश यादव, मुंबई. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों संगठन को मजबूत करने की मुहिम पर निकले हैं। राष्ट्रीय सदस्यता समन्वयक चौहान ने मध्यप्रदेश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर 'पत्रिकाÓ से बातचीत की। उन्होंने कांग्रेस को घेरा तो कमलनाथ सरकार पर जमकर आरोप लगाए।
सवाल : क्या भाजपा मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने का षड्यंत्र रच रही है?
शिवराज : इसका मुझे पता नहीं, लेकिन इतना तय है कि सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस में गुटबाजी है। कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह जैसे नेता आपस में उलझे हैं, उससे साफ है सरकार गिरेगी। ऊपर से सरकार में में बैठे लोग भ्रष्टाचार में लगे हैं। कुप्रशासन, द्वेष और जातिवाद बढ़ रहा है। विकास घुटने टेकने लगा है। जनता देख रही है।
सवाल : विधानसभा चुनाव में भाजपा क्यों हार गई?
शिवराज : हार के बाद सच का पता लगाने निकला तो जनता ने अफसोस जताया और बोला कि उनसे भूल हो गई। 20 हजार रुपए और कर्जमाफी के झांसे में आ गए। इसके बाद जनता ने फिर लोकसभा चुनाव में आशीर्वाद दिया।
सवाल : पार्टी विधायक आकाश विजयवर्गीय अधिकारियों की सरेआम पिटाई कर रहे हैं, क्या यह भाजपा का भविष्य है?
शिवराज : मामले में आकाश सबके सामने अपनी बात रख चुके हैं। मेरा इस विषय में बोलना उचित नहीं है।

सवाल : शीर्ष नेतृत्व ने आपको केंद्र की राजनीति में भेज दिया गया, कैसा लग रहा है यहां काम करके?
शिवराज : अच्छा लग रहा है। मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं। पार्टी जहां भेजेगी, काम करूंगा। कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा पर पार्टी ने मौका दिया। आगे भी जो आदेश होगा, स्वीकार होगा।
सवाल : कांग्रेस का भविष्य आप क्या देखते हैं?
शिवराज : पार्टी को एक परिवार पर निर्भर नहीं बनाना चाहिए। कांग्रेस डूब चुकी है और उसका मुखिया भाग गया है। कांग्रेस वो जहाज है जो डूब रहा है। जबकि, भाजपा लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद फिर संगठन मजबूत करने में जुट गई है। मुझे लगभग पांच करोड़ नए सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया है।
सवाल : क्या मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के बाद सरकार फिर से नहीं बनती?
शिवराज : जी हां, यह सच है। मैं इसका गवाह हूं। मान्यता है कि मध्यप्रदेश में क्षिप्रा नदी पर उज्जैन में प्रत्येक 12 वर्ष पर आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला के बाद राज्य में कोई सरकार दोबारा नहीं बनती।

anil chaudhary Desk
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