Weather Updates: अब भीषण गर्मी का दौर, 20 दिन परेशान करेगा तापमान, देरी से आएगा मानसून

बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब भीषण गर्मी की चपेट में मध्यप्रदेश, तापमान अभी और बढ़ेगा...।

By: Manish Gite

Published: 16 May 2020, 01:27 PM IST

भोपाल। आधे से ज्यादा मध्यप्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब भीषण गर्मी का दौर शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों का तापमान 40 के पार पहुंच गया है। पांच जिलों में अधिकतम तापमान 43 रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानिकों का मानना है कि अब आने वाले 20 दिन भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा। हालांकि कुछ जिलों में ही हल्की बारिश और तेज हवा की संभावना है।

 

इन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश के सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, मंडला और बैतूल जिलों में बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान अगले 24 घंटों के लिए जारी किया गया है।

 

पांच जिलों के लिए यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने पांच जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी कर कहा है कि इन इलाकों में तेज रफ्तार से हवा चलेगी। गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं बिजली गिर सकती है साथ ही 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक हवा भी चल सकती है।

 

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पिछले 24 घंटों का हाल
मौसम विभाग के मुताबिक मध्यप्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर, ग्वालियर, होशंगाबाद और भोपाल संभागों के जिलों में कीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। डिंडौरी और घनसौर में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

5 जिलों में पारा 43 के पार
मौसम विभाग की ताजा बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश के उज्जैन संभाग में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक और होशंगाबाद संभागों के जिलों में सामान्य से कम रहा। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43 डिग्री से. खरगौन, धार, गुना, शाजापुर और रतलाम में दर्ज किया गया।

 

 

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क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक
जाने माने मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र नायक के मुताबिक इस वर्ष केरल के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन, मानसून के आगमन की सामान्य तिथि से थोड़ा होने की संभावना है।
-इस साल केरल में मॉनसून की आगमन 5 जून के आसपास आएगा। भारतीय मानसून क्षेत्र में, प्रारंभिक मानसून की बारिश दक्षिण अंडमान सागर में अनुभव की गई है, मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी होती हुईं, उत्तर-पश्चिम में आगे बढ़ी हैं।
-22 मई के आसपास अंडमान सागर में दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ता है।
-शैलेंद्र नायक के मुताबिक 16 मई शाम तक इसके दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में एक चक्रवाती तूफान में और अधिक तीव्र होने की। बहुत संभावना है। इस मौसम प्रणाली एवं घटना से इस संबद्ध, मौसम परिस्थितियाँ के कारण, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए, आगामी 48 घंटों के दौरान, अंडमान सागर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्से में अनुकूल परिस्थितियाँ बन रहीं है।

 

5 दिन विलंब से आएगा मानसून
मौसम विभाग ने शुक्रवार को अनुमान जताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल तट पर पहुंचने में चार दिन की देरी हो सकती है। मानसून के सामान्य तौर पर शुरू होने की तारीख एक जून की बजाय चार दिन बाद 5 जून तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार मानसून सामान्य रहेगा।

देश के विभिन्न हिस्सों में प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं। मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ छिटपुट बारिश की खबरे हैं। जबकि कुछ जिलों में गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 16 मई को बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान अंफान आएगा, जिसके चलते ओडिशा, अंडमान निकोबार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है।

 

अंफन के चलते 8 राज्यों में भारी बारिश की आशंका
चक्रवाती तूफान एंफन के असर के चलते देश के आठ राज्यों और केंद्र शासिसत प्रदेशों में भारी बारि और तेज हवा चल सकती है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण और मध्यवर्ती इलाकों के समुद्र में न जाने की सलाद दी गई है। समुद्र में गए मछुआरों को तुरंत लौटने के निर्देश दिए गए हैं। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी अंफन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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