साध्वी प्रज्ञा के 'धर्मयुद्ध' में भोपाल में हुई बंपर वोटिंग के क्या मतलब हैं ?

साध्वी प्रज्ञा के 'धर्मयुद्ध' में भोपाल में हुई बंपर वोटिंग के क्या मतलब हैं ?

Pawan Tiwari | Publish: May, 13 2019 02:57:43 PM (IST) | Updated: May, 13 2019 03:09:46 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

2014 के मुकाबले में भोपाल में इस बार करीब आठ फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई है

भोपाल. छठवें चरण में मध्यप्रदेश की आठ सीटों पर वोटिंग पर 65.22 फीसदी मतदान हुआ है। इस चरण में देश की सबसे हाई प्रोफाइल सीट भोपाल में भी वोटिंग हुई है। भोपाल में इस बार 65.69 फीसदी वोटिंग हुई है। 2014 में भोपाल में 57.8 फीसदी मतदान हुआ था। भोपाल लोकसभा सीट पर इस बार दिग्विजय सिंह और साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच मुकाबला है। इस रोचक मुकाबले में बढ़ा हुआ वोटिंग प्रतिशत क्या कहता है?


2014 के मोदी लहर से भा ज्यादा वोट
2014 के लोकसभा चुनाव में देश में मोदी लहर थी। मोदी लहर में भोपाल में 57.8 फीसदी वोटिंग हुई थी। जबकि इस बार 2014 के मुकाबले में करीब आठ फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई है। मतदान में वृद्धि से यह माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कांटे की टक्‍कर है।

भोपाल की किस विधानसभा में कितनी वोटिंग हुई
बैरासिया- 76.02
भोपाल उत्तर- 66.65
नरेला- 64.87
भोपाल दक्षिण- 59.35
भोपाल मध्य-59.55
गोविंदपुरा- 59.94
हुजुर- 67.41
सिहोर- 76.83


हिन्दुत्व और विकास की भी हुई बात
भोपाल लोकसभा सीट पर हिन्दुत्व का मुद्दा सबसे ज्यादा हावी रहा। हालांकि दोनों ही नेताओं ने भोपाल के विकास के लिए विजन भी जारी किया पर विजन से ज्यादा चर्चा रही हिन्दुत्व की। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भगवा आतंकवाद को मुद्दा बनाया तो वहीं, दिग्विजय सिंह ने भी मंदिरों में जा कर पूजा पाठ की। दिग्विजय सिंह के समर्थन में कम्प्यूटर बाबा भी उतर और उनके लिए भोपाल के सैफिया मैदान में हठयोग किया। कम्प्यूटर बाबा ने तो दिग्विजय सिंह के समर्थन में भोपाल में साधु-समाज के लोगों के साथ रोड शो किया था इस दौरान दिग्विजय सिंह भी नजर आए थे। वहीं, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भोपाल में चुनाव प्रचार के दौरान दिग्विजय सिंह पर खुला हमला बोलते हुए रैलियों में यह कहा कि ये धर्मयुद्ध है। इस चुनाव के परिणा बताएंगे की हिन्दू और भगवा आतंकवाद होता है या नहीं।


मोदी-राहुल ने नहीं की सभा
मध्यप्रदेश की कई लोकसभा सीटों पर पीएम मोदी और राहुल गांधी ने रैलियां कीं। लेकिन दोनों ही नेताओं ने भोपाल लोकसभा सीट पर ना तो रोड शो किया और ना ही रैली। हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साध्वी प्रज्ञा के समर्थन में पुराने भोपाल में जनसभा को संबोधित किया। वहीं, कांग्रेस की तरफ से मुख्य रूप से दिग्विजय सिंह ही सक्रिय रहे। नवजोत सिंह सिद्धू ने भी दिग्विजय सिंह के लिए रैली की लेकिन रैली और जनसभा का पूरा जिम्मा अकेले दिग्विजय सिंह ने ही संभाल रखा था। वहीं, भाजपा की तरफ से केन्द्रीय नेतृत्व से लेकर प्रदेश के कई बड़े नेता कैंपेन में लगे हैं। शिवराज सिंह चौहान लगातार भोपाल में सक्रिय रहे।

पीएम मोदी ने भी भगवा आतंकवाद का मुद्दा उठाया
पीएम मोदी ने भोपाल मे चुनावी सभा तो नहीं कि लेकिन उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस हिन्दू परंपरा को अपमानित कर रही है और भगवा आतंकवाद के झूठे आरोप लगाती है। मतदान के बढ़ा हुआ प्रतिशत किसके लिए टेंशन देगा और किसे राहत इसका फैसला तो 23 मई को ही होगा।

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