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भोपाल

जवानों को ज्यादा छुट्टी मिली तो कम हुई अनुपस्थिति, परिवार भी खुशहाल

विभाग में पुलिसकर्मियों की कमी होने के बादजूद जरूरत पडऩे पर उन्हें छुट्टी मिली तो गैरहाजिर रहने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या में कमी आई है।

भोपालJun 22, 2024 / 12:56 pm

Rohit verma

If soldiers get more leave then absenteeism reduces, families also become happy

If soldiers get more leave then absenteeism reduces, families also become happy

भोपाल पुलिस का एनालिसिस… जरूरत पडऩे पर छुट्टी दी तो गैरहाजिर रहने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 34 प्रतिशत घटी

रोहित वर्मा
विभाग में पुलिसकर्मियों की कमी होने के बादजूद जरूरत पडऩे पर उन्हें छुट्टी मिली तो गैरहाजिर रहने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या में कमी आई है। अवकाश मिलने से पत्नी का इलाज कराया, बेटा होने का फर्ज निभाया, पारिवारिक आयोजनों, रिश्तेदारों के कार्यक्रमों में शामिल हुए। इससे घर परिवार के साथ रिश्तेदार भी खुश हैं। परिवारिक आयोजनों में शामिल होने से पति-पत्नी के बीच होने वाली कलह में भी कमी आई है।
पुलिस विभाग में 66 इंस्पेक्टर्स समेत 593 पुलिसकर्मियों की कमी है। फिर भी बीते एक साल में जरूरत पडऩे पर 4078 पुलिसकर्मियों को छुट्टी दी गई। इसका फायदा यह हुआ कि पिछले 1 साल की तुलना में इस साल पुलिसकर्मियों की गैरहाजिरी करीब 34 फीसदी कम रही। भोपाल पुलिस में पहली बार पुलिसकर्मियों के अवकाश को लेकर विश्लेषण किया गया है। इसका मकसद पुलिस स्टाफ में गैरहाजिर होने की प्रवृत्ति को कम करना है।
आरआई जय सिंह तोमर ने बताया कि नेहरू नगर पुलिस लाइन में 1 मई 2023 से 30 अप्रेल 2024 के बीच कुल 4078 पुलिसकर्मियों के अवकाश स्वीकृत किए गए। ड्यूटी रोस्टर बनाकर अवकाश मंजूर कर लिया। इसका फायदा ये हो रहा है कि 164 पुलिसकर्मी कम गैरहाजिर हुए। 1 मई 2022 से 30 अप्रेल 2023 के बीच गैरहाजिर पुलिसकर्मियों का आंकड़ा 488 था, जो इस बार 324 रह गया है।

गैरहाजिरी से विभाग स्टाफ दोनों को नुकसान

विभाग का नुकसान
पुलिसकर्मियों के गैरहाजिर होने के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी का काम किसी और के जिम्मे आ जाता है और उस पर काम का दबाव बढ़ जाता है।
आदतन गैरहाजिर रहने वाले स्टाफ को विश्वसनीयता के काम दिए जाने बंद कर दिए जाते हैं।
ऐसे कर्मचारियों को देखकर दूसरे स्टाफ में भी गैरहाजिर होने की प्रवृत्ति बढऩे की संभावना बढ़ जाती है।
कर्मचारी का नुकसान
जितने दिन गैरहाजिर रहे उतने दिन का वेतन नहीं मिलता। इसके साथ ही 13वें महीने का आधा वेतन भी काट लिया जाता है।
निंदा-घोर निंदा की सजा के साथ दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इसे एसीआर में भी दर्ज किया जाता है।
सजा यदि इनाम से ज्यादा हुई तो पदोन्नति में फर्क पड़ता है, क्योंकि गैरहाजिर रहने को सर्विस ब्रेक माना जाता है।

जवानों की कहानी उन्हीं की जुबानी

मेरे पिता बिना बताए कहीं चले गए। काफी खोजबीन के बाद भी पता नहीं चला तो घर वालों ने फोन किया। हमने सिर्फ आवेदन दिया और तत्काल छुट्टी मंजूर हो गई। उस समय हमें लगा कि एक बेहतर विभाग में काम कर रहे हैं।
देवेश प्रताप सिंह, आरक्षक
मैं ड्यूटी पर गया था, रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। मैने वहीं से फोन किया तो तत्काल 3 दिन की छुट्टी मिल गई। मेरी हाल ही में शादी हुई है और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होना था। मुझे खुद भरोसा नहीं था कि छुट्टी मिल जाएगी, क्योंकि हमने पहले कोई सूचना नहीं दी थी। लेकिन तत्काल छुट्टी मिली और उसी दिन घर जाकर कार्यक्रम अटेंड किया।
विकास कुमार, आरक्षक
मैंने एक महीने की छुट्टी का आवेदन दिया था, पर छुट्टी नहीं मिल पाई। लेकिन पत्नी के घर पर गिर जाने पर पांच मिनट में छुट्टी मिल गई। घर पहुंचकर पत्नी का इलाज कराया। ऐसे 4 बार छुट्टी मिली, इससे पत्नी भी खुश और परिवार खुशहाल रहा।
राजेंद्र जायसवाल, आरक्षक
बेटी के इलाज के लिए 15 दिन की छुट्टी का आवेदन दिया था। इसी बीच मेरे पिता की मृत्यु हो गई। मैंने फोन पर इसकी सूचना दी और तत्काल छुट्टी मिल गई। इससे मैं परिवार के साथ आयोजनों में शामिल हो पाया और बेटे का फर्ज निभाया।
विजय बहादुर सिंह, आरक्षक

1 मई 2022 से 30 अप्रेल 2023 तक की स्थिति

पद गैरहाजिर
टीआई 00
एसआई 06
एएसआई 28
हवलदार 43
सिपाही 241
रिकूट कॉन्स्टेबल 170

1 मई 2023 से 30 अप्रेल 2024 तक की स्थिति

पद गैरहाजिर
टीआई 02
एसआई 04
एएसआई 14
हवलदार 32
सिपाही 178
रिकूट कॉन्स्टेबल 99

बल की कमी से नहीं मिल रहा साप्ताहिक अवकाश

पद टीआई एसआई एएसआई हवलदार सिपाही कुल
स्वीकृत बल 135 356 676 1339 3290 5796
उपलब्ध बल 69 335 687 1251 2861 5203
बल की कमी 66 21 +11 88 429 593

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