कमलनाथ ने अफसरों को क्यों दी सख्त हिदायत, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

कहा- इतना धीमा काम तो कैसे पूरे होंगे लक्ष्य

By: anil chaudhary

Published: 12 Oct 2019, 05:04 AM IST

भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को अफसरशाही को अपना सिस्टम दुरुस्त करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि काम पहले से तेज करना जरूरी है। ऐसे ही धीरे काम होता रहा तो लक्ष्य कैसे पूरे होंगे। वन विभाग को कहा कि ऐसे काम नहीं चलेगा, दक्षिण अफ्रीका से सीखो। गोशाला को लेकर कहा कि इतना धीरे काम किया तो अगले साल 3000 गोशाला कैसे बनाएंगे। जबकि, महिला एवं बाल विकास विभाग को कहा कि पोषण आहार बच्चों तक पहुंच रहा है या नहीं यह भी चेक करो।
- वन्यप्राणी का मुद्दा क्यों नहीं
मुख्यमंत्री ने वन महकमे के अफसरों से कहा कि वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक के एजेंडे में वन्यप्राणियों से जुड़े मुद्दे क्यों नहीं हैं। अगली बैठक में वन्यप्राणियों के संरक्षण की कार्ययोजना तैयार कर उसे एजेेंडे में शामिल करें। उन्होंने कहा कि हम टाइगर स्टेट का फायदा लेने एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार दिल्ली में करें। इसी तरह भोपाल में राष्ट्रीय उद्यानों के विकास के लिए भी एक सम्मेलन हो।

- चंबल से ग्वालियर पानी देना अटका
चंबल से ग्वालियर को पानी देने का मसला फिलहाल अटक गया है। अब सीएस एसआर मोहंती की अध्यक्षता में एक कमेटी पहले अध्ययन करेगी। बैठक में अफसरों का तर्क था कि चंबल नदी से पानी देने से वहां घडिय़ाल और डालफिन को पानी काम पड़ जाएगा।
- पार्कों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने पर विचार करें। उन्होंने वन्यप्राणी क्षेत्रों आसपास के रहवासियों और पर्यटन के दृष्टिकोण से एक समन्वित नीति बनाने को कहा है।
- दिसंबर तक के लिए लक्ष्य तय
सीएम ने गोशाला के निर्माण कामों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इतना धीमा काम चलता रहा तो अगले साल 3000 गोशाला निर्माण का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। दिसंबर तक 1000 गोशाला के निर्माण स्थल सहित अन्य लक्ष्य को पूरा किया जाए। दो विभाग इसे देख रहे हैं तो काम भी जल्द हो। अब पशुपालन विभाग निर्माण की भी मॉनिटरिंग करे। बैठक में गोशाला निर्माण के लिए पैसे जुटाने मकानों पर सेस लगाने का प्रस्ताव रखा गया। इस पर सीएम ने कोई जवाब नहीं दिया। पशुपालन पीएस मनोज श्रीवास्तव ने कुमार मंगलम् के 100 गोशाला गोद लेकर हाईटेक बनाने को लेकर अब तक कार्रवाई की जानकारी दी। बैठक में तय किया गया कि गोसेवा के कामों को मुख्यमंत्री गोसेवा योजना के नाम से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंडी बोर्ड से पशुपालन विभाग को चारे के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग गोसंरक्षण के कार्यों में करने की सहमति दी।
- पोषण आहार का निगरानी तंत्र बनेगा
सीएम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा में कहा कि पोषण आहार को लेकर निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। इसमें सीईओ सहित अन्य अधिकारी निगरानी करने के लिए मैदान में उतरें। यह भी देखें कि पोषण आहार बच्चों तक पहुंच रहा है या नहीं। इसके लिए आकस्मिक चेकिंग की जाए। जो आंगनबाड़ी भवन जर्जर हैं, उनके काम जल्द पूरे किए जाए। निर्माण कामों में देरी को लेकर मैदानी अधिकारियों पर सख्ती की जाए।

anil chaudhary Desk
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