MP Budget 2021-22 : महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, अब हर जिले में खुलेंगे महिला पुलिस थाने

महिला सुरक्षा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने लिया बड़ा फैसला। अब हर जिले में खोले जाएंगे महिला पुलिस थाने। 220 अर्द्धशहरी, ग्रामीण थाने और 199 नई पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी।

By: Faiz

Published: 02 Mar 2021, 06:53 PM IST

भोपाल/ मध्य प्रदेश महिला अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बीते वर्ष यानी 2020 की ही बात करें, तो प्रदेशभर में 54 हजार से ज्यादा महिलाओं से आपराधिक वारदातें दर्ज हुई। हालांकि, गुजिश्ता सालों के मुकाबले कोरोना काल के चलते लगे लॉकडाउन के कारण काफी कम रहा। बावजूद इसके रोजाना औसतन 150 अपराधिक मामले दर्ज किये गए, जो अपने आप में चौंकाने वाले हैं। इसके अलावा, 15 हजार के करीब महिलाओं ने महिला हेल्प लाइन नंबर 181 पर भी मदद मांगी। इनआंकड़ों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है।

 

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प्रदेश के हर जिले में बनेगा महिला थाना

प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों पर लगाम लगाने के लिये शिवराज सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में महिला थाने खोलने का निर्णय लिया है। यही नहीं, इनमें शहरी स्तर पर 34 महिला थाने जबकि, 220 अर्द्धशाहरी और ग्रामीण थानों के साथ साथ 199 नई पुलिस चौकियों का निर्माण करने का निर्णय लिया है।


महिलाओं के लिये होगा फायदेमंद

प्रदेशभर में इन थानों के खुलने के बाद महिलाओं को किसी भी शिकायत होने पर सीधे महिला थाने में अपराध दर्ज कराने का विकल्प भी मिल जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ उन महिलाओं और लड़कियों को होगा, जो दूसरे शहरों में अपराध का शिकार होने के बाद अपने घर आती हैं। ऐसी पीड़िताएं अपने गृह जिले के महिला थाने में भी अपराध दर्ज करा कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करा सकेंगी।

 

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आम बजट में वित्तमंत्री का ऐलान

इन थानों में महिला सुरक्षा और सुविधा को मद्देनजर रखते हुए महिला थाना प्रभारी ही तैनात की जाएगी। बता दें कि, महिला सुरक्षा को लेकर उठाए जा हे इस कदम का ऐलान मंगलवार को पेश होने वाले आम बजट के दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने किया है। आपको ये भी बता दें कि, मौजूदा समय में प्रदेश के कुछ बड़े शहरों में ही महिला थाने संचालित किए जा रहे हैं।


मौजूद समय में इन शहरों में हैं महिला थाने

अगर बात की जाए, मध्य प्रदेश के पहले महिला पुलिस थाने की तो, ये थाना सबसे पहले राजधानी भोपाल में 10 अगस्त 1987 को खोला गया था। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रतलाम, रीवा और सतना में भी महिला थाने हैं। महिला अपराधों से जुड़े मामलों में यहां महिलाएं किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यहां की थानी प्रभारी से लेकर स्टॉफ की अधिकतर पोस्टों पर महिला कर्मी को ही तैनात किया गया है।

 

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डायल-100 को मोबाइल एप भी लांच

इसके अलावा, मंत्री देवड़ा ने बताया कि, महिलाओं के लिये आपातकाल में तुरंत मदद उपलब्ध कराने के लिए डायल-100 मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। इसमें कॉल सेंटर में कालर की लोकेशन बेस्ड सिस्टम स्थापित किया गया है। सभी डायल-100 वाहनों से संपर्क के लिए रेडियो ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल भी स्थापित किया जा चुका है। इस व्यवस्था के जरिये महिलाओं को किसी भी समय तत्काल सहायता पहुंचाने की सुलभ व्यवस्था हो सकेगी।

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