महिला अपराध और छेड़छाड़ रोकने के लिए देखें सरकार का नया तरीका..

Yogendra Sen

Publish: Mar, 15 2018 07:14:03 AM (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
महिला अपराध और छेड़छाड़ रोकने के लिए देखें सरकार का नया तरीका..

बढ़ते महिला अपराध पर हंगामा, सदन से विपक्ष का वॉकआउट, घर-घर जाकर पूछा जाएगा कहां होती है छेड़छाड़

भोपाल। प्रदेश में महिला अपराध का मामला बुधवार को विधानसभा में उठा तो हंगामा हो गया। कांग्रेस सदस्यों ने भोपाल के गीतांजलि कॉलेज की छात्रा की आत्महत्या और महिला अपराध पर स्थगन पर चर्चा की मांग की। इसके बाद कांग्रेस सदस्य चर्चा के लिए अड़ गए और नारेबाजी करके वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सदस्यों ने सदन के बाहर भी जमकर नारेबाजी की।

कांग्रेस के रामनिवास रावत ने छेड़छाड़ से तंग छात्रा की आत्महत्या से संबंधित स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा, इस घटना से पूरा भोपाल आंदोलित है। इस बीच अजय सिंह ने कहा कि भोपाल में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस के निशंक जैन ने कहा कि विदिशा में भी महिला अपराध बढ़े हैं। दूसरे विधायकों ने भी सरकार पर खूब आरोप लगाए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया।

गृहमंत्री बोले- महिला अपराध घटे

गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि महिला अपराध में 22 फीसदी की कमी आई है। सरकार अब इन अपराधों को रोकने के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराएगी। महिला अपराध और छेड़छाड़ रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाएगा। सर्वेक्षण कराकर यह जानकारी जुटाई जाएगी कि चूक कहां हो रही है।

इस काम में गैर सरकारी संगठनों की मदद भी ली जाएगी। महिलाओं से पूछा जाएगा कि उनको किन स्थानांे पर जाने में दिक्कत महसूस होती है। उन स्पॉट को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां पर छेड़छाड़ की घटनाएं होती हैं। स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर भी सर्वे कराया जाएगा। सरकार बदमाशों के खिलाफ अभियान भी चलाएगी।

सीएम ने आईजी को जताई नाराजगी

भोपाल में छात्रा की आत्महत्या को लेकर सीएम ने आईजी जयदीप प्रसाद को विधानसभा तलब करके पूरी रिपोर्ट ली। सीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की घटना से सरकार की छवि खराब होती है। पुलिस के प्रति जनता में विश्वास बढ़ाएं।

अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा करें। यदि ऐसी घटना दोबारा होती है तो वरिष्ठ अफसरों को भी जवाबदेह माना जाएगा।

सरकार की नहीं, जनता की चिंता: गौर

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने बुधवार को सदन के बाहर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। गौर ने कहा कि प्रदेश में कुपोषण से हजारों बच्चे मर रहे हैं। उनकी सुध कौन लेगा? उनके सवाल का सरकार पर क्या असर होता है वो इसकी चिंता नहीं करते, क्योंकि इन सवालों का असर तो जनता पर होता है। गौर ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर फिर सवाल किए।

उन्होंने कहा, प्रदेश में शिक्षकों के ४५ हजार पद खाली हैं, शिक्षकों से चुनाव का काम करवाया जा रहा है, प्रदेश में चौपट हुई शिक्षा व्यवस्था मंत्री कोई जवाब ही नहीं दे रहे हैं।

विशेषाधिकार हनन मामले में वक्त आने पर रखंूगा अपनी बात : पटवारी

कांग्रेस के जीतू पटवारी ने मीडिया पर आरोप लगाने के मामले में बुधवार को सफाई दी है। पटवारी ने मीडिया से कहा कि विशेषाधिकार का जो मामला बनाया गया है, उसमें सही समय आने पर अपनी बात रखंूगा। पटवारी ने कहा कि मैं मीडिया में काम करने वाले लोगों के पैरों में सिर रखकर उनका सम्मान करता हंू। मीडिया निष्पक्ष है और स्वाभिमानी भी है।

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