दूसरे दिन भी बैंक में लगी ग्राहकों की लाइन, सबका यही सवाल कैसे मिलेगा मेरा पैसा,देखें वीडियो

बैंक कर्मचारियों से पैसे निकालने की मांग करने लगे लेकिन बैंक से ग्राहकों को पैसे नहीं दिए गए।

By: Amit Mishra

Published: 07 Mar 2020, 12:31 PM IST

भोपाल। राजधानी के यस बैंक में दूसरे दिन भी ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। बैंक के खाताधारक अपने सभी खाते की पासबुक, चैकबुक, एटीएम कार्ड, एफडी से संबंधित दस्तावेज लेकर बैंक कर्मचारियों से पैसे निकालने की मांग करने लगे लेकिन बैंक से ग्राहकों को पैसे नहीं दिए जाने की सूचना मिल रही है। ग्राहकों का कहना है कि होली के समय पैसे नहीं मिलने से कई तरह की समस्या पैदा हो गई है और बैंक कर्मचारी कुछ बताने को तैयार नहीं है कि आखिर पैसा कब मिलेगाा।

कुछ इस तरह दर्द बयां कर रहे है ग्राहक
मेरे लाखों रुपए यस बैंक में जमा हैं, कई लोगों को मैंने चैक जारी कर दिए है। बैंक से पैसा नहीं निकल रहा है। ऐसे में यदि चैक बाउंस होगा तो मेरा क्या होगा। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह दर्द यस बैंक के खाताधारक अखिलेश द्विवेदी का है। इसी तरह की परेशानी लाजवंती आसुदानी, बबीता राय, मीना पाटिल सहित कई खाताधारकों ने एमपी नगर जोन वन स्थित यस बैंक के सामने पत्रिका को बताई। ग्राहकों की परेशानी उस समय और बढ़ गई जब उनके खाते में जमा पैसे भी नहीं दिए जा रहे थे।


इस कारण अचानक बन गई स्थिति
भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक पर पाबंदी लगा दी। इसकी खबर लगते ही बड़ी संख्या में ग्राहक बैंक की तरफ भागे। उनसे कहा गया कि एक - दो दिन में पैसा मिल जाएगा। जबकि रिजर्व बैंक ने 50,000 रुपए तक की निकासी की बात कही है।

पैसे सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया जा रहा

यस बैंक की राजधानी भोपाल में तीन शाखाएं है। इनमें हमीदिया रोड, बिट्ठन मार्केट एवं एमपी नगर जोन वन में शाखाएं संचालित हो रही है। इस बैंक के बारे में बताया जाता है कि यहां ज्यादातर लोगों ने ऊंची ब्याज दर की अपेक्षाओं के चलते लाखों- करोड़ों रुपए की एफडी करवा रखी है। लेकिन शुक्रवार को किसी भी ग्राहक को पैसे नहीं मिले, बल्कि उन्हें एक-दो दिन का आश्वासन दिया जाता रहा। इतना ही नहीं बैंक के इक्का-दुक्का संचालित एटीएम से भी पैसा नहीं निकला। हालांकि, सरकार की ओर से बार-बार खाताधारकों को पैसे सुरक्षित रहने का भरोसा दिलाया जा रहा है।

बैंक ने नहीं की बात
इस मामले को लेकर एमपी नगर में यस बैंक के ब्रांच मैनेजर से लेकर स्टॉफ तक बात करने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने जनसंपर्क का काम देखने वाली स्वाति सिंग का नंबर उपलब्ध कराया, लेकिन उन्होंने फोन बंद रखा था।

मैंने अपनी तीन-चार पार्टियों को चेक दे रखे हैं, यदि वे बैंक में लगा देगें और क्लीयर नहीं हुए तो मैं चेक बाउंस हो जाएंगे।
अखिलेश द्विवेदी, कांटे्रक्टर

मैंने बैंक में एफडी करवा रखी है। 50 हजार रुपए तक निकालने का बोल रहे हैं, वह भी नहीं दे रहे। अब मुझसे कहा जा रहा है कि हमीदिया रोड वाली शाखा में जाइए। मेरा पैसा है और मुझे ही परेशान किया जा रहा है।
लाजवंती आसुदानी, गृहिणी

यस बैंक में मैंने एफडी करवा रखी है। बैंक बंद होने की खबर सुनकर मैं यहां आई तो पैसे नहीं दिए जा रहे। कल आने का बोल रहे हैं। परेशान हो रही हूं।
बबिता राय, छात्रा


मेरा यस बैंक में पिछले दो साल से खाता है। अब तक कोई परेशानी नहीं आई लेकिन आज पैसे निकालने पर नहीं दिए जा रहे। सरकार ने 5 लाख तक की राशि इंश्योर्ड होने को कहा है लेकिन अब पैसे को लेकर चिंता हो रही है।
अरुण राठौर, यस बैंक खाताधारक

निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से किया भंग
नकदी संकट से जूझ रहे यस बैंक को बचाने के अपने प्रयासों के तहत RBI ने यस बैंक के निदेशक मंडल को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। अब SBI के पूर्व वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार अब इसका कार्यभार संभालेंगे।

यस बैंक के लोन देने या पुराने लोन के नवीनीकरण करने, कोई निवेश करने, कोई दायित्व लेने और कोई भुगतान चुकाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।


50,000 से अधिक रुपये नहीं निकाल पाएंगे ग्राहक
इसके अलावा यस बैंक के ग्राहकों पर अकाउंट से एक महीने में 50,000 रुपये से अधिक राशि निकालने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि कुछ चुनिंदा जरूरी मामलों में इससे अधिक राशि निकाली जा सकती है

इस बीच RBI ने ग्राहकों को आश्वासन दिया कि उन्हें घबराने की कोई जरूरत नहीं है और उनके हितों की पूरी तरह से रक्षा की जाएगी। RBI ने जल्द ही बैंक को बचाने के लिए योजना पेश करने की बात कही है।

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