scriptYou must have heard the names Topi, Bam, Painter, Kala, Rad | नाम तो सुना ही होगा- ‘टोपी’,‘बम’, ‘पेंटर’, ‘काला’,‘रेडियो’, ‘बकरा’, ‘टैंकर’, ‘बघीरा’ रईस कबूतर | Patrika News

नाम तो सुना ही होगा- ‘टोपी’,‘बम’, ‘पेंटर’, ‘काला’,‘रेडियो’, ‘बकरा’, ‘टैंकर’, ‘बघीरा’ रईस कबूतर

locationभोपालPublished: Sep 04, 2023 09:00:23 pm

- अपराधियों को ये उर्फियत इनके काम के आधार पर पुलिस या लोगों ने इन्हें दी

- बरसों पुराने मामलों को लेकर अब तक पहचाने जाते हैं आरोपी

नाम तो सुना ही होगा- ‘टोपी’,‘बम’, ‘पेंटर’, ‘काला’,‘रेडियो’, ‘बकरा’, ‘टैंकर’, ‘बघीरा’ रईस कबूतर
नाम तो सुना ही होगा- ‘टोपी’,‘बम’, ‘पेंटर’, ‘काला’,‘रेडियो’, ‘बकरा’, ‘टैंकर’, ‘बघीरा’ रईस कबूतर

भोपाल. शहर में बदमाशों को ‘टोपी’,‘बम’, ‘पेंटर’, ‘काला’,‘रेडियो’, ‘बकरा’, ‘टैंकर’, ‘बघीरा’ और ‘छू’ जैसी उर्फियत से नवाजा गया है। ये उर्फियत इनके काम के आधार पर पुलिस या लोगों ने इन्हें दी है। पुलिस की एफआइआर में इनके नाम के पीछे इनकी उर्फियत को दर्ज किया जाता है। महाराष्ट्र के साथ ही भोपाल के अपराध जगत में लिप्त बदमाशों में उर्फियत का सबसे ज्यादा चलन है। पुलिस भी इन्हें अलग-अलग पहचान देने के लिए उर्फियत का इस्तेमाल करती है। कई पुराने बुजुर्ग पुराने बदमाशों ने अब अपराध के रास्ते को छोड़ दिया। अब वो शराफत की जिंदगी बसर कर रहे हैं। किसी के पास सरकारी नौकरी है, तो कोई प्राइवेट कामकाज से अपने परिवार का पेट पाल रहा है। शहर में आज भी उनकी पहचान उनकी उर्फियत से होती है।

Copyright © 2023 Patrika Group. All Rights Reserved.