चुनाव में हार-जीत पर नेताओं ने ये क्या कह दिया, पढ़कर दंग रह जाएंगे आप

- कांग्रेस-भाजपा में थम नहीं रही कलह

By: anil chaudhary

Published: 03 Jun 2019, 05:11 AM IST

भोपाल/इंदौर लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस में मची कलह थम नहीं रही है। समीक्षा बैठकों में स्थानीय नेताओं का गुस्सा फूट रहा है। हारे हुए प्रत्याशी संगठन की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एआइसीसी सचिव सुधांशु त्रिपाठी ने शनिवार और रविवार को पीसीसी में विंध्य क्षेत्र की सीधी, सतना और रीवा लोकसभा सीटों की समीक्षा की। नेताओं ने त्रिपाठी के सामने संगठन की कमजोरियां खुलकर गिनाईं। वहीं, संजय कपूर ने मालवा की लोकसभा सीटों पर बैठकें कीं। कपूर ने कहा कि कांग्रेस में कलह जैसी कोई बात नहीं है, बैठकों में नेता हार के कारण बताने के साथ सुझाव भी दे रहे हैं। भोपाल आए पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल से प्रत्याशी रहे दिग्विजय सिंह ने भी स्थानीय नेताओं के साथ हार के कारणों और कांग्रेस की कमजोरियों पर चर्चा की।
संगठन पर ऐसे फोड़ा हार का ठीकरा
1. रीवा जिले की मउगंज सीट के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बना ने कहा कि रीवा सीट पर उम्मीदवार का चयन ठीक नहीं हुआ। पूर्व विधायक सुंदरलाल तिवारी के निधन के कारण उनके पुत्र सिद्धार्थ को टिकट दे दिया गया जो हार का बड़ा कारण रहा। बना ने कहा कि संगठन ने एसी कमरों में बैठकर सर्वे कर लिया और जिताऊ उम्मीदवार उनकी नजर में ही नहीं आए। जबकि, रीवा सीट पर उनके साथ ही कई और मजबूत दावेदार थे। कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे के लिए फंड भी बहुत कम देती है। विधानसभा चुनाव में उनको सिर्फ 20 लाख रुपए दिए गए, जबकि पिछले चुनाव में 50 लाख रुपए दिए गए थे। संगठन की कार्यप्रणाली के कारण विंध्य में कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर होता जा रहा है। उन लोगों ने खूब मेहनत की थी।
2. पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीधी से उम्मीदवार रहे अजय सिंह ने कहा कि हार जीत तो लगी रहती है, लेकिन लाखों से हारना संदेह पैदा करता है। इसमें जरूर ईवीएम की भूमिका नजर आती है।
3. देवास से प्रत्याशी रहे प्रहलाद टिपाणिया ने कहा कि कांग्रेस की गुटबाजी प्रमुख कारण है। टिपाणिया ने आरोप लगाया कि उनकी सीट पर सवर्ण नेताओं ने प्रचार नहीं किया। कांग्रेस में जाति को लेकर भेदभाव हुआ है।
- दिल्ली ने मांगा बूथ का रेकॉर्ड
एआइसीसी ने प्रदेश कांग्रेस से बूथ वार वोटिंग का रेकॉर्ड मांगा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से आए सर्कुलर में पार्टी को सभी 29 सीटों का पूरा वोटिंग रेकॉर्ड भेजने को कहा गया है। साथ ही हिदायत दी गई है कि सात जून तक ये पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से भेजें। दिल्ली में इस रेकॉर्ड के आधार पर प्रमुख नेताओं की भूमिका तय की जाएगी। पार्टी ये भी देखेगी कि कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक वाले बूथों पर भी इस बार उसकी हार क्यों हुई है।

 

भाजपा सांसद गणेश सिंह बोले- चुनाव में बेईमानी करने वाले मेरे पास न आएं
सतना. धन्यवाद सभा में भाजपा सांसद गणेश सिंह ने कड़ी टिप्पणी की है। गणेश सिंह ने कहा कि चुनाव में बेईमानी करने वाले गलती से भी मेरे पास नहीं आएं, अगर आएंगे तो मुझसे कुछ गलत शब्द निकल जाएगा। गणेश सिंह ने रविवार को नागौद में धन्यवाद सभा के दौरान उन कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई जिन्होंने चुनाव के दौरान विरोधी दलों का साथ दिया था।
गणेश सिंह ने कहा कि जिन्होंने भाजपा का चादर ओढ़कर दूसरे दल का काम किया है, वे यह नहीं सोचें कि मैं कुछ नहीं जानता। अपने क्षेत्र की गली-गली जानता हूं। एक-एक मतदान केंद्र की जानकारी मेरे पास है। यह पार्टी विचारधारा से चलती है। पार्टी में बड़ा भी है, छोटा भी है। आप सोचते हो कि बेईमानी करोगे, जाति विरादरी के नाम पर आम लोगों को भ्रमित करोगे तो यह नहीं चलेगा। पूरे भाषण के दौरान वे भितरघातियों को लेकर हमलावर रहे, लेकिन उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उनके बोलने का लहजा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। सांसद इससे पहले कभी भी सार्वजनिक मंचों से पार्टी विरोधियों को लेकर कुछ नहीं बोले।

anil chaudhary Desk
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