1 अप्रैल 2020 से महंगा हो जाएगा आपका मकान, जानिये क्या होंगे नए रेट

- एक अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
- 800 रु. से बढ़कर 1200 रु. वर्गफीट हो जाएगी निर्माण लागत...
- शहरों में 50% बढ़ी...

भोपाल। महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए एक परेशान करने वाली बात सामने आ रही है। जिसके चलते लोगों का घर का सपना मुश्किल में पड़ सकता है।

दरअसल सामने आ रही जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्री के लिए मकान की कंस्ट्रक्शन कॉस्ट सीधे 50% बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को वाणिज्यिककर विभाग ने एक आदेश जारी कर दिया है, जिसके के मुताबिक शहरों में निर्माण लागत (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) जो अभी ₹800 प्रति वर्ग फीट है, वह एक अप्रैल से ₹1200 वर्गफीट हो जाएगी।

वहीं नगर निगम सीमा से सटे इलाकाें में भी इसमें वृद्धि होगी, जिसके तहत अब तक पड़ने वाली ये लागत ₹900 से बढ़कर ₹1100 (22.22%), वहीं नगर पालिका क्षेत्र में ₹800 से ₹950 (18.75%) और नगर परिषद में ₹500 से बढ़कर ₹600 (20%) प्रति वर्ग फीट हो जाएगी।

1 अप्रैल 2020 से महंगा हो जाएगा आपका मकान, जानिये क्या होंगे नए रेट

ये है तर्क...
पंजीयन विभाग से सामने आ रही जानकारी के अनुसार इस साल प्रदेश में कहीं भी प्रॉपर्टी की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। ऐसे में पुरानी रजिस्ट्री पुरानी कीमतों में ही होगी। चुकिं पिछले साल सरकार ने प्रॉपर्टी की कीमतें 20% घटा दी थीं ऐसे शहरी क्षेत्र में निर्माण लागत भी ₹1000 से घटकर ₹800 प्रति वर्गफीट हो गई थी। इससे सरकार को राजस्व में घाटा हो रहा था।


क्यों बढ़ाईं लागत दर : बताया जाता है कि सरकार ने पंजीयन विभाग को इस बार ₹6500 करोड़ रु. राजस्व का टारगेट दिया है। सूत्रों के अनुसार अभी तक विभाग सिर्फ ₹5300 करोड़ ही जुटा पाया है। ताजा फैसले से हर साल करीब ₹100 करोड़ आय होगी।

डेवलपमेंट के लिए राजस्व की जरूरत...
वहीं कांग्रेस में चर्चा यह भी है कि यह दूसरा साल है जब कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें नहीं बढ़ा रहे हैं। लेकिन कंस्ट्रक्शन कास्ट बढ़ाना जरूरी हो गया। चूंकि सरकार को विकास के लिए पैसा चाहिए, ऐसे में इसको देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

वहीं इन नए रेट्स का विरोध करते हुए जिला स्तरीय मूल्य वृद्धि विरोध समिति का कहना है कि इतनी बढ़ोतरी ठीक नहीं है, क्योंकि इसका सीधा भार आम लोगों पर पड़ेगा।

समिति के अनुसार सरकार को अचानक से इतनी कीमतें नहीं बढ़ानी चाहिए, वैसे ही पिछले साल सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन में कीमतें 20 फीसदी कम की थी। शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां पर कीमतें और कम होना चाहिए।

ऐसे समझें क्या पड़ेगा असर effects of new rates ...

: 750 वर्ग फीट पर असर : निर्माण ₹37.5 हजार बढ़ा।

- 1000 वर्गफीट के प्लॉट में वर्तमान : भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन से 1000 वर्गफीट के प्लॉट की कीमत ₹20 लाख है। इसका कंस्ट्रक्शन एरिया 750 वर्गफीट होता है, ऐसे में ₹800 रु. वर्गफीट के हिसाब से इसकी निर्माण लागत ₹6 लाख आती है।

ऐसे में घर की कुल कीमत ₹26 लाख पड़ती हुई । वहीं इस पर रजिस्ट्री खर्च 12.5% के हिसाब से ₹3.25 लाख रुपए होता है।

- 1 अप्रैल से अब ये होगा असर: : कलेक्टर गाइडलाइन पुरानी रहेगी, लेकिन प्रति वर्ग फीट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट वृद्धि के साथ ₹1200 हो जाएगी। जिसके चलते कंस्ट्रक्शन लागत ₹9 लाख होगी। यानि अब उसी 26 लाख वाले घर की कीमत 29 लाख पहुंच जाएगी। 12.5% के हिसाब से रजिस्ट्री का खर्च होगा ₹3.625 लाख रुपए।

इन पर कोई असर नहीं: इस पूरे मामले में सबसे खास बात ये है कि नई कंस्ट्रक्शन कॉस्ट केवल आरसीसी निर्माण पर ही लागू होंगी। अन्य आरबीसी, फर्शी की छत, टीन शीट, अंग्रेजी टाइल्स वाली छत, कच्चा और कवेलू के घर पर नई दरों का कोई प्रभाव नहीं होगा।

दीपेश तिवारी
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