Zika Virus : अब यहां मिले तीन संदिग्ध मरीज, ऐसे रखें खुद को सेफ

Zika Virus : अब यहां मिले तीन संदिग्ध मरीज, ऐसे रखें खुद को सेफ

Deepesh Tiwari | Updated: 08 Nov 2018, 03:02:53 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

एम्स भोपाल में इलाज के बाद दी छुट्टी...

भोपाल। राजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश में भी जीका वायरस का प्रकोप छाना शुरू हो गया है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दिनों जीका वायरस के प्रकोप के चलते मध्यप्रदेश के नागरिकों को भी जीका वायरस का डर सताने लगा था, जिसके चलते राजस्थान से सटे मध्यप्रदेश के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया था।

वहीं अब मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जीका वायरस के तीन संदिग्ध मिले हैं। ये संदिग्ध कोलार, गौतम नगर और अवधुपरी में मिले हैं। वहीं एम्स भोपाल में इलाज के बाद इनकी छुट्टी कर दी गई है।

एम्स भोपाल में हुई जांच में पुष्टि के बाद फाइनल जांच के लिए इनके नमूने एनआईवी पुणे भेजे गए हैं। अब इन कॉलोनियों के तीन किमी के दायरे में लार्वा सर्वे और मच्छर मारने का काम शुरू किया जाना है।

ऐसे फैलता है जीका वायरस...
यह वायरस डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की ही तरह मच्छरों से फैलता है। यह एक प्रकार का एडीज मच्छर ही है, जो दिन में सक्रिय रहते हैं।

अगर यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काट लेता है, जिसके खून में वायरस मौजूद है, तो यह किसी अन्य व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकता है। मच्छरों के अलावा असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित खून से भी जीका बुखार या वायरस फैलता है।

यहां मिला था पहला मरीज...
वहीं शहर में जीका का पहला मरीज पिछले सोमवार को चार इमली में मिला था। इसके बाद यहां से तीन किमी के दायरे में लार्वा सर्वे शुरू किया गया था। अभी इस क्षेत्र में सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ था कि तीन और मरीज सामने आ गए।

सिर्फ एक ने की थी राजस्थान की यात्रा...
शहर में अभी तक मिले जीका के एक कंफर्म और तीन संदिग्ध मरीजों में सिर्फ एक ने राजस्थान की यात्रा की थी। बाकी तीन कहीं नहीं गए फिर भी बीमारी की चपेट में आ गए। तीन नए संदिग्धों में गौतम नगर की रहने वाली एक महिला कुछ दिन पहले राजस्थान से लौटी थी। अब वह फिर बैंगलुरू चली गईं हैं।

ये है समस्या...
कर्मचारियों की कमी के चलते सर्वे में काफी समय लगेगा। तब तक दूसरी कॉलोनियों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। तीनों कॉलोनियों व आसपास सर्वे के लिए कम से कम 400 टीमें चाहिए, पर सोमवार को सिर्फ 125 टीमों ने ही काम किया। इनमें कुछ टीमें डेंगू प्रभावित इलाकों में भी लगाई गईं।

जानिये क्या है जीका वायरस
यह वायरस एडीज, एजिप्‍टी और अन्‍य मच्‍छरों से फैलता है। ये मच्छर चिकनगुनिया और डेंगू भी फैलाते हैं। वहीं अभी तक इसकी कोई दवाई मौजूद नहीं है।

ये हैं लक्षण:
- बुखार ।
- जोड़ो का दर्द ।
- शरीर पर लाल चकत्‍ते ।
- थकान ।
- सिर दर्द ।
- आंखों का लाल होना ।

जीका वायरस से बचने के घरेलू उपाय...
डॉ. राजकुमार के अनुसार जीका वायरस से बचने के लिए अभी तक इसकी कोई दवाई मौजूद नहीं है। ऐसे में इससे बचाव का सबसे सटीक तरीका खुद का मच्छरों से बचाव ही है।
- मच्छरों से दूर रहना ही इससे बचने का सबसे कारगर उपाय है । इसलिए मच्छरों के काटने से बचने के लिए रेप्लेंट क्रीम, मच्छरदानी, आदि का प्रयोग करें।
- अगर इससे जुड़े किसी भी प्रकार का लक्षण देखने को मिले तो तुरंत ही किसी डॉक्टर से मिलें ।
- किसी भी ऐसी Medicine दवा का सेवन किसी Doctor से Concern करने से पहले न करे जो की दर्द और बुखार से राहत देता हो ।

- लक्षणों से राहत पाने के लिए, आराम करें।
- पानी का सेवन करें जिससे डीहाईड्रेशन न हों।
- लोगों को और विशेषकर गर्भवती महिलाओं को उन स्थानों की यात्रा से बचना चाहिए जहां पर इसका संक्रमण फैला हुआ है। इसलिए कही भी यात्रा करने से पहले इसका खासकर ध्यान रखें।
- समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिडकाव कराये|
- बार-बार हाथ-पैर धोये। किसी भी प्रकार की गन्दगी ना रखे ना ही होने दे।
- बाहर के पैकिंग खाद्य पदार्थो का उपयोग ना करे।
- किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरते, विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं व नवजात शिशु और उनकी माता।
- किसी भी जगह पानी इक्ट्ठा नहीं होने दें।
- मच्छरों को पनपाने वाली झाड़ियों को आसपास न पनपने दें।
- खुद को मच्छरों के काटने से बचाएं |
- वैसे तो ये मच्छर मुख्य रूप से दिन में प्रभावी माने जाते हैं, लेकिन रात को सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग करना ज्यादा सुरक्षित है।

वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार डेंगू मरीजों की संख्या भी शहर में लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को अलग-अलग लैब में 43 संदिग्ध मरीजों में डेंगू की जांच की गई। इनमें 19 संक्रमित पाए गए। इसी तरह से चिकनगुनिया के 3 मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है।

प्राकृतिक बचाव के तरीके!...
जानकारों का मानना है कि भले ही जीका वायरस से संबंधित अब तक किसी दवाई का निर्माण नहीं किया गया हो, लेकिन प्रकृति की ओर से हमें तकरीबन हर बीमारी से बचाव की चीजें दी गई हैं। भले ही ये चीजें हमारे स्वास्थ्य में पूरी तरह से सुधार न करें लेकिन लाभ जरूर देतीं है। ऐसे में जीका वायरस से बचाव या उपचार के तौर पर कुछ प्राकृतिक चीजों को खास मददगार माना जाता है।

1. लहसुन : लहसुन जीका के लिए एक अच्छा उपाय हो सकता है, क्योंकि लहसुन में एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो वायरल, बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण से लड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।

लहसुन में पाया जाने वाला एक सक्रिय घटक एलिसिन आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करने और मांसपेशियों में दर्द और बुखार से निपटने में सहायता कर सकता है। आप इसे अपने दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं।

2. पपीते के जूस: पपीता एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर है। आप अपनी प्रतिरक्षा को बढ़ाने, रक्त में प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने और संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए पपीते के जूस का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें शक्तिशाली एंजाइम जैसे पपेन पाया जाता है, जो आपकी उपचार करने में मदद कर सकता है।

ध्यान रखें- गर्भवती महिलाओं के लिए पपीता का रस अनुशंसित नहीं है। यह उनके भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है। तो, गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए।

3. विटामिन सी: शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी और कीवी जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन सी से भरपूर होते हैं और ये एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं, यह सफेद रक्त कोशिका उत्पादन में वृद्धि करते हैं, इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं और आपके क्षतिग्रस्त शरीर के अंगों की मरम्मत करते है।

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