सीबीआइ ने खाद्यमंत्री पात्रा के बेटे को अर्थतत्व के लिए 50 फ्लैटों की बिक्री की दलाली के आरोप में तलब किया

सीबीआइ ने खाद्यमंत्री पात्रा के बेटे को अर्थतत्व के लिए 50 फ्लैटों की बिक्री की दलाली के आरोप में तलब किया
file photo cbi

| Publish: Jul, 14 2018 03:33:07 PM (IST) Bhubaneswar, Odisha, India

सीबीआइ ने सहकारिता एवं खाद्य आपूर्ति उपभोक्ता कल्याण मंत्री सूर्यनारायण पात्रा के बेटे विप्लब पात्रा को पूछताछ के लिए तलब किया है। अबकी मामला कटक के नखरा क्षेत्र में 50 फ्लैटों की बिक्री का है

(महेश शर्मा की रिपोर्ट)
भुवनेश्वर। सीबीआइ ने सहकारिता एवं खाद्य आपूर्ति उपभोक्ता कल्याण मंत्री सूर्यनारायण पात्रा के बेटे विप्लब पात्रा को पूछताछ के लिए तलब किया है। अबकी मामला कटक के नखरा क्षेत्र में 50 फ्लैटों की बिक्री का है। यह मामला भी अर्थतत्व चिटफंड कंपनी से जुड़ा बताया जाता है। सीबीआइ ने बीते बुधवार को उससे अर्थतत्व ग्रुप की रकम से कंप्यूटर खरीद के मामले में पूछताछ की थी। सीबीआइ ने सभी 50 फ्लैट सील कर दिए हैं। सीबीआइ के अनुसार इन फ्लैटों की खरीद और बिक्री का काम अर्थतत्व ने किया था। विपल्ब उसमें लिप्त बताया जाता है। उसकी दलाली में इन फ्लैटों की बिक्री हुई थी। मंत्री सूर्य नारायण पात्रा का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की गतिविधियों की जानकारी नहीं है। मालूम हो कि वह कल तक बेटे को निर्दोष बता रहे थे।

 

बीजद के कई विधायक आरोपों में हैं घिरे


मयूरभंज के बीजद सांसद रामचंद्र हंसदा तीन साल बाद जमानत पर छूटे हैं। विधायक प्रभात त्रिपाठी भी जमानत पर बाहर हैं। कटक-चौद्वार विधायक प्रभात बिस्वाल को भी जमानत बीते हफ्ते मिली है। ये सब नवीन पटनायक की परेशानी का सबब हैं। हालांकि उन पर भी चुनावी चंदा को लेकर झूठा हलफनामा चुनाव आयोग में देने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। बीजद के पूर्वमंत्री विधायक संजयदास वर्मा और बालासोर सांसद रवींद्र जेना भी चिटफंड घोटाले के कारण जांच के दायरे में हैं। ये कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो बीजू जनता दल की तिलमिलाहट का कारण बनी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो चुनाव तक क्लीन चिट न मिली तो इन नेताओं समेत अन्य दागियों का पत्ता साफ हो सकता है। पटनायक ने कुछ दागियों को मंत्रिपद से हटा दिया है।

 

बीजद का भाजपा पर आरोप


बीजद का आरोप है कि भाजपा के इशारे पर सीबीआइ की सक्रियता बढ़ी है। भाजपा ओडिशा में संदेश देना चाहती है कि बीजद के लोग भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हैं। राज्य में 24 चिटफंड कंपनियां सीबीआइ के शिकंजे में हैं। 20 पर जांच हो रही है। लोगों का कुल 25 हजार करोड़ रुपया फंसा बताया जाता है। अदालत ने अर्थतत्व ग्रुप के एक और निदेशक मनोज पटनायक चार साल की कैद और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चिटफंड कंपनी अर्थतत्व को 250 करोड़ रुपए जमा करने के भी निर्देश दिए। रकम जमा न करने पर संपत्ति जब्त की जाएगी। सेठी और पटनायक ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था। प्रदीप सेठी 13 मई 2013 से जेल में हैं। प्रवर्तन निदेशालय ओडिशा की चिटफंड कंपनी अर्थतत्व समूह की 23 करोड़ की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक इस कंपनी की इस प्रकार कुल 107 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। अर्थतत्व कंपनी पर जनता का 12 सौ करोड़ रुपया डकारने का आरोप है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत प्रवर्तन निदेशालय जांच व कार्रवाई कर रहा है। सीबीआइ जांच सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर की जा रही है।

 

 

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