Chandrayan-2: चन्द्रमा पर हो सकती है प्लैटिनम-पैलेडियम जैसी कीमती धातु

Chandrayan-2: चन्द्रमा पर हो सकती है प्लैटिनम-पैलेडियम जैसी कीमती धातु
चन्द्रमा पर हो सकती है प्लैटिनम-पैलेडियम जैसी कीमती धातु

Yogendra Yogi | Updated: 21 Sep 2019, 05:09:01 PM (IST) Bhubaneswar, Khordha, Odisha, India

Chandrayan-2:चन्द्रमा सिर्फ तीज-त्यौहारों पर पूजने तक सीमित नहीं रहने वाला बल्कि वैज्ञानिकों की निगाहें वहां कीमती धातुओं ( Valuable Material ) की खोज में भी लगी है। अनुमान है कि चंद्रमा पर हीलियम-3, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसे मूल्यवान पदार्थ हो सकते हैं।

Chandrayan-2:भुवनेश्वर (महेश शर्मा ), चन्द्रमा सिर्फ तीज-त्यौहारों पर पूजने तक सीमित नहीं रहने वाला बल्कि वैज्ञानिकों की निगाहें वहां कीमती धातुओं की खोज में भी लगी है। अनुमान है कि चंद्रमा पर हीलियम-3, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसे मूल्यवान पदार्थ ( Valuable Material ) हो सकते हैं। चन्द्रयान-२ के ऑर्बिटर से ऐसी ही धातुओ को खोजने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि चन्द्रयान-१ से चन्द्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चला था। इसके बाद से ऐसी खोज को लेकर चन्द्रयान-२ से उम्मीदे बढ़ी हैं।

चंद्रयान-२ की कामयाबी ९८ प्रतिशत रही
भारतीय अंतरिक्ष रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Isro) के रॉकेट मैन ( Rocket Man ) कहे जाने वाले इसरो चेयरमैन डॉ.के.सिवन ने फिर वही दावा दोहराया कि चंद्रयान-2 की कामयाबी 98 प्रतिशत रही। लैंडर विक्रम से अब तक संपर्क नहीं हो पाया। इसमें कहां पर गलती हुई, इस पर रिसर्च जारी है। विशेषज्ञों की एक राष्ट्रीय स्तर की कमेटी इसकी छानबीन करेगी। लैंडर विक्रम के बारे तथ्य मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।

अगले साल गगयान कार्यक्रम
डा.सिवन यहां मीडिया से मुखातिब थे। वह आईआईटी भुवनेश्वर के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने आए थे। उन्होंने कहा कि अगला साल भारत का गगनायन ( Gaganyan ) कार्यक्रम शुरू होने वाला है। आजकल उसी पर फोकस है। इस पर अंतिम फैसला अगले साल ही ले लिया जाएगा।

आर्बिटर ७ साल तक परिक्रम करेगा
गौरतलब है कि चंद्रयान-1 से चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चला था। अब चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से कई उम्मीदें हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि चंद्रमा पर हीलियम-3, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसे मूल्यवान पदार्थ हो सकते हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो आर्बिटर पहले से निर्धारित एक साल की तुलना में सात साल तक चांद की परिक्रमा करके प्रयोगों को अंजाम देता रहेगा।

प्रतिभावान सम्मानित
दीक्षांत भाषण में डा.सिवन आईआईटी भुवनेश्वर के 8वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित किया और विज्ञान की देश और समाज में उपोगिता पर प्रकाश डाला। उनके पहुंचते ही छात्र छात्राओं ने उनका करतल ध्वनि से स्वागत किया। आईआईटी निदेशक प्रो.आरबी राजाकुमार के अनुसार इस वर्ष तीन छात्रों को स्वर्ण पदक तथा 15 छात्रों को रजत पदक मिले। बीटेक छात्र सोहन महापात्रा को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, एमटेक छात्र राहुल दास और एमएससी छात्र अनुभव नाथ को निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।

डिग्री भी बांटी
इसी प्रकार बीटेक पाठ्यक्रम के विभिन्न विभाग में सोहन महापात्रा, गोंथगुनटाल, निहारिका, इंद्रा सिंह धाकर, गौरव विशाल, चौधुरी ऋषिकेश, उमेश एवं एमटेक में राहुल दास, अभिषेक परीडा, श्रीजा मुखर्जी, अनंत दत्त, पी.अभिषेक, स्पंदन डे, एमएससी में एम.अनुभव नाथ, शर्मिष्ठा डे, कौशिक, नागेश्वर जायसवाल, सुजय नंदी को पदक दिया गया। इसके अलावा 36 छात्र-छात्राओं को पीएचडी डिग्री, 105 छात्रों को एमएससी एवं 152 छात्र छात्राओं को बीटेक डिग्री दी गयी।

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