ओडिशा का नसीब बना चक्रवात, कईं बार मची है तबाही, कोरोना काल में Cyclone Amphan ने डराया

Cyclone Amphan: राज्य के सबसे तबाही मचाने वाला 1999 सुपर साइक्लोन को भला कौन भूला (Many Cyclone Destroyed Odisha In Past Years) होगा (Cyclone In Odisha)...

By: Prateek

Published: 18 May 2020, 10:03 PM IST

महेश शर्मा
भुवनेश्वर: ओडिशावासियों की किस्मत में है चक्रवाती तूफान से तबाह होना और फिर अगले तूफान के लिए उठकर खड़े हो जाना। यह दुर्भाग्य लगता है कि राज्य के अस्तित्व में आने के साथ ही शुरू हो गया था। हर चक्रवाती तूफान तबाही का मंजर छोड़ जाता है। बीते साल इसी महीने फॉनी चक्रवात ने जमकर तबाही मचाई थी। बर्बाद लोग अभी उबरे भी नहीं होंगे उनकी आंखों में वह मंजर अभी भी ठीका हुआ है। इसी बीच नया अम्फान चक्रवात नया संकट बनकर उनके सामने खड़ा है। कोरोना काल में यह सब और भी भयावह दिखाई देता है।

1999 सुपर साइक्लोन...

राज्य के सबसे तबाही मचाने वाला 1999 सुपर साइक्लोन को भला कौन भूला होगा। कहा जा रहा है कि 1999 के सुपर साइक्लोन के बाद यह अम्फान दूसरा सुपरसाइक्लोन होगा। सात जिलों में भारी बारिश और तेज गति से हवाएं चलेंगी। सुपर साइक्लोन के खौफ से आज भी ओडिशा नहीं उबर पाया। अब तो चक्रवाती तूफान हर साल आने लगा है। सुपर साइक्लोन अक्तूबर 1999 में आया था। इस साइक्लोन ने 10 हजार लोगों को लील लिया। जगतसिंहपुर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था।

2013 में फैलिन...

सुपर साइक्लोन 260 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पारादीप में लैंडफाल किया था। कई मीटर ऊंची लहरों ने लोगों को संभलने का मौका दिए बिना ही तटवर्ती गांवों को लील गयीं थी। ओडिशा में 9887 लोगों की मौत हुई और 4.44 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। इसे बीसवीं सदी का सबसे प्रलयंकारी तूफान माना गया। तटीय क्षेत्र में आश्रयस्थल और चेतावनी डिवाइस तभी लगाया गया था। इसके बाद 2013 में फैलिन तूफान ने सुपर साइक्लोन की यादें ताजा कर दीं। यह भी अक्टूबर मे ही आया था। इसकी तीव्रता 215 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। सावधानी के चलते फैलिन में 44 लोगों की ही मौत हुई थी।

2014 में हुड़हुड़, 2019 में फॉनी...

आपदा प्रबंधन में ओडिशा सरकार की चौतरफा तारीफ की गई थी। हालांकि इसमें 394 बिलियन डालर का नुकसान हुआ था। इसके बाद 2014 में हुड़हुड़ चक्रवात आया था। पूर्ववर्ती तूफानों से थोड़ा छोटा बताया जाता था। मगर गति 185 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। इसके 2018 में तितली समुद्री तूफान आया जिसने गंजाम और गजपति में तबाही मचाई थी। इसके प्रभाव से 50 लोगों की मौत हो गई थी। आवागमन और संचार व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। तीन मई 2019 को फॉनी चक्रवात आया जिसने 14 जिलों पर असर डाला। इस तूफान के दौरान मरने वालों की अधिकारिक तौर पर 64 की संख्या बताई गई। फॉनी का लैंडफाल पुरी समुद्र तट पर हुआ था। हालांकि पहले से राहत बचाव अभियान के कारण भारी संख्या में लोगों की जान बचा ली गई थी। अब देखिये अम्फान क्या कहर बरपाता है।

Show More
Prateek Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned