Jagannath Rath Yatra 2020: मौसी के घर 'गुंडिचा मंदिर' के लिए रवाना हुए महाप्रभु, Live देख सकते हैं श्रद्धालु

भगवान जगन्नाथ की माया देखिए आखिरकार रथयात्रा को अनुमति मिली और भक्तों की मनोकामना भी पूरी हुई (Historical Puri Jagannath Rath Yatra 2020 Started) (Puri Jagannath Rath Yatra 2020 Live) (Odisha News) (Puri News) (Bhubaneswar News) (Jagannath Rath Yatra Update) (Jagannath Rath Yatra 2020 Live)...

By: Prateek

Updated: 23 Jun 2020, 12:35 PM IST

पुरी: Coronavirus के दौर में मानव को एक अलग ही मंजर दिखाया है। इस दौरान कई ऐतिहासिक घटनाक्रम भी हुए। भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के भक्तों को भी क्या पता था कि इस बार वह रथ यात्रा (Puri Jagannath Rath Yatra 2020) में भाग नहीं ले पाएंगे। लेकिन महामारी के इस दौर में परंपरा को बनाए रखने और भक्तों की रक्षा के लिए ऐसा करना आवश्यक है। महाप्रभु और जगन्नाथ संस्कृति भी हमें विश्वकल्याण की ही शिक्षा देते है। इसी बीच रथयात्रा शुरू हो चुकी है।

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अनुमति मिलने के बाद खुशी की लहर दौड़ी...

लगभग तीन महीने से रथयात्रा की तैयारियां चल रही थी। लेकिन इस बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि इस बार रथयात्रा का स्वरूप क्या होगा? इसी बची सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी आया कि इस बार दुर्भाग्यवश यात्रा को अनुमति नहीं मिल पाएगी। लेकिन भगवान जगन्नाथ की माया देखिए आखिरकार रथयात्रा को अनुमति मिली और भक्तों की मनोकामना भी पूरी हुई।

पूरी सख्ती...

सुप्रीमकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद रथों को श्रीमंदिर के समक्ष लाया गया। इससे पहले 36 घंटे के लिए पुरी में लॉकडाउन लागू कर दिया गया। श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर तक धारा 144 लागू की गई। ग्रांड रोड (बड़दंड) को जाने वाली हर गली को सील कर दिया गया। बताया गया है कि बीते कोई ढाई हजार वर्ष से भी अधिक रथयात्रा के इतिहास में पहली बार ऐसा अवसर आया कि भक्तों के बिना भगवान रथ पर निकले हैं।

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(Puri Jagannath Rath Yatra 2020 Live)

क्रेडिट:— दूरदर्शन

लेकिन इस बार रथयात्रा का जो स्वरूप देखने को मिला उसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। सवेरे से ही भगवान जगन्नाथ की रीति नीति शुरू हो गई। मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान मंदिर से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं लेकिन इस बार भक्तों को यह सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पाया। लेकिन भक्त तो इस बात से भी खुश है कि अंतत: भगवान रथ पर सवार होकर यात्रा तो कर सकेंगे। और फिर तकनीकी दौर में लाइव प्रसारण पाकर भी भक्त खुद को धन्य समझ रहे हैं।


मौसी के घर जाएंगे महाप्रभु...

कोरोना टेस्ट नेगेटिव के बाद ही तीनों रथों को गुंडिचा मंदिर तक ले जाने के लिए 1172 सेवायतों को अनुमति दी गई है। एक रथ को 500 लोग सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए खींचेंगे। वहां पर मौजूद जरूरी लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, सेनीटाइजर, मास्क अनिवार्य है। भगवान जगन्नाथ, अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ लगभग ढ़ाई किलोमीटर की दूरी तय कर मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक जाएंगे। इस रथयात्रा को देखने के लिए देशविदेश से लगभग 10 से 12 लाख लोग पुरी आते हैं। कुल नौ दिन का उत्सव होता है। सात दिन मौसी के घर रुकने के बाद आठवें दिन फिर अपने श्रीमंदिर पहुंचेंगे। दोनों मंदिरों के निकट किसी को भी आने की अनुमति नहीं हैं।

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