जमीन के झगड़े में पूजा-प्रसाद को तरसे भगवान!

जमीन के झगड़े में पूजा-प्रसाद को तरसे भगवान!
जमीन के झगड़े में पूजा-प्रसाद को तरसे भगवान!

Nitin Bhal | Updated: 03 Sep 2019, 07:21:22 PM (IST) Bhubaneswar, Khordha, Odisha, India

Lingaraj Temple: दुनियाभर में विख्यात ओडि़शा के शिव मंदिर के भगवान पूजा और रोजमर्रा की रीति-नीति से आजकल वंचित हैं। देश के कोने-कोने से पूजा के लिए श्रद्धालु लिंगराज महाप्रभु...

भुवनेश्वर (महेश शर्मा) . दुनियाभर में विख्यात ओडि़शा ( Odisha ) के लिंगराज शिव मंदिर ( Lingaraj Temple ) के भगवान पूजा और रोजमर्रा की रीति-नीति से आजकल वंचित हैं। देश के कोने-कोने से पूजा के लिए श्रद्धालु लिंगराज महाप्रभु के पास आते हैं। मंगलवार को पवित्र नवान्न लागी के अवसर पर उनकी पूजा-नीति को बन्द करके रखा गया है। लिंगराज महाप्रभु को पूजा देने वाले दो नियोग ब्राह्मण नियोग व पूजापंडा नियोग की ओर से मंगलवार को एकसाथ हड़ताल कर देने की वजह से भगवान को सुबह से लेकर खबर लिखे जाने तक पानी, तुलसी तक भी चढ़ाया नहीं गया है। जिसे लेकर भक्त समुदाय में काफी रोष है। उधर दोनों नियोगों के कार्यकर्ताओं की ओर से इसके लिए मन्दिर प्रशासन व जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा गया है।

जमीन को लेकर नाराजगी

जमीन के झगड़े में पूजा-प्रसाद को तरसे भगवान!

पूजापंडा नियोग के काह्नु पूजापंडा का कहना है कि नूआगांव इलाके में लिंगराज महाप्रभु की कई एकड़ जमीन को कुछ लोगों ने जबरन फर्जी दस्तावेज बनाकर प्रभावशाली लोगों को बेच दिया हैं। जिस पर अवैध तरीके से बहु मंजिला भवन निर्माण हो चुके हैं। ब्राह्मण नियोग के महामंत्री बिरंची पति ने कहा है कि इस जमीन को वाणिज्यिक काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जमीन के मालिक महाप्रभु लिंगराज को एक भी पैसा नहीं मिल रहा है। दोनों नियोग की दबाव की वजह से मन्दिर प्रशासन ने इस जमीन पर 144 धारा के तहत निषेधाज्ञा जारी कराई थी। लेकिन कुछ लोग निषेधाज्ञा हटाने का भ्रम फैलाकर फिर से जमीन बेचने लगे। इस जमीन पर बहुमंजिला भवन खड़े होने लगे। जब मन्दिर प्रशासन की ओर से इस बारे में पुलिस को बताया गया तो जमीन को जबरन दखल में रखने वालों ने मन्दिर प्रशासन के अधिकारी प्रदीप कुमार साहू को जान से मार देने की धमकी दी। साहू इस बारे में स्थानीय धउली थाने में शिकायत की है। पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नियोग के सदस्यों का कहना है कि कई बड़े लोग इस जमीन को लेकर वहां अपना अपना भवन खड़े कर रहे हैं।

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