'पद्मश्री' के बाद भी दाने-दाने को मोहताज है केनाल मैन दइतरी नायक

( Odisha Canal Man ): दइतरी नाइक ( Daitari Nayak ) ने चार साल कड़ा संघर्ष कर गॉनसिका पहाड़ ( Goncica mountain ) से तीन किलोमीटर पानी पहुंचाने का रास्ता निकाल दिया, पर आज दइतरी नायक ( Canal Man Daitari Nayak ) की जिंदगी बिना रोजगार के बिल्कुल ख़राब है, ऐसा कहे की वह दाने—दाने के मोहताज हो गए है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ...

 

By: Prateek

Published: 25 Jun 2019, 05:31 PM IST

(भुवनेश्वर,महेश शर्मा): शब्दों के उच्चारण के दौरान उसका गला रूंध जाता है, बोल नहीं फूटते टपटप आंसू बहने लगते हैं। पिछले कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) के कहने पर ओडिशा में केनाल मैन ( Odisha Canal Man ) दइतरी नायक ( Daitari Nayak ) और चायवाला डी.प्रकाश राव ( D. Prakash Rao ) को पद्मश्री से नवाजा गया था। संघर्ष कर दइतरी नायक ( Canal man daitari nayak ) गांव तक नहर लाने में सफल रहे, इसकी एवज में उन्हें मिला पद्मश्री। वह कहते है कि पद्मश्री अवार्ड को गूंथकर दो जून की रोटी नहीं बनायी जा सकती।


क्योंझर जिले के बंसपाल ब्लाक के बैतरनी गांव के लिए दइतरी ( Canal Man Daitari Nayak ) ने चार साल में तीन किलोमीटर लंबी केनाल खोद डाली। उसके गांव में 100 एकड़ के करीब खेतीबारी गांव वाले करते है। सिंचाई के अभाव सूखा रहता है। अब फसल लहलहा रही है। दईतरी ( Daitari Nayak ) कहता है कि पद्मश्री अवार्ड ( Padmashree ) ने उसके जीवन में कोई मदद नहीं की। लोग मजदूरी में काम तक नहीं देते। वह कहता है कि अब केंदू पत्ता और आम पापड़ बेचकर पेट पालता है।

 

 

बिहार ने माउंटेन मैन दशरथ माझी जैसा धुन का पक्का व्यक्ति दिया जिसने अकेले दम पर लोगों की सुविधा के लिए पहाड़ से सड़क निकाल दी थी तो उसी की तर्ज पर ओडिशा ने दइतरी नायक के रूप में केनाल मैन दिया जिसने चार साल में गांव की 100 एकड़ खेती की सिंचाई के लिए पहाड़ पर तीन किलोमीटर लंबी नहर बना दी। उसके गांव के किसान खुश हैं। सरकार का लघु सिंचाई विभाग भी इस नहर पर चेकडैम बनाकर इसे पक्का बनाएगी।

 

 

सत्तर साल के ( Daitari Nayak ) नायक का यह कमाल लोगों की जुबान पर है। पहाड़ खोदकर नहर के लिए रास्ता बना देना आसान नहीं है। मेहनत और लगन के साथ ही उसकी हंसी उड़ाने वाले लोग भी बाद में यदाकदा मदद करने लगे। दइतरी ने गॉनसिका पहाड़ ( Goncica mountain ) से तीन किलोमीटर पानी पहुंचाने का रास्ता निकाल दिया। प्यासे क्षेत्र के लिए जलधार मिल गई। इस काम में उसे चार साल लग गये।

 

 

बंसपाल ब्लाक के बैतरनी गांव का दइतरनी को बस एक ही धुन थी कि किसी तरह उसके गांव के लोगों को खेतीबारी के लिए सिंचाई ठोस व्यवस्था हो जाए। उसकी धुन रंग लाई। उसकी खिल्ली उड़ाने लोग ही उसके पीछे आ गये। गोइनसिका पहाड़ (Goncica mountain) से जलधारा ने रास्ता बनाया तो लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

 

 

दइतरी नायक ( Canal Man Daitari Nayak ) का कहना है कि बिना सिंचाई के उसके खेत सूख रहे थे तभी से मन में ख्याल आया कि पहाड़ का पानी गांव तक ले आऊं। दूसरा विकल्प भी न था। वह अपनी धुन में लगा रहा और रोज कुछ न कुछ काम करता रहा। चार साल में परिणाम सामने आ गया। उसके पांच भाई सहयोग करते रहे। वह कहता है कि एक समय यह भी आया कि काम बहुत ज्यादा कठिन लगने लगा पर हमने हिम्मत नहीं हारी। भाई लोगों ने हौसला दिया। कुदाली, गइंती आदि उपकरणों का प्रयोग किया। दईतरी नायक कहते हैं कि पद्मश्री ( Padmashree ) देकर सरकार ने देश में पहचान दी। उसका दुख है कि वह जहां से चला था वहीं पर अटका हुआ है। दूसरे दिन नहीं मालूम खाने को मिलेगा भी कि नहीं।

 

 

दइतरी का भाई मायाधर नायक कहते हैं कि गांव खुश है। पर उसके परिवार को क्या मिला। गांव वाले कहते थे कि नहर की शक्ल बिलकुल नहर की तरह लाने का प्रयास किया जाएगा। यह प्रयास अब तक पूरा नहीं हो सका। रास्ता तो दइतरी ने दिखा दिया। इसे पक्की नहर बनाने के लिए सरकार से गुहार की। तब लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधाकर बेहरा ने कहा था कि इस नहर को स्थाई नहर की शक्ल देकर स्थाई चेकडैम बनाएंगे। सुधाकर ने दइतरी नायक की लगन और गांव वालों के सहयोग की प्रशंसा की। काम अब तक आगे नहीं बढ़ा।

 

यह भी पढे: जानिए ओडिशा के "कैनाल मैन" की मार्मिक कहानी जिन्होंने पहाड़ खोदकर निकाल दी नहर

Show More
Prateek Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned