ओडिशाःकांग्रेस व भाजपा के वाकआउट के बीच विधान परिषद गठन का प्रस्ताव पास

ओडिशाःकांग्रेस व भाजपा के वाकआउट के बीच विधान परिषद गठन का प्रस्ताव पास

Prateek Saini | Publish: Sep, 06 2018 09:17:46 PM (IST) Bhubaneswar, Odisha, India

यह प्रस्ताव पार्लियामेंट को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा...

(भुवनेश्वर): ओडिशा विधानसभा के मॉनसून सत्र में विधान परिषद के गठन का प्रस्ताव भारी मतों से पारित कर दिया गया। यह प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री विक्रम केसरी आरुख ने सदन पटल पर रखा। प्रस्ताव के रखते ही कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने हंगामा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य बीजू जनता दल में बढ़ रहे असंतोष को दबाना है। यह कहते हुए दोनों दलों के विधायक सदन से वाकआउट कर गए। विधान परिषद के गठन के प्रस्ताव के समर्थन में 104 विधायक उपस्थित थे। इससे पहले सदन में ब्लाक के टीचरों की हड़ताल पर हो हल्ला होता रहा।

 

 

यह प्रस्ताव पार्लियामेंट को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति ली जाएगी। राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक दल के ही असंतुष्टों और राज्य के प्रमुख प्रभावशाली बौद्धिक वर्ग को विधानपरिषद में समायोजित करेंगे। ओडिशा विधानसभा में सदस्यों की संख्या के अनुपात के हिसाब से 49 सदस्य तक विधानपरिषद में आ सकते हैं।

 

संबलपुर में आईआईएम के लिए राशि आवंटित

पश्चिम ओडिशा के संबलपुर में आईआईएम (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट)कैंपस की स्थापना के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे स्थानीय निवासियों के लिए राहत देने वाली खबर है। केंद्र की मोदी सरकार ने इस ओर बडा कदम बढाया है। संबलपुर में आईआईएम की स्थापना और संचालन के लिए 401.94 करोड़ रूपया मंज़ूर कर सरकार ने विशेष सौगात दी है। इससे लोगों के सपनों को पर लग गए है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुयी कैबिनेट मीटिंग में यह निर्णय लिया गया। यह फैसला आने के बाद से संबलपुर में खुशी की लहर दौड गई है। कैंपस का संचालन शुरू होने के बाद आईआईएम से मैनेजमेंट की पढाई करने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थी संबलपुर में रहकर भी अपने सपनों को आकार दे सकेंगे 2022 तक इसके भवन का काम पूरा कर लिया जाएगा ।

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