श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा:कानून व्यवस्था और जलनिकासी की समस्या को हल करने का संकल्प

श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा:कानून व्यवस्था और जलनिकासी की समस्या को हल करने का संकल्प
shree jagannath temple file photo

| Publish: Jul, 06 2018 04:35:02 PM (IST) | Updated: Jul, 06 2018 04:35:03 PM (IST) Puri, Odisha, India

ओडिशा सरकार ने श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा में कानून व्यवस्था और जलनिकासी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का संकल्प लिया

(महेश शर्मा की रिपोर्ट)

पुरी। ओडिशा सरकार ने श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा में कानून व्यवस्था और जलनिकासी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का संकल्प लिया गया। रथ यात्रा की तैयारी के लिए गठित समन्वय समिति की बैठक में महाप्रभु के भक्तों को किसी भी तरह की दिक्कत न होने देने के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने समन्वय समिति की बैठक में अब तक रथयात्रा की तैयारियों की जानकारी ली और खुद मॉनीटरिंग की।

 

मॉनसून को लेकर परेशान सरकार

 

रथयात्रा तैयारी को लेकर यह चौथी बैठक थी। बैठक में विभागीय मंत्री व अधिकारी भी थे। मॉनसून के कारण मुख्यमंत्री की चिंता जलनिकासी को लेकर थी। जरा सी बारिश में बड़दंड (श्रीमंदिर के सामने वाली सड़क) पर जलभराव से भक्तों को भारी असुविधा उठानी पड़ती है। स्नान पूर्णिमा से एक दिन पहले भारी वर्षा के कारण जलभराव रहा। जबकि भक्तों की भीड़ भी बहुत ज्यादा नहीं थी। दूसरे दिन थोड़ी बहुत जल निकासी हो सकी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के लिए स्थानीय प्रशासन, श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन, शासन स्तर पर की तैयारियों का जायजा लिया। पटनायक ने कानून और व्यवस्था को लेकर पुलिस महानिदेशक से बातचीत की। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाप्रभु जगन्नाथ के आशीर्वाद से सबकुछ बहुत अच्छा होगा।

 

चप्पे-चप्पे पर पुलिस व खुफिया संजाल

 

पुलिस महानिदेशक आरपी शर्मा ने बताया कि रथयात्रा के दौरान पुरी में 140 प्लाटून पुलिस की तैनाती रहेगी। पुरी श्रीमंदिर के बाहर 80 पुलिस अधिकारी सक्रिय रहेंगे। शर्मा ने कहा कि धार्मिक शहर पुरी में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सतर्कता रहेगी। संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए खुफिया तंत्र का जाल बिछाया जाएगा। भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी।

 

 

विरोध के कारण टली थी बैठक

 

यह चौथी समन्वय समिति की बैठक पहले तीन जुलाई को होनी थी पर सेवायतों के संगठनों द्वारा विरोध की खबर लगते ही शासन ने इसे 5 जुलाई तक मुलतवी कर दी थी और 6 जुलाई को बैठक रखी। श्रीमंदिर के सेवायत संगठनों ने जिला कलक्टर अरविंद अग्रवाल के विरुद्ध मोर्चा खोल रखा है।

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